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सराफा हड़ताल ने ली एक जान
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 11 Mar 2016 02:34 AM IST
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आत्महत्या
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सराफा कारोबारियों की हड़ताल के चलते काम न मिलने से परेशान कारीगर वरुण मांझी (35) ने गुरुवार को खुदकुशी कर ली। किराए के मकान में रह रहे वरुण का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प. बंगाल के हुबली का वरुण सप्तसागर में किराए के मकान में अकेले रहता था।
गुरुवार की शाम उसके कमरे का दरवाजा बंद मिला तो पड़ोसियों ने झांककर देखा तो हतप्रभ रह गए। वह कमरे की कड़ी के सहारे रस्सी से लटक रहा था। आननफानन में सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस उसे मंडलीय अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि वरुण सराफा मंडी में कारीगर के तौर पर काम करता था। लगातार चल रही हड़ताल के कारण उसे काम नहीं मिल रहा था, जिससे वह काफी परेशान था।
उसका कहना था कि क्या वह खुद खाए और क्या अपने दो बच्चों के लिए घर भेजे। उसकी परेशानी देख आसपास के लोगों ने उसे समझाया भी था कि परेशान न हो, जल्द ही हड़ताल खत्म होगी और उसे फिर से काम मिलेगा। बहरहाल, कोतवाली पुलिस ने बताया कि वरुण के कमरे में मिले नाम और पते के आधार पर उसके घर वालों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
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प. बंगाल के हुबली का वरुण सप्तसागर में किराए के मकान में अकेले रहता था।
गुरुवार की शाम उसके कमरे का दरवाजा बंद मिला तो पड़ोसियों ने झांककर देखा तो हतप्रभ रह गए। वह कमरे की कड़ी के सहारे रस्सी से लटक रहा था। आननफानन में सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस उसे मंडलीय अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि वरुण सराफा मंडी में कारीगर के तौर पर काम करता था। लगातार चल रही हड़ताल के कारण उसे काम नहीं मिल रहा था, जिससे वह काफी परेशान था।
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उसका कहना था कि क्या वह खुद खाए और क्या अपने दो बच्चों के लिए घर भेजे। उसकी परेशानी देख आसपास के लोगों ने उसे समझाया भी था कि परेशान न हो, जल्द ही हड़ताल खत्म होगी और उसे फिर से काम मिलेगा। बहरहाल, कोतवाली पुलिस ने बताया कि वरुण के कमरे में मिले नाम और पते के आधार पर उसके घर वालों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
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