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कर्ज से परेशान किसान की सदमे से मौत
Sun, 03 Mar 2019 12:00 AM IST
SHIVPRAKASH SHIVPRAKASH
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Published by: SHIVPRAKASH SHIVPRAKASH
Updated Sun, 03 Mar 2019 12:00 AM IST
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भेड़ी डांडा गांव में रोते बिलखते किसान के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जलालपुर थानाक्षेत्र में आर्थिक तंगी व कर्ज से परेशान किसान की सदमे से मौत हो गई। उस पर करीब एक लाख रुपये का कर्ज है। परिजनों ने बताया दिल का दौरा पड़ा है। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
भेड़ी डांडा गांव निवासी छोटेलाल (32) खेती करने के साथ जलालपुर गांव के बस स्टैंड पर पानीपूरी का ठेला लगाकर परिवार चलाता था। उसके छह बीघे जमीन है और करीब चार बीघा जमीन बटाई पर लिए था। शनिवार को तड़के दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। उसके भाई मूल सिंह ने बताया उसकी जमीन की फसल पिछले जनवरी माह में ही अन्ना जानवर चट कर गए थे। तभी से वह परेशान रहता था। बताया शुक्रवार शाम भाई छोटेलाल ठेला लेकर घर आया और बटाई वाले खेतों की फसल देखने चला गया।
काफी अंधेरा होने के बाद वापस घर आया और अपनी पत्नी छोटी बहू से कहने लगा कि फसल ठीक नहीं है, कैसे घर चलेगा और कैसे कर्ज चुकाएंगे। इसी चिंता में उसने ठीक से खाना भी नहीं खाया और लेट गया। शनिवार की तड़के करीब साढ़े चार बजे वह जोर से चिल्लाया और अचेत होकर गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मूल सिंह ने बताया कि भाई ने वर्ष 2015 में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक जलालपुर से 66 हजार रुपये का केसीसी बनवाया था।
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कहा कि इसमें वह कुछ रुपये जमा भी कर चुका है। लेकिन अभी भी उस पर केसीसी का 97 हजार का कर्जा है। बताया कुछ कर्जा सगे संबंधियों का भी है। उसकी चार बेटियां खुशबू (12), रोशनी (9), प्रियंका (7), रिंकी (3) व बेटा शिवम (5) है। घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा है। एसओ वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत का कारण सदमा बताया जाता है। क्योंकि उसकी फसल मवेशी चट कर गए थे। इस मामले में नायब तहसीलदार विजय प्रताप सिंह का कहना है कि राजस्व टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। इसी के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मिल सकेगी।
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भेड़ी डांडा गांव निवासी छोटेलाल (32) खेती करने के साथ जलालपुर गांव के बस स्टैंड पर पानीपूरी का ठेला लगाकर परिवार चलाता था। उसके छह बीघे जमीन है और करीब चार बीघा जमीन बटाई पर लिए था। शनिवार को तड़के दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। उसके भाई मूल सिंह ने बताया उसकी जमीन की फसल पिछले जनवरी माह में ही अन्ना जानवर चट कर गए थे। तभी से वह परेशान रहता था। बताया शुक्रवार शाम भाई छोटेलाल ठेला लेकर घर आया और बटाई वाले खेतों की फसल देखने चला गया।
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काफी अंधेरा होने के बाद वापस घर आया और अपनी पत्नी छोटी बहू से कहने लगा कि फसल ठीक नहीं है, कैसे घर चलेगा और कैसे कर्ज चुकाएंगे। इसी चिंता में उसने ठीक से खाना भी नहीं खाया और लेट गया। शनिवार की तड़के करीब साढ़े चार बजे वह जोर से चिल्लाया और अचेत होकर गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मूल सिंह ने बताया कि भाई ने वर्ष 2015 में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक जलालपुर से 66 हजार रुपये का केसीसी बनवाया था।
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कहा कि इसमें वह कुछ रुपये जमा भी कर चुका है। लेकिन अभी भी उस पर केसीसी का 97 हजार का कर्जा है। बताया कुछ कर्जा सगे संबंधियों का भी है। उसकी चार बेटियां खुशबू (12), रोशनी (9), प्रियंका (7), रिंकी (3) व बेटा शिवम (5) है। घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा है। एसओ वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत का कारण सदमा बताया जाता है। क्योंकि उसकी फसल मवेशी चट कर गए थे। इस मामले में नायब तहसीलदार विजय प्रताप सिंह का कहना है कि राजस्व टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। इसी के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मिल सकेगी।