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मशीन की फेन बेल्ट में फंसने से सिडकुल कर्मी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:10 AM IST
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रोते बिलखते परिजन
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सिडकुल की एक कंपनी में काम करने वाला श्रमिक मशीन की सफाई करते वक्त उसकी फेन बेल्ट की चपेट में आ गया। फैक्ट्री प्रबंधन श्रमिक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया, जहां डाक्टरों ने उसे एसटीएच रेफर कर दिया। हालत नाजुक होने पर यहां से भी श्रमिक को बरेली के अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। सूचना पर मृतक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री के बाहर शव को रखकर हंगामा शुरू कर दिया। फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार द्वारा मृतक के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मूलरूप से शेरगढ़ बरेली का रहने वाला उदयभान (22) पुत्र लालता प्रसाद सिडकुल सेक्टर 11 स्थित श्रीराम फाउंडरी कंपनी में काम करता था। एक साल पहले उदयभान की शादी बरेली निवासी निवासी राधा से हुई थी। दोनों पति-पत्नी ट्रांजिट कैंप के श्मशान घाट रोड पर किराए के मकान में रहते थे। सोमवार सुबह उदयभान फैक्ट्री में लगी एक मशीन की सफाई कर रहा था। इस दौरान उसका हाथ मशीन की फैन बेल्ट में फंस गया, जिसे निकालने के चक्कर में उसके सिर में भी गंभीर चोट आ गई। अन्य कर्मचारियों की सूचना पर पहुंचे फैक्ट्री प्रबंधन ने घायल उदयभान को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उसे हल्द्वानी एसटीएच रेफर कर दिया।
यहां भी हालत नाजुक होने पर उसे उपचार के लिए बरेली भेजा गया, जहां पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत की सूचना से गुस्साए श्रमिक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को फैक्ट्री के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि उदयभान के घायल होने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन उसे सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में ले जाता तो उसकी जान बच सकती थी। फैक्ट्री प्रबंधक जितेंद्र यादव और ठेकेदार ने मृतक के परिवार को छह लाख का मुआवजा देने के साथ ही मृतक की पत्नी को आजीवन छह हजार रुपए पेंशन देने का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मूलरूप से शेरगढ़ बरेली का रहने वाला उदयभान (22) पुत्र लालता प्रसाद सिडकुल सेक्टर 11 स्थित श्रीराम फाउंडरी कंपनी में काम करता था। एक साल पहले उदयभान की शादी बरेली निवासी निवासी राधा से हुई थी। दोनों पति-पत्नी ट्रांजिट कैंप के श्मशान घाट रोड पर किराए के मकान में रहते थे। सोमवार सुबह उदयभान फैक्ट्री में लगी एक मशीन की सफाई कर रहा था। इस दौरान उसका हाथ मशीन की फैन बेल्ट में फंस गया, जिसे निकालने के चक्कर में उसके सिर में भी गंभीर चोट आ गई। अन्य कर्मचारियों की सूचना पर पहुंचे फैक्ट्री प्रबंधन ने घायल उदयभान को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उसे हल्द्वानी एसटीएच रेफर कर दिया।
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यहां भी हालत नाजुक होने पर उसे उपचार के लिए बरेली भेजा गया, जहां पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत की सूचना से गुस्साए श्रमिक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को फैक्ट्री के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि उदयभान के घायल होने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन उसे सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में ले जाता तो उसकी जान बच सकती थी। फैक्ट्री प्रबंधक जितेंद्र यादव और ठेकेदार ने मृतक के परिवार को छह लाख का मुआवजा देने के साथ ही मृतक की पत्नी को आजीवन छह हजार रुपए पेंशन देने का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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