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साथी की हत्या से भड़के सिपाही बगावत पर उतरे
साथी की हत्या से भड़के सिपाही बगावत पर उतरे
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:40 AM IST
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साथी की हत्या से भड़के सिपाही बगावत पर उतरे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिपाही अजय यादव की हत्या से उसके दो साथी भड़क गए। इतने गुस्से में आ गए एक अधिकारी को वारदात के लिए जिम्मेदार ठहराने लगे। बोले, सीओ फतेहाबाद एके सिंह उन पर दबाव बना रहे थे। अपराधी पकड़ने के लिए टारगेट दे रहे थे। वारदात के खुलासे के लिए अल्टीमेटम दिए जा रहे थे। पूरा न होने पर एक्शन की धमकी भी थी। इसी से वे तीनों टेंशन में चल रहे थे। जो भी अपराधी मिल रहा था, उसे पकड़ रहे थे। बदमाशों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करा रहे थे। सीओ के दबाव के चलते कई अपराधियों से दुश्मनी हो गई। यही दुश्मनी अजय यादव की हत्या की वजह बनी है।
इन सिपाहियों में एक है रियाज और दूसरा मदन है। दोनों अजय के साथ रहते थे। इनका शमसाबाद थाना में आगरा शहर से तबादला भी उसी के साथ हुआ था। तीनों पहले क्राइम ब्रांच में भी रहे थे। अजय की हत्या से चार घंटे पहले तक उसके साथ थे। उसकी हत्या की खबर सुनते ही आपा खो बैठे। जीजी नर्सिंगहोम में रोते बिलखते समय अफसरों पर उंगली उठाने लगे।
मीडियाकर्मियों को देखा तो सीओ फतेहाबाद एके सिंह को निशाने पर ले लिया। दोनों सिपाहियों ने अलग-अलग कहा कि बहुत परेशान चल रहे थे हम। पूरी बात तो बता भी नहीं सकते। सीओ साहब कार्रवाई की धमकी देते थे। उनके टारगेट पूरे करने में लगे रहते थे। अपराधियों से धमकी भी मिल रही थी। इन सबका नतीजा यह हुआ कि हमारा बहादुर सिपाही हमारे बीच से चला गया। उसके बिछड़ने का गम बर्दाश्त नहीं हो रहा। अधिकारियों को इतना दबाव नहीं बनाना चाहिए।
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देव चौधरी गिरोह पर जताया शक
आगरा। अजय यादव, रियाज और मदन भी उस पुलिस टीम में शामिल रहे थे जिन्होंने न्यू आगरा में प्रमुख सचिव की बहन के घर पड़ी डकैती का खुलासा किया था। इस मामले में मुरादाबाद का देव चौधरी गिरोह पकड़ा गया था। इस गिरोह के सदस्य तीन महीने पहले कानपुर में भी पकड़े गए हैं। कुछ आगरा जेल में बंद हैं। इन्हें न्यू आगरा थाना से गिरफ्तार किया गया था। रियाज ने बताया कि आगरा जेल से कुछ बदमाश जमानत पर छूटे हैं। बकौल रियाज, उन्हें एक मुखबिर ने उनसे मिलकर सूचना दी थी कि देव चौधरी गैंग उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। उसके निशाने पर वह पूरी टीम बताई गई थी जो न्यू आगरा डकैती कांड के खुलासे में शामिल रही थी। आशंका है कि उसी गिरोह के बदमाश ने हत्या की है।
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इन सिपाहियों में एक है रियाज और दूसरा मदन है। दोनों अजय के साथ रहते थे। इनका शमसाबाद थाना में आगरा शहर से तबादला भी उसी के साथ हुआ था। तीनों पहले क्राइम ब्रांच में भी रहे थे। अजय की हत्या से चार घंटे पहले तक उसके साथ थे। उसकी हत्या की खबर सुनते ही आपा खो बैठे। जीजी नर्सिंगहोम में रोते बिलखते समय अफसरों पर उंगली उठाने लगे।
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मीडियाकर्मियों को देखा तो सीओ फतेहाबाद एके सिंह को निशाने पर ले लिया। दोनों सिपाहियों ने अलग-अलग कहा कि बहुत परेशान चल रहे थे हम। पूरी बात तो बता भी नहीं सकते। सीओ साहब कार्रवाई की धमकी देते थे। उनके टारगेट पूरे करने में लगे रहते थे। अपराधियों से धमकी भी मिल रही थी। इन सबका नतीजा यह हुआ कि हमारा बहादुर सिपाही हमारे बीच से चला गया। उसके बिछड़ने का गम बर्दाश्त नहीं हो रहा। अधिकारियों को इतना दबाव नहीं बनाना चाहिए।
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देव चौधरी गिरोह पर जताया शक
आगरा। अजय यादव, रियाज और मदन भी उस पुलिस टीम में शामिल रहे थे जिन्होंने न्यू आगरा में प्रमुख सचिव की बहन के घर पड़ी डकैती का खुलासा किया था। इस मामले में मुरादाबाद का देव चौधरी गिरोह पकड़ा गया था। इस गिरोह के सदस्य तीन महीने पहले कानपुर में भी पकड़े गए हैं। कुछ आगरा जेल में बंद हैं। इन्हें न्यू आगरा थाना से गिरफ्तार किया गया था। रियाज ने बताया कि आगरा जेल से कुछ बदमाश जमानत पर छूटे हैं। बकौल रियाज, उन्हें एक मुखबिर ने उनसे मिलकर सूचना दी थी कि देव चौधरी गैंग उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। उसके निशाने पर वह पूरी टीम बताई गई थी जो न्यू आगरा डकैती कांड के खुलासे में शामिल रही थी। आशंका है कि उसी गिरोह के बदमाश ने हत्या की है।