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Hindi News ›   Crime ›   If family members want, but Police do not catch

घरवाले तो चाहते हैं, लेकिन पुलिस नहीं पकड़ना चाहती 

Sat, 02 Apr 2016 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sat, 02 Apr 2016 11:06 PM IST
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मासूम बालिका के साथ दरिंदगी की हुई घटना में पुलिस शुरूआत से ही आरोपी परिवार के बीच का होने और घरवालों द्वारा कार्रवाई करने से इंकार करने की बात कहकर मानवता को शर्मसार करती आ रही है, लेकिन आज घरवालों ने डीएम के सामने पेश होकर पुलिस के झूठे दावों का पुलिंदा खोल डाला। परिवार वाले दरिंदे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ही दरिंदे को पकड़ने के बजाय घर वालों पर समझौते का दबाव बना रही है। घर वालों ने शहर कोतवाल पर राजनीतिक दबाव के कारण मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 
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22 फरवरी 2016 को शहर कोतवाली क्षेत्र की एक सात वर्षीय बच्ची शाम को अपने घर से नाना के घर जा रही थी। रास्ते में किसी ने उसे दबोच लिया और रेप किया। मासूम की हालत अधिक खराब होने पर परिवार के लोगों ने उसे बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया और डीआईजी को घटना की जानकारी दी। अगले दिन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रेप, पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शनिवार को डीएम से मिलकर पीड़ित बिटिया के परिवार के तमाम लोग अमर उजाला कार्यालय पहुंचे और बताया कि छह दिन इलाज होने के बाद पीड़ित बच्ची घर आई। पहली मार्च को पुलिस ने महिला थाने बुलाकर बच्ची से सात घंटे तक पूछताछ की, जिससे बच्ची की हालत फिर बिगड़ गई और घरवाले उसे बरेली ले गए। बच्ची के पिता का कहना है नौ मार्च को शहर कोतवाल सुबह नौ बजे उसके घर पहुंचे और दो घंटे बच्ची के बयान फिर लिए। बयानों की वीडीयोग्राफी भी कराई। पिता के मुताबिक बच्ची ने बयानों में साफ कहा था कि आरोपी उसके रिश्तेदारों में से नहीं है अगर लड़का सामने आ जाए तो वह उसे पहचान लेगी। पुलिस को बच्ची ने हुलिया भी बताया। परिवार के लोग लगातार हवसी दरिंदे की गिरफ्तारी की मांग कर हैं। 
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पुलिस अधिकारियों से लेकर महिला आयोग तक भी कार्रवाई न करने का आरोप पुलिस पर लगाया है। आरोप है कि 18 मार्च को कोतवाल उनके घर पहुंचे और कहा कि केस में कुछ नहीं है। केस वापस ले लो, नहीं तुम्हारे से किसी आदमी को अंदर कर दूंगा, लेकिन उन्होंने केस लेने से मना कर दिया। उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि शहर कोतवाल दरिंदा उसके ही किसी रिश्तेदार को बताकर परिवार वालों पर कार्रवाई करने से इंकार करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि परिवार के लोग आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीएम से मांग की घिनौनी हरकत करने वाले की शीघ्र गिरफ्तारी हो और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।  
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