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Team India: 'भूखे इंसान को बासी खाना भी दावत लगता है', श्रेयस की पहली जीत पर पूर्व क्रिकेटर ने क्यों कहा ऐसा?
Sat, 25 Jul 2026 01:04 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:04 PM IST
सार
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में सात विकेट की जीत के साथ श्रेयस अय्यर ने टी20 कप्तान के रूप में अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत लगातार छह मैच हार चुका था। अब इस पर एक पूर्व क्रिकेटर ने तंज कसा है।
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भारतीय टीम
- फोटो : PTI/IANS
विस्तार
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह जीत कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए बेहद खास रही, क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान बनने के बाद यह उनकी पहली जीत थी। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से सीरीज हार चुका था।
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'लंबे समय बाद मिली जीत, इसलिए खुशी स्वाभाविक'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदागोपन रमेश ने भारत की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही कुछ लोग जिम्बाब्वे पर जीत को बड़ा नहीं मान रहे हों, लेकिन लगातार हार के बाद यह सफलता टीम के लिए राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा, 'कई लोग कह रहे हैं कि जिम्बाब्वे को हराकर भारत को इतनी खुशी नहीं मनानी चाहिए। लेकिन जब टी20 में लंबे समय से जीत का इंतजार हो तो बासी खाना भी शादी की दावत जैसा लगता है। श्रेयस अय्यर जरूर राहत महसूस कर रहे होंगे। उनकी कप्तानी में भारत लगातार हार रहा था। शायद वह उस स्थिति में पहुंच गए थे, जहां किसी भी टीम के खिलाफ जीत ही उनके लिए काफी थी।'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदागोपन रमेश ने भारत की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही कुछ लोग जिम्बाब्वे पर जीत को बड़ा नहीं मान रहे हों, लेकिन लगातार हार के बाद यह सफलता टीम के लिए राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा, 'कई लोग कह रहे हैं कि जिम्बाब्वे को हराकर भारत को इतनी खुशी नहीं मनानी चाहिए। लेकिन जब टी20 में लंबे समय से जीत का इंतजार हो तो बासी खाना भी शादी की दावत जैसा लगता है। श्रेयस अय्यर जरूर राहत महसूस कर रहे होंगे। उनकी कप्तानी में भारत लगातार हार रहा था। शायद वह उस स्थिति में पहुंच गए थे, जहां किसी भी टीम के खिलाफ जीत ही उनके लिए काफी थी।'
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वीवीएस लक्ष्मण की भी की तारीफ
रमेश ने भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'वीवीएस लक्ष्मण भी तारीफ के हकदार हैं। जब भी वह भारत के मुख्य कोच बनते हैं, टीम अच्छा प्रदर्शन करती है। उनके मार्गदर्शन में भारत अक्सर विपक्षी टीमों का क्लीन स्वीप करता है, जबकि दूसरी तरफ कई बार भारत खुद क्लीन स्वीप झेल रहा होता है। ऐसे समय में टीम को किसी भी तरह की जीत की जरूरत थी और इसलिए जिम्बाब्वे पर मिली इस जीत की खुशी स्वाभाविक है।'
रमेश ने भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'वीवीएस लक्ष्मण भी तारीफ के हकदार हैं। जब भी वह भारत के मुख्य कोच बनते हैं, टीम अच्छा प्रदर्शन करती है। उनके मार्गदर्शन में भारत अक्सर विपक्षी टीमों का क्लीन स्वीप करता है, जबकि दूसरी तरफ कई बार भारत खुद क्लीन स्वीप झेल रहा होता है। ऐसे समय में टीम को किसी भी तरह की जीत की जरूरत थी और इसलिए जिम्बाब्वे पर मिली इस जीत की खुशी स्वाभाविक है।'
वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। महज 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में वैभव ने यह उपलब्धि हासिल की और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 16 वर्ष 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया था।
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। महज 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में वैभव ने यह उपलब्धि हासिल की और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 16 वर्ष 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया था।