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टीम इंडिया के अब तक 499 टेस्ट, उतार-चढ़ाव से भरा है यह सफर
नवीन चौहान/अमर उजाला दिल्ली
Updated Tue, 20 Sep 2016 02:49 PM IST
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1932 में खेला गया पहला टेस्ट
- फोटो : espncricinfo
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टीम इंडिया कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 22 सितंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक 500वां टेस्ट खेलने जा रही है। भारत ने 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेला था। 500 टेस्ट का सफर तय करने में भारत को 84 साल का समय लगा। 500 टेस्ट मैचों के सफर के दौरान 285 क्रिकेटरों को टेस्ट कैप हासिल हुई। भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रहे हैं। जिन्होंने 60 मैचों में टीम की कमान संभाली और 27मैचों में जीत हासिल की। इसके बाद सौरव गांगुली ने 21, मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 14, गावस्कर और नवाब पटौदी ने 9-9, राहुल द्रविड़ ने 8 और वर्तमान कप्तान विराट कोहली ने 7 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की है। भारत के 12 कप्तान जीत का स्वाद नहीं चख सके।
टीम इंडिया के अब तक 499 टेस्ट, उतार-चढ़ाव से भरा है यह सफर
सुनील गवस्कर
- फोटो : Getty
भारत ने 9 दशक लंबे टेस्ट सफर में अब तक खेले गए 499 टेस्ट मैचों में 32 कप्तानों ने टीम की कमान संभाली । 499 टेस्ट में भारत को 129 टेस्ट मैचों में जीत हासिल हुई 157 में हार मिली और 212 टेस्ट ड्रॉ समाप्त हुए। भारत की जीत का प्रतिशत 25.95 रहा। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा 122 टेस्ट मैच खेले लेकिन उसे सबसे ज्यादा जीत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हासिल हुईं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए 90 टेस्ट में टीम इंडिया को 24 जीत हासिल हुई है।
टीम इंडिया के अब तक 499 टेस्ट, उतार-चढ़ाव से भरा है यह सफर
सी के नायडू
पहला टेस्ट
भारत ने पहला टेस्ट सन 1932 इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट का मक्का कहलाए जाने वाले लंदन के लॉर्ड्स मैदान से की थी। इससे पहले 218 टेस्ट मैच खेले जा चुके थे। इस टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी कर्नल सी के नायडू ने की थी। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 259 रन बनाए। तेज गेंदबाज मोहम्मद निसार ने घातक गेंदबाजी करते हुए 93 रन देकर 5 विकेट लिए। इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी और मजह 189 रन पर ढेर हो गई। भारत की ओर से कप्तान सीके नायडू ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 275 रन बनाए। इस पारी में जहांगीर खान सबसे सफल भारतीय गेंदबाज थे उन्होंने 60 रन देकर 4 खिलाड़ियों को पवेलियन वापस भेजा। भारतीय टीम ने घरेलू सरजमीं पर पहला टेस्ट 1933-34 में मुंबई में खेला था। 1932 से 1947-48 के बीच भारत ने सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेले थे। 1947-48 में भारत ने इंग्लैंड से इतर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्ब्रेन में टेस्ट मैच खेला था।
भारत ने पहला टेस्ट सन 1932 इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट का मक्का कहलाए जाने वाले लंदन के लॉर्ड्स मैदान से की थी। इससे पहले 218 टेस्ट मैच खेले जा चुके थे। इस टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी कर्नल सी के नायडू ने की थी। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 259 रन बनाए। तेज गेंदबाज मोहम्मद निसार ने घातक गेंदबाजी करते हुए 93 रन देकर 5 विकेट लिए। इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी और मजह 189 रन पर ढेर हो गई। भारत की ओर से कप्तान सीके नायडू ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 275 रन बनाए। इस पारी में जहांगीर खान सबसे सफल भारतीय गेंदबाज थे उन्होंने 60 रन देकर 4 खिलाड़ियों को पवेलियन वापस भेजा। भारतीय टीम ने घरेलू सरजमीं पर पहला टेस्ट 1933-34 में मुंबई में खेला था। 1932 से 1947-48 के बीच भारत ने सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेले थे। 1947-48 में भारत ने इंग्लैंड से इतर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्ब्रेन में टेस्ट मैच खेला था।
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विजय हजारे
- फोटो : ..
