{"_id":"57c476604f1c1b0b4b2cb6ee","slug":"robberies-frantic-panic","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताबड़तोड़ चोरियों से दहशत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ताबड़तोड़ चोरियों से दहशत
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:22 PM IST
विज्ञापन
आवास विकास मुहल्ले में एलजी सर्विस सेंटर पर चोरों ने खंगाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महीने भर से शुरू हुआ चोरी का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। चोरों ने रविवार की रात आवास विकास मोहल्ले में स्थित एलजी सर्विस सेंटर को खंगाल डाला। पब्लिक में दहशत फैलाने वाले चोरों के इस गिरोह की पुलिस अभी पहचान तक नहीं कर पाई है।
कोतवाली क्षेत्र के महरीखावां निवासी पवन कुमार मिश्र पुत्र घनश्याम मिश्र का टीवी टावर के पीछे एलजी कंपनी का सर्विस सेंटर है। रविवार को रोज की तरह दुकानदार करीब आठ बजे दुकान बंद करके घर गया। सोमवार सुबह जब दुकान खोलने गए तो कुंडी टूटी मिली। कुछ सामान फेंके गए थे। जिसमें दो कंप्यूटर, एक लैपटाप समेत तमाम महंगे सामान चोरी हो गए। पुलिस को तहरीर दे दी गई है। मगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
आंकड़ों को देखें तो भादो लगते ही चोरों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। कुछ घुमंतू जनजातियां पेशेवर हैं,जो बाहरी जिलों से आकर चोरियां करती हैं। पेशेवर चोरों के काम करने के तौर तरीकों को समझने वालों का कहना है कि घुमंतू प्रजाति के चोर पहले इसी तरह से छोटी-छोटी वारदात करके रेकी करते हैं। ताकि बड़ा हाथ मारने की योजना बना सकें। पिछले वर्षों में इस तरह की तमाम घटनाएं सामने आई थीं। बाद में जब चोर पकड़े गए तो बताया कि महीने भर पहले वह रेकी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के महरीखावां निवासी पवन कुमार मिश्र पुत्र घनश्याम मिश्र का टीवी टावर के पीछे एलजी कंपनी का सर्विस सेंटर है। रविवार को रोज की तरह दुकानदार करीब आठ बजे दुकान बंद करके घर गया। सोमवार सुबह जब दुकान खोलने गए तो कुंडी टूटी मिली। कुछ सामान फेंके गए थे। जिसमें दो कंप्यूटर, एक लैपटाप समेत तमाम महंगे सामान चोरी हो गए। पुलिस को तहरीर दे दी गई है। मगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
विज्ञापन
आंकड़ों को देखें तो भादो लगते ही चोरों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। कुछ घुमंतू जनजातियां पेशेवर हैं,जो बाहरी जिलों से आकर चोरियां करती हैं। पेशेवर चोरों के काम करने के तौर तरीकों को समझने वालों का कहना है कि घुमंतू प्रजाति के चोर पहले इसी तरह से छोटी-छोटी वारदात करके रेकी करते हैं। ताकि बड़ा हाथ मारने की योजना बना सकें। पिछले वर्षों में इस तरह की तमाम घटनाएं सामने आई थीं। बाद में जब चोर पकड़े गए तो बताया कि महीने भर पहले वह रेकी करते हैं।
विज्ञापन