वादा पूरा: प्यूमा ने पूरी टीम के लिए भेजे जूते, जिम्बाब्वे के इस खिलाड़ी ने लगाई थी मदद की गुहार
- प्यूमा ने निभाया वादा, पूरी टीम के लिए भेजे जूते
- फटे हुए जूटों की तस्वीर पोस्ट कर रेयान बर्ल ने लगाई थी मदद की गुहार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के बल्लेबाज रेयान बर्ल ने शनिवार को अपने फटे हुए जूतों की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद फुटवियर कंपनी प्यूमा ने उन्हें मदद का भरोसा दिया था। वहीं, सोमवार को कंपनी ने पूरी टीम के लिए जूते भेजे हैं। कंपनी ने ट्वीट कर कहा, ये रेयान और उसके साथियों के लिए। उम्मीद है कि जूते के रंग जर्सी से मेल खाते हैं। कंपनी के इस ट्वीट के जवाब में रेयान ने प्यूमा को धन्यवाद कहा।
दरअसल, वित्तीय संकट से हताश जिम्बाब्वे के बल्लेबाज रेयान बर्ल ने देश के क्रिकेट की खस्ताहाल की ओर ध्यान खींचते हुए फटे हुए जूतों की तस्वीर पोस्ट करके राष्ट्रीय टीम के प्रायोजन का आग्रह किया था। बर्ल की यह अपील काम कर गई और जूते बनाने वाली शीर्ष कंपनियों में शामिल प्यूमा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रायोजन का वादा भी कर दिया।
बर्ल ने ट्वीट करके पूछा था, 'क्या कोई संभावना है कि हमें कोई प्रायोजक मिले जिससे कि हमें प्रत्येक श्रृंखला के बाद अपने जूते चिपकाने नहीं पड़ें।' बर्ल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्यूमा क्रिकेट ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'गोंद को फेंकने का समय आ गया है, हम आपको सहायता देंगे।'
Look what is on its way 🔜✈️
— Ryan Burl (@ryanburl3) May 24, 2021
Thanks @pumacricket https://t.co/d8oqi25X6T
बाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज 27 साल के बर्ल ने जिंबाब्वे की ओर से तीन टेस्ट, 18 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने अपने जूतों की तस्वीर, गोंद और इसे ठीक करने के लिए कुछ सामान की तस्वीर ट्वीट की है। विश्व कप 1983 से पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम का दर्जा हासिल करने वाले जिंबाब्वे को 1992 में टेस्ट दर्जा मिला लेकिन पिछले कुछ समय से टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जूझ रही है। देश फ्लावर बंधुओं एंडी और ग्रांट, एलिस्टेयर कैंपबेल, डेव हॉटन, हीथ स्ट्रीक और नील जॉनसन जैसे खिलाड़ी तैयार करने में विफल रहा है। इन खिलाड़ियों ने जिंबाब्वे का प्रतिनिधित्व करते हुए काफी सफलता हासिल की।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सरकारी हस्तक्षेप के कारण 2019 में देश के क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया और पिछले साल टीम को टी20 विश्व कप क्वालीफायर में हिस्सा लेने से भी रोक दिया। बाद में हालांकि जिंबाब्वो को बहाल कर दिया गया। हाल में पाकिस्तान ने जिंबाब्वे में दो टेस्ट की श्रृंखला में क्लीनस्वीप करने के अलावा टी20 श्रृंखला 2-1 से जीती।