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ODI WC: भारतीय टीम में अश्विन के चयन से भड़के 2011 के चैंपियन, कहा- अक्षर की जगह सुंदर को मौका मिलना चाहिए था
Sat, 30 Sep 2023 09:45 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 30 Sep 2023 09:45 AM IST
सार
चोट के कारण ऑलराउंडर अक्षर मौजूदा वनडे विश्वकप से बाहर हो गए थे। इसके बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को जगह दी।
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केएल राहुल और रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : BCCI/X
विस्तार
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कहा कि भारतीय टीम में कई शानदार खिलाड़ी मौजूद हैं। टीम में चोटिल अक्षर पटेल की जगह कलाई के स्पिनर युजवेंद्र चहल या वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया जाना चाहिए था। चोट के कारण ऑलराउंडर अक्षर मौजूदा वनडे विश्वकप से बाहर हो गए थे। इसके बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को जगह दी।
युवराज ने कहा, ‘भारतीय टीम में चहल के साथ एक लेग स्पिनर की कमी है। अगर हम चहल को नहीं चुन रहे हैं तो मैं सुंदर को टीम में देखने का इच्छुक था। लेकिन टीम एक अनुभवी गेंदबाज चाहती थी इसलिए अश्विन को मौका मिला।’ बुमराह को लेकर उन्होंने कहा, ‘बुमराह एक मैच विजेता हैं। जैसा जहीर खान ने हमारे लिए 2011 में किया था। जसप्रीत को उनका कौशल और रफ्तार खतरनाक बनाती है। वह टीम के काफी अहम खिलाड़ी हैं। चोट से इतने लंबे समय बाद वापसी करना काफी बड़ी चीज है। वह किसी भी हालात में मैच जीत सकते हैं।’
2011 में युवराज ने किया था कमाल
युवराज सिंह ने 2011 वनडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। बल्ले के अलावा गेंद के साथ भी उनका योगदान बेहद खास था। युवराज इस विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने थे और भारत को चैंपियन बनाने में सबसे ज्यादा योगदान दिया था। हालांकि, इसके बाद वह कैंसर से पीड़ित हो गए। कुछ समय बाद युवी ने वापसी की और भारत के लिए कुछ अच्छी पारियां भी खेलीं, लेकिन वह अपनी पुरानी लय नहीं हासिल कर सके। 2013 में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में उनकी जगह मुश्किल हो गई। 2014 टी20 विश्व कप के फाइनल में युवराज ने अपने करियर की सबसे निराशानजक पारियों में से एक खेली। इसके बाद टीम से बाहर हो गए।
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युवराज फिलहाल अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। वह कमेंट्री या कोचिंग की फील्ड में नहीं उतरे हैं। हालांकि, कुछ टी20 लीग में जरूर युवी का जलवा देखने को मिला है।
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युवराज ने कहा, ‘भारतीय टीम में चहल के साथ एक लेग स्पिनर की कमी है। अगर हम चहल को नहीं चुन रहे हैं तो मैं सुंदर को टीम में देखने का इच्छुक था। लेकिन टीम एक अनुभवी गेंदबाज चाहती थी इसलिए अश्विन को मौका मिला।’ बुमराह को लेकर उन्होंने कहा, ‘बुमराह एक मैच विजेता हैं। जैसा जहीर खान ने हमारे लिए 2011 में किया था। जसप्रीत को उनका कौशल और रफ्तार खतरनाक बनाती है। वह टीम के काफी अहम खिलाड़ी हैं। चोट से इतने लंबे समय बाद वापसी करना काफी बड़ी चीज है। वह किसी भी हालात में मैच जीत सकते हैं।’
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2011 में युवराज ने किया था कमाल
युवराज सिंह ने 2011 वनडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। बल्ले के अलावा गेंद के साथ भी उनका योगदान बेहद खास था। युवराज इस विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने थे और भारत को चैंपियन बनाने में सबसे ज्यादा योगदान दिया था। हालांकि, इसके बाद वह कैंसर से पीड़ित हो गए। कुछ समय बाद युवी ने वापसी की और भारत के लिए कुछ अच्छी पारियां भी खेलीं, लेकिन वह अपनी पुरानी लय नहीं हासिल कर सके। 2013 में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में उनकी जगह मुश्किल हो गई। 2014 टी20 विश्व कप के फाइनल में युवराज ने अपने करियर की सबसे निराशानजक पारियों में से एक खेली। इसके बाद टीम से बाहर हो गए।
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युवराज फिलहाल अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। वह कमेंट्री या कोचिंग की फील्ड में नहीं उतरे हैं। हालांकि, कुछ टी20 लीग में जरूर युवी का जलवा देखने को मिला है।