WI Inning
99/1 (14.1 ov)
Target: 352
Shai Hope 47(43)*
Amir Jangoo 33 (36)
WI need 253 runs in 35.5 remaining overs
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कैसे भारत ए ने जीती सीरीज?: राठौड़-मुलानी ने बचाई मेजबानों की लाज, ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ रोमांचक ड्रॉ
Fri, 02 Oct 2026 10:31 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुदुचेरी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुदुचेरी
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 02 Oct 2026 10:31 PM IST
सार
यश राठौड़ और शम्स मुलानी की जुझारू बल्लेबाजी की बदौलत भारत ए ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दूसरा चार दिवसीय मुकाबला रोमांचक ड्रॉ कराया। 365 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ए ने 199 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे, लेकिन राठौड़ (80) और मुलानी (29) ने आठवें विकेट के लिए 80 रन जोड़कर टीम को हार से बचाया। आखिरी विकेट के लिए नचिकेत भुटे और प्रफुल हिंगे ने तीन ओवर निकालकर ड्रॉ पक्का किया। इसके साथ ही भारत ए ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की।
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भारत ए ने जीती सीरीज
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेला गया दूसरा और आखिरी चार दिवसीय मुकाबला रोमांचक ड्रॉ पर समाप्त हुआ। 365 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ए ने सात विकेट 199 रन पर गंवा दिए थे, लेकिन यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने आठवें विकेट के लिए 80 रन की जुझारू साझेदारी कर टीम को हार से बचा लिया। भारत ए ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। पहले मैच में टीम ने 162 रन से जीत दर्ज की थी।
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राठौड़-मुलानी ने संभाला मोर्चा
भारत ए ने चौथे दिन की शुरुआत एक विकेट पर 28 रन से की थी। टीम को जीत के लिए 337 रन और चाहिए थे। हालांकि दिन बढ़ने के साथ भारत ए की मुश्किलें बढ़ती गईं और 60.2 ओवर में उसका स्कोर सात विकेट पर 199 रन हो गया। इसके बाद यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दोनों ने करीब 36 ओवर तक बल्लेबाजी की और 80 रन जोड़े। इस दौरान उन्होंने नई गेंद के 16 ओवर भी झेले। राठौड़ ने 138 गेंदों में 80 रन बनाए, जबकि मुलानी ने 131 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ए के तेज गेंदबाज लियाम स्कॉट ने दिन का अंत रोमांचक बना दिया। पारी के 97वें ओवर में उन्होंने राठौड़ को एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसके दो ओवर बाद स्कॉट ने मुलानी को भी पवेलियन भेज दिया। स्कॉट ने 37 रन देकर पांच विकेट लिए।
भारत ए ने चौथे दिन की शुरुआत एक विकेट पर 28 रन से की थी। टीम को जीत के लिए 337 रन और चाहिए थे। हालांकि दिन बढ़ने के साथ भारत ए की मुश्किलें बढ़ती गईं और 60.2 ओवर में उसका स्कोर सात विकेट पर 199 रन हो गया। इसके बाद यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दोनों ने करीब 36 ओवर तक बल्लेबाजी की और 80 रन जोड़े। इस दौरान उन्होंने नई गेंद के 16 ओवर भी झेले। राठौड़ ने 138 गेंदों में 80 रन बनाए, जबकि मुलानी ने 131 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ए के तेज गेंदबाज लियाम स्कॉट ने दिन का अंत रोमांचक बना दिया। पारी के 97वें ओवर में उन्होंने राठौड़ को एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसके दो ओवर बाद स्कॉट ने मुलानी को भी पवेलियन भेज दिया। स्कॉट ने 37 रन देकर पांच विकेट लिए।
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आखिरी जोड़ी ने तीन ओवर तक किया मुकाबला
राठौड़ और मुलानी के आउट होने के बाद भारत ए के सामने आखिरी तीन ओवर निकालने की चुनौती थी। नचिकेत भुटे और प्रफुल हिंगे ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई। भुटे 20 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि हिंगे बिना खाता खोले नाबाद लौटे और भारत ए ने 103 ओवर में नौ विकेट पर 310 रन बनाकर मैच ड्रॉ करा लिया। इससे पहले नाइट वॉचमैन तुषार देशपांडे ने भी भारत ए को संकट से निकालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 119 गेंदों में 52 रन बनाए। देशपांडे ने कप्तान देवदत्त पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। लंच तक भारत ए का स्कोर दो विकेट पर 99 रन था।
दूसरे सत्र में भारत ए ने पांच विकेट गंवा दिए और चाय तक उसका स्कोर सात विकेट पर 205 रन हो गया। स्कॉट ने पडिक्कल को 26 रन पर विकेट