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पाकिस्तान: रिजवान-इमाम पर कार्रवाई करेगा पीसीबी? कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद एनसीसीआईए की रिपोर्ट पर नजर

Thu, 17 Sep 2026 03:05 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 17 Sep 2026 03:05 PM IST
सार

मोहम्मद रिजवान की एनसीसीआईए के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका लाहौर हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब रिजवान और इमाम-उल-हक के खिलाफ कार्रवाई का फैसला नसीसीआईए की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पीसीबी करेगा।

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PCB Decide on Disciplinary Action Against Rizwan and Imam After Court Rejects Petition
इमाम और रिजवान - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान क्रिकेट में मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक को लेकर मामला अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पाले में पहुंच गया है। लाहौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनसीसीआईए) की ओर से जारी नोटिस को चुनौती दी थी। अब पीसीबी यह तय करेगा कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए या नहीं।

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हाईकोर्ट ने रिजवान की याचिका की खारिज

गुरुवार को लाहौर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश आलिया नीलम की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। रिजवान की ओर से वकील काजी उमैर अली ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने बताया कि उनके मुवक्किल को एनसीसीआईए की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि रिजवान को नोटिस का जवाब देना चाहिए और पूछा कि नोटिस किस तारीख को जारी किया गया था।

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वकील ने मोबाइल फोन जब्त करने का उठाया मुद्दा
रिजवान के वकील ने अदालत में दावा किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद उनके मुवक्किल को होटल की लॉबी में बुलाया गया और बिना नोटिस के पूछताछ की गई। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया गया। वकील के मुताबिक, रिजवान ने इस भरोसे पर अपना फोन सौंपा था कि उसे तीन घंटे बाद वापस कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक फोन वापस नहीं किया गया। उन्होंने इसे मामले में दुर्भावना का संकेत बताया। रिजवान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि क्रिकेटरों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों से बचाने और उनकी जांच के लिए आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट उचित मंच है। उनका कहना था कि रिजवान से जुड़े मामले को आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के पास नहीं भेजा गया।

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NCCIA की जांच पर टिकी पीसीबी की नजर

रिजवान ने अपनी याचिका में एनसीसीआईए के समन को चुनौती देते हुए एजेंसी के अधिकार क्षेत्र और जांच की प्रकृति पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने अब उनकी याचिका खारिज कर दी है। मामले से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक, एनसीसीआईए फिलहाल रिजवान और इमाम-उल-हक से लिए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी अगले सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट पीसीबी को सौंप सकती है।

रिपोर्ट आने के बाद पीसीबी लेगा फैसला

सूत्र ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ पीसीबी की कार्रवाई काफी हद तक एनसीसीआईए की फोरेंसिक जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। अगर जांच में कुछ असामान्य नहीं मिलता है तो दोनों खिलाड़ियों को राहत मिल सकती है। इस तरह फिलहाल पीसीबी की अगली कार्रवाई एनसीसीआईए की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही रिजवान और इमाम के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाने को लेकर तस्वीर साफ होगी।



पहली बार साइबर एजेंसी तक पहुंचा मामला
यह मामला इसलिए भी असामान्य माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार है जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ किसी साइबर अपराध जांच एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई है। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और एनसीसीआईए उनके मंत्रालय के अधीन काम करती है। ऐसे में रिजवान और इमाम से हुई पूछताछ ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल दोनों खिलाड़ी जांच के दायरे में हैं और एनसीसीआईए की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रेसिंग रूम की कथित जानकारी लीक होने के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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