अब धोनी की नहीं चलेगी, होगी युवी-वीरू की वापसी!
पिछली बार के हीरो रहे युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग इस बार का वर्ल्ड कप खेल सकेंगे या नहीं इस पर फैसला 7 फरवरी को होना है। पिछले महीने की शुरुआत में जब वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का चयन किया जाना था तो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की युवा खिलाड़ियों को तरजीह देने के दबाव के आगे चयनकर्ताओं ने इन अनुभवी खिलाड़ियों को टीम में फिर से शामिल नहीं करने का फैसला लिया।
लेकिन इसके बाद त्रिकोणीय सीरीज में टीम इंडिया के युवा ब्रिगेड बुरी तरह से नाकाम रहे। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में उन्हें असफलता मिली, परिणाम यह हुआ कि टीम इंडिया एक भी मैच नहीं जीत सकी। सबसे बुरी बात यह रही कि टीम इंडिया को अपने कोटे के 50 ओवर खेलने में भी दिक्कत होने लगी। कई मैचों में वह 50 ओवर भी नहीं खेल सके।
धोनी के खास ओपनर शिखर धवन की लगातार नाकामी का सिलसिला और रोहित शर्मा के चोटिल होने के बाद टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को भी लगने लगा कि युवा जोश के साथ-साथ अनुभव भी जरूरी होता है। प्रशंसक मनाने लगे कि कुछ ऐसा हो जाए कि युवराज और सहवाग का नंबर वर्ल्ड कप में लग जाए। वर्ल्ड कप से पहले भारत के 4 खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं और इन सभी को 7 फरवरी को सख्त फिटनेस टेस्ट देना है और अगर इनमें से कोई भी नाकाम होता है तो उसे स्वदेश लौटना होगा और उनकी जगह किसी अन्य भारतीय खिलाड़ी को वर्ल्ड कप का टिकट दिया जाएगा।
अब धोनी की नहीं चलेगी, बीसीसीआई ने बनाया मन!
टीम इंडिया के 15 सदस्यीय दल में से 4 खिलाड़ी चोटिल हैं जिसमें स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के अलावा ओपनर रोहित शर्मा और आलरांउडर रवींद्र जडेजा शामिल हैं। इन चारों को 7 को फिटनेस टेस्ट देना है।
हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि जडेजा और रोहित शर्मा फिट हो गए हैं और तय समय पर अपनी फिटनेस भी साबित कर देंगे। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इशांत और भुवनेश्वर को लेकर है जिनके फिट होने पर संशय बना हुआ है। दोनों तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया में फिटनेस हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बोर्ड को चोटिल खिलाड़ियों के फिटनेस के बारे में बताने के लिए 7 फरवरी को अंतिम तारीख दी गई है लेकिन सुनने में आ रहा है कि मुकाबला शुरू होने से पहले कुछ बड़े खिलाड़ी फिट नहीं दिख रहे हैं। उनकी फिटनेस समस्या को देखते हुए उनकी जगह नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जा सकता है।
भुवी टीम के अहम गेंदबाज हैं और अगर वह बाहर होते हैं तो टीम को तगड़ा झटका लगेगा। वहीं इशांत टीम में शामिल अन्य गेंदबाजों से ज्याद अनुभवी गेंदबाज हैं। ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी बाहर होता है तो टीम प्रबंधन युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ियों को 3 कारणों से शामिल करना चाहेगा।
पहला यह कि इन दोनों के पास अंतरराष्ट्रीय मैच और वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स खेलने का विशाल अनुभव है और दूसरा दोनों बल्ले से तेजी से रन बनाने में माहिर हैं साथ ही गेंद से भी कमाल कर सकते हैं। युवराज पिछले वर्ल्ड कप के हीरो रहे हैं। तीसरा कारण दोनों पिछले कुछ समय से रणजी क्रिकेट में रन बना रहे हैं और दोनों ने शतक भी लगाए हैं।
अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होकर टीम से बाहर होता है तो युवराज और सहवाग या दोनों में से किसी एक की वापसी लगभग तय है। बीसीसीआई भी धोनी की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए इनमें से किसी एक को वर्ल्ड कप के लिए भेजने का मन बना चुकी है। खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट नेट सत्र के बाद होगा।