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खेल मंत्रालय के ब्रांड अंबेस्डर बनेंगे सचिन
Dehradun
Updated Mon, 31 Dec 2012 05:30 AM IST
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मसूरी(देहरादून)। मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंदुलकर जल्द ही खेल मंत्रालय की ओर से युवाओं को प्रोत्साहित करते दिखाई देंगे। मंत्रालय ने उन्हें अपना ब्रांड अंबेस्डर बनाने का फैसला किया है। इस बारे में औपचारिक ताएं पूरी होनी अभी बाकी हैं। यह घोषणा सोमवार को यहां पहुंचे खेल एवं युवा मामलों तथा रक्षा के राज्य मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने की। उन्होंने बताया कि नए साल से पूर्व सैनिकों को भी बढ़ी पेंशन का तोहफा मिलेगा।
मंत्री सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सचिन ने वन डे से संन्यास लेते समय मंत्रालय को पत्र लिखा था कि खेल और खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन में अगर उनका कोई उपयोग हो सकता है तो वह इसके लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उनके इसी पत्र के आधार पर मंत्रालय ने सचिन को ब्रांड अंबेस्डर बनाने का फैसला किया है। कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन अवसर न मिलने के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाता। इसलिए गांव से लेकर शहर तक खिलाड़ियों को खोजने का अभियान चलाया जाएगा। हुनरमंदों को तराशने के लिए भी देश भर में 28 एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे।
श्री सिंह ने बताया कि देश के सभी जिलों में स्पोर्टस कालेजों की स्थापना की भी महत्वाकांक्षी योजना बनाई जा रही है। आईओसी के चार्टर में समानता लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माना कि इंडियन ओलंपिक एसोसियेशन के संविधान में बदलाव की जरूरत है। उन्हें आईओसी चार्टर अपनाना होगा। सालों से जमे लोगों के लिए नए मानक तय किए जाएंगे।
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मंत्री सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सचिन ने वन डे से संन्यास लेते समय मंत्रालय को पत्र लिखा था कि खेल और खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन में अगर उनका कोई उपयोग हो सकता है तो वह इसके लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उनके इसी पत्र के आधार पर मंत्रालय ने सचिन को ब्रांड अंबेस्डर बनाने का फैसला किया है। कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन अवसर न मिलने के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाता। इसलिए गांव से लेकर शहर तक खिलाड़ियों को खोजने का अभियान चलाया जाएगा। हुनरमंदों को तराशने के लिए भी देश भर में 28 एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे।
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श्री सिंह ने बताया कि देश के सभी जिलों में स्पोर्टस कालेजों की स्थापना की भी महत्वाकांक्षी योजना बनाई जा रही है। आईओसी के चार्टर में समानता लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माना कि इंडियन ओलंपिक एसोसियेशन के संविधान में बदलाव की जरूरत है। उन्हें आईओसी चार्टर अपनाना होगा। सालों से जमे लोगों के लिए नए मानक तय किए जाएंगे।
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