{"_id":"579d0ca64f1c1bdd4121e79b","slug":"the-shooter-of-rajasthan-escaped-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":" राजस्थान के शूटर ने आगरा में बना रखा था ठिकाना ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राजस्थान के शूटर ने आगरा में बना रखा था ठिकाना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
एटीएस ने राजपुर चुंगी में घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के भीलवाड़ा में 19 अप्रैल 2011 को दो कमांडो समेत तीन लोगों की हत्या कर फरार दस हजार के इनामी शूटर सूरज सिंह भदौरिया ने आगरा में ठिकाना बना रखा था। राजस्थान एटीएस ने शनिवार को सदर के राजपुर चुंगी से उसे पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि वह राजस्थान के पांच लाख के इनामी बदमाश आनंदपाल के संपर्क में था, जो कि उसे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में छिपने के लिए जगह मुहैया करा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के कोटा निवासी सूरज सिंह के भाई जितेंद्र और उसके साथी शिवराज के भाई ब्रजराज की 12 मई 2009 को चित्तौड़ में हत्या कर दी गई थी। यह हत्या गैंगेस्टर भानू प्रताप सिंह ने अपने साथियों के साथ की थी। 2011 में भानू प्रताप सिंह जेल में बंद था। उसे कमांडो वैन में उदयपुर से झालावाड़ पेशी पर ले जा रहे थे। भीलवाड़ा में सूरज सिंह ने घेरकर उनकी वैन में टक्कर मार दी थी। वैन पलटने पर पुलिस कर्मियों पर गोलियां बरसाईं थीं। इसमें दो कमांडो शहीद हो गए थे। वहीं भानू प्रताप की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने शिवराज सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। मगर, सूरज और एक अन्य नहीं पकड़े जा सके थे। सूरज पर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था। आगरा में सूरज की लोकेशन मिलने पर एटीएस ने चार दिन पहले डेरा डाल दिया। सूरज ट्रैक्टर ट्राली चला रहा था। शनिवार को एटीएम की एक टीम ने उसकी घेराबंदी कर ली। राजपुर चुंगी पर वह छोले भटूरे खाने के लिए रुका, तभी टीम ने उसे पकड़ लिया। बता दें, आनंद पाल भी सितंबर 2015 में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। 12 आईपीएस की टीम उसकी तलाश में लगी है। पकड़े गए सूरज सिंह एटीएस आनंदपाल के बारे में पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के कोटा निवासी सूरज सिंह के भाई जितेंद्र और उसके साथी शिवराज के भाई ब्रजराज की 12 मई 2009 को चित्तौड़ में हत्या कर दी गई थी। यह हत्या गैंगेस्टर भानू प्रताप सिंह ने अपने साथियों के साथ की थी। 2011 में भानू प्रताप सिंह जेल में बंद था। उसे कमांडो वैन में उदयपुर से झालावाड़ पेशी पर ले जा रहे थे। भीलवाड़ा में सूरज सिंह ने घेरकर उनकी वैन में टक्कर मार दी थी। वैन पलटने पर पुलिस कर्मियों पर गोलियां बरसाईं थीं। इसमें दो कमांडो शहीद हो गए थे। वहीं भानू प्रताप की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने शिवराज सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। मगर, सूरज और एक अन्य नहीं पकड़े जा सके थे। सूरज पर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था। आगरा में सूरज की लोकेशन मिलने पर एटीएस ने चार दिन पहले डेरा डाल दिया। सूरज ट्रैक्टर ट्राली चला रहा था। शनिवार को एटीएम की एक टीम ने उसकी घेराबंदी कर ली। राजपुर चुंगी पर वह छोले भटूरे खाने के लिए रुका, तभी टीम ने उसे पकड़ लिया। बता दें, आनंद पाल भी सितंबर 2015 में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। 12 आईपीएस की टीम उसकी तलाश में लगी है। पकड़े गए सूरज सिंह एटीएस आनंदपाल के बारे में पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन