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नकली मोबिल ऑयल बनाने वाले भेजे गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:48 PM IST
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पिहानी। पिहानी पुलिस ने गुरुवार को कस्बा में संचालित नकली मोबिल ऑयल बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने धंधे से जुडे़ चार आरोपियों क ो गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। यहां पर एक दशक से नकली पेट्रोलियम पदार्थ बनाने का काम चल रहा था। लोग नकली माल ब्रांडेड कंपनियों के तय रेट से दस रुपये प्रति लीटर कम में प्रतिष्ठान संचालकों को आपूूर्ति करते थे। माल की सप्लाई हरदोई के अलावा आसपास के जिले से लेकर नेपाल तक की जाती थी।
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पिहानी में पिछले करीब पिछले एक दशक से नकली पेट्रोलियम पदार्थ बनाने की फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। कोतवाल श्याम बाबू शुक्ला ने गुरुवार को पत्रकारों के सामने खुलासा किया। पुलिस ने इस कारोबार से जुडे़ चार आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत नारीखेड़ा के मजरा नेवादा निवासी मुलायम के अलावा कटरा बाजार निवासी मोहम्मद अहमद व राशिद और शुऐब शामिल हैं। कोतवाल का दावा है कि नारीखेड़ा निवासी चमन उर्फ मोबीन, राशिद और मोहम्मद के घर में नकली मोबिल ऑयल व डीजल बनाने का काम होता था। मंगलवार को क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीम ने छापामार कर तीनों के घर से नकली रैपर, पैकिंग का सामान व उपकरण बरामद किए गए थे। कोतवाल ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने मिट्टी के तेल की कालाबाजारी कर नकली मेबिल ऑयल व डीजल बनाने कर बेचने का जुर्म स्वीकार किया है। बताया कि हरदोई के अलावा यह नकली माल सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर और जीटी रोड पर संचालित अधिकतर प्रतिष्ठानों में बिक्री किया जाता था। प्रतिष्ठान संचालकों को माल की आपूर्ति ब्रांडेड कंपनियों से दस रुपये प्रति लीटर कम में दिया जाता था। कोतवाल ने बताया कि मकान मालिक चमन आदि के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कहा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। फैैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाली टीम में पुलिसकर्मी रावेंद्र सिंह, इरशाद हुसैन, संतराम, स्वाट प्रभारी नरेंद्र यादव, दिलीप, रवी सिंह, मोहम्मद खालिद, करुणेश शुक्ला, दीपक, अमरपाल, सुधाकर सिंह, वीर प्रताप सिंह, हरिकेश, राजकुमार, पूर्ति निरीक्षक शाहाबाद अमित चतुर्वेदी व अश्वनी कुमार रहे।
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यह सामान हुआ बरामद
पिहानी। 153 ड्रमों में 28630 लीटर मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थ, 125 खाली ड्रम, दो प्लाटिस्क पिपिया 10-10 लीटर, एक लीटर आयल के 32 डिब्बे, चार बोतल केमिकल, एक डिब्बा तरल पदार्थ, चार पैकेट लाल रंग का पाउडर, 60 किलो अन्य पाउडर, 250 ग्राम प्लाटिक दाना, एक और पांच लीटर की 2395 खाली पिपिया, तीन मोहर, विभिन्न कंपनियों के 24200 रैपर आदि।
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कोटेदार है राशिद
पिहानी। नकली मोबिल ऑयल व डीजल की फैक्ट्री संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक राशिद कोटेदार है। पूछताछ में पता चला है कि नकली मोबिल ऑयल व डीजल बनाने के लिए सबसे अधिक मिट्टी के तेल की खपत होती थी। इसके चलते मिट्टी के तेल की आपूर्ति राशिद के जिम्मे रहती थी। उसका इलाके के कई क ोटेदारों से संपर्क रहता था। वह बाजार के रेट के सापेक्ष जो कोटेदार मिट्टी के तेल की कालाबाजारी कर उसे बेचते थे। बेहतर दाम देता था।
बगैर रजिस्ट्रेशन बनाया खुद का ब्रांड
पिहानी। पिछले एक दशक से नकली पेट्रोलियम पदार्थ की फैक्ट्री का संचालन कर रहे कारोबारी मास्टर माइंड हैं। उन्होंने बगैर रजिस्ट्रेशन कराए खुद का ब्रांड बाजार में उतार रखा था। बाजार में गार्वी ब्रांड से मोबिल ऑयल की पिपिया व डिब्बे सप्लाई किए जाते थे।