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कालका एक्सप्रेस में एएमयू छात्रों व बंगाली परिवार में मारपीट, ट्रेन रोकी
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:36 PM IST
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रेल
- फोटो : Amar Ujala
हावड़ा से चंडीगढ़ जा रही कालका मेल ट्रेन में बुधवार की रात को एएमयू के मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के दो छात्रों और एक बंगाली परिवार के बीच मारपीट हो गई। एएमयू छात्रों का आरोप है कि बंगाली परिवार के लोगों ने बिना वजह उनसे मारपीट की, जबकि बंगाली परिवार का आरोप है कि इन छात्रों ने उनके साथ की एक महिला से छेड़खानी थी, जिसका उन्होंने सिर्फ विरोध किया था। इनमें से किसी ने इसकी शिकायत रेलवे के वाट्स एप नंबर पर वायरल कर दी।
जीआरपी हाथरस जंक्शन ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और ट्रेन के रुकते ही दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए स्टेशन पर उतार लिया। देर रात तक जीआरपी और आरपीएफ दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही थीं। दोनों तरफ से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जा रही थी। इस घटना के बाद कालका मेल हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर करीब 35 मिनट तक खड़ी रही।
यह घटना कालका मेल के एस-5 कोच में हुई। एएमयू के मुर्शिदाबाद सेंटर के एमबीए छात्र सिराज नासिर पुत्र अब्दुल जफ्फार निवासी अलीगढ़ और उनके साथ आदिल पुत्र अब्दुल सलाम निवासी आजमगढ़ ने बताया कि उनके पास अलीगढ़ तक का एसी और स्लीपर दोनों कोच का टिकट है। एसी का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ था, इसलिए वह स्लीपर में सफर कर रहे थे। वह दोनों छुट्टी पर अलीगढ़ आ रहे थे और पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे। इस ट्रेन में हावड़ा से कुछ बंगाली लोग भी सफर कर रहे थे। एएमयू छात्रों का कहना है कि वह दोनों कोच की विंडो के पास बैठे हुए थे। झारखंड में धनबाद स्टेशन के बाद नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेशन पर उन्होंने विंडो से चाय लेनी चाही, लेकिन यह विंडो कुछ छोटी थी तो चाय वाले ने दूसरी विंडो से आकर चाय लेने को कहा। वह दूसरी विंडो से चाय लेने जा रहे थे। तभी एक बंगाली युवक ने उन्हें थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। उनका कॉलर पकड़ लिया और दोबारा मारना शुरू कर दिया। युवक के साथ के दूसरे लोग भी इकट्ठे हो गए और इन लोगों ने बंगाली भाषा में उनसे कंपार्टमेंट खाली करने को कहा। इन लोगों ने उन्हें आगे की दो बोगियों तक दौड़ा दिया।
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दूसरे पक्ष के राजीव कुमार विश्वास पुत्र निर्मलचंद्र विश्वास निवासी दुर्गापुर पश्चिम बंगाल का कहना है कि उनके साथ करीब 40 लोग इस ट्रेन से हावड़ा से चंडीगढ़ जा रहे हैं। एक टूर ऑपरेटर के जरिए उनके लिए बोगी बुक की गई थी। चंडीगढ़ से इन सभी को शिमला (हिमाचल प्रदेश) जाना है। राजीव का आरोप है कि इन छात्रों ने उनकी पत्नी से छेड़खानी की। उन्होंने गुस्से में सिर्फ इनकी हरकत का विरोध किया। हल्की-फुल्की धक्का-मुक्की भी हुई। उसके बाद यह छात्र दूसरी बोगी में चले गए। इन लोगों ने ही वाट्स एप पर शिकायत दी है, जबकि छात्रों का कहना था कि उनके मोबाइल तो स्विच ऑफ हो गए थे। उन्होंने कोई शिकायत नहीं डाली। रेलवे के वाट्स एप नंबर पर आई इस शिकायत का पहले टूंडला रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने संज्ञान लिया। वहां ट्रेन रुकने पर काफी देर तक चेकिंग की गई। जब चेकिंग में कोई नहीं मिला तो टूंडला से जीआरपी की टीम ट्रेन से हाथरस जंक्शन आई और यहां ट्रेन रुकते ही जीआरपी हाथरस जंक्शन की मदद से चेकिंग की गई तो मामला सामने आया। दोनों पक्षों को स्टेशन पर उतार लिया गया।