पहली टेस्ट जीत
भारत ने टेस्ट मैचों में जीत का स्वाद इंग्लैंड के खिलाफ 1951-52 में चेन्नई में चखा था। विजय हजारे की कप्तानी में खेला गया यह टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट था। भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से पीछे चल रही थी। चेन्नई में खेले गए पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 266 में ढेर हो गई, वीनू मार्कड ने 55 रन देकर 8 खिलाड़ियों का पवेलियन भेजा। इसके बाद भारतीय टीम ने पंकज रॉय (111) और पाली उमरीगर (130) के शतक की बदौलत 457 रन बनाए। दूसरी पारी में भी वीनू मार्कड ने 53 रन देकर 4 विकेट लिए 183 रन पर इंग्लैंड को ढेर कर पहली टेस्ट जीत हासिल की। मार्कड ने मैच में एक पारी के अंतर से जीत हासिल की। यह पहली सीरीज थी जिसमें भारत को हार का सामना नहीं करना पड़ा था।
भारत ने टेस्ट मैचों में जीत का स्वाद इंग्लैंड के खिलाफ 1951-52 में चेन्नई में चखा था। विजय हजारे की कप्तानी में खेला गया यह टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट था। भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से पीछे चल रही थी। चेन्नई में खेले गए पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 266 में ढेर हो गई, वीनू मार्कड ने 55 रन देकर 8 खिलाड़ियों का पवेलियन भेजा। इसके बाद भारतीय टीम ने पंकज रॉय (111) और पाली उमरीगर (130) के शतक की बदौलत 457 रन बनाए। दूसरी पारी में भी वीनू मार्कड ने 53 रन देकर 4 विकेट लिए 183 रन पर इंग्लैंड को ढेर कर पहली टेस्ट जीत हासिल की। मार्कड ने मैच में एक पारी के अंतर से जीत हासिल की। यह पहली सीरीज थी जिसमें भारत को हार का सामना नहीं करना पड़ा था।
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टीम इंडिया के अब तक 499 टेस्ट, उतार-चढ़ाव से भरा है यह सफर
पाली उमरीगर
- फोटो : google
50वां टेस्ट
भारत ने अपना 50वां टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1956-57 में चेन्नई में खेला था। इस मैच में भारत को एक पारी और 5 रनों से हार मिली थी। टॉस जीतकर भारत के कप्तान पाली उमरीगर ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया लेकिन भारतीय टीम रिची बनार्ड की घातक गेंदबाजी के सामने महज 161 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 319 रन बनाए। दोबारा बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम इस बार रे लिंडवॉल से पार नहीं पा सकी, लिंडवॉल ने 43 रन देकर 7 खिलड़ियों को पवेलियन वापस लौटाया। भारतीय टीम इस बार महज 153 रन पर ढेर हो गई।
भारत ने अपना 50वां टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1956-57 में चेन्नई में खेला था। इस मैच में भारत को एक पारी और 5 रनों से हार मिली थी। टॉस जीतकर भारत के कप्तान पाली उमरीगर ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया लेकिन भारतीय टीम रिची बनार्ड की घातक गेंदबाजी के सामने महज 161 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 319 रन बनाए। दोबारा बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम इस बार रे लिंडवॉल से पार नहीं पा सकी, लिंडवॉल ने 43 रन देकर 7 खिलड़ियों को पवेलियन वापस लौटाया। भारतीय टीम इस बार महज 153 रन पर ढेर हो गई।