यहां हाथरस जंक्शन की जीआरपी व आरपीएफ, टूंडला की जीआरपी के अलावा जीआरपी हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन और कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जीआरपी हाथरस जंक्शन के प्रभारी राजीव कुमार ने दोनों पक्षोें से बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान कालका मेल हाथरस जंक्शन स्टेशन पर ही खड़ी रही। रेलवे ने पहले शताब्दी को पास किया और उसके बाद कालका मेल को अलीगढ़ की तरफ रवाना किया। इस तरह कालका मेल करीब 35 मिनट बाद हाथरस जंक्शन से छूटी।
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जीआरपी हाथरस जंक्शन ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और ट्रेन के रुकते ही दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए स्टेशन पर उतार लिया। देर रात तक जीआरपी और आरपीएफ दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही थीं। दोनों तरफ से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जा रही थी। इस घटना के बाद कालका मेल हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर करीब 35 मिनट तक खड़ी रही।
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यह घटना कालका मेल के एस-5 कोच में हुई। एएमयू के मुर्शिदाबाद सेंटर के एमबीए छात्र सिराज नासिर पुत्र अब्दुल जफ्फार निवासी अलीगढ़ और उनके साथ आदिल पुत्र अब्दुल सलाम निवासी आजमगढ़ ने बताया कि उनके पास अलीगढ़ तक का एसी और स्लीपर दोनों कोच का टिकट है। एसी का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ था, इसलिए वह स्लीपर में सफर कर रहे थे। वह दोनों छुट्टी पर अलीगढ़ आ रहे थे और पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे। इस ट्रेन में हावड़ा से कुछ बंगाली लोग भी सफर कर रहे थे। एएमयू छात्रों का कहना है कि वह दोनों कोच की विंडो के पास बैठे हुए थे। झारखंड में धनबाद स्टेशन के बाद नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेशन पर उन्होंने विंडो से चाय लेनी चाही, लेकिन यह विंडो कुछ छोटी थी तो चाय वाले ने दूसरी विंडो से आकर चाय लेने को कहा। वह दूसरी विंडो से चाय लेने जा रहे थे। तभी एक बंगाली युवक ने उन्हें थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। उनका कॉलर पकड़ लिया और दोबारा मारना शुरू कर दिया। युवक के साथ के दूसरे लोग भी इकट्ठे हो गए और इन लोगों ने बंगाली भाषा में उनसे कंपार्टमेंट खाली करने को कहा। इन लोगों ने उन्हें आगे की दो बोगियों तक दौड़ा दिया।
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दूसरे पक्ष के राजीव कुमार विश्वास पुत्र निर्मलचंद्र विश्वास निवासी दुर्गापुर पश्चिम बंगाल का कहना है कि उनके साथ करीब 40 लोग इस ट्रेन से हावड़ा से चंडीगढ़ जा रहे हैं। एक टूर ऑपरेटर के जरिए उनके लिए बोगी बुक की गई थी। चंडीगढ़ से इन सभी को शिमला (हिमाचल प्रदेश) जाना है। राजीव का आरोप है कि इन छात्रों ने उनकी पत्नी से छेड़खानी की। उन्होंने गुस्से में सिर्फ इनकी हरकत का विरोध किया। हल्की-फुल्की धक्का-मुक्की भी हुई। उसके बाद यह छात्र दूसरी बोगी में चले गए। इन लोगों ने ही वाट्स एप पर शिकायत दी है, जबकि छात्रों का कहना था कि उनके मोबाइल तो स्विच ऑफ हो गए थे। उन्होंने कोई शिकायत नहीं डाली। रेलवे के वाट्स एप नंबर पर आई इस शिकायत का पहले टूंडला रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने संज्ञान लिया। वहां ट्रेन रुकने पर काफी देर तक चेकिंग की गई। जब चेकिंग में कोई नहीं मिला तो टूंडला से जीआरपी की टीम ट्रेन से हाथरस जंक्शन आई और यहां ट्रेन रुकते ही जीआरपी हाथरस जंक्शन की मदद से चेकिंग की गई तो मामला सामने आया। दोनों पक्षों को स्टेशन पर उतार लिया गया।
यहां हाथरस जंक्शन की जीआरपी व आरपीएफ, टूंडला की जीआरपी के अलावा जीआरपी हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन और कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जीआरपी हाथरस जंक्शन के प्रभारी राजीव कुमार ने दोनों पक्षोें से बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान कालका मेल हाथरस जंक्शन स्टेशन पर ही खड़ी रही। रेलवे ने पहले शताब्दी को पास किया और उसके बाद कालका मेल को अलीगढ़ की तरफ रवाना किया। इस तरह कालका मेल करीब 35 मिनट बाद हाथरस जंक्शन से छूटी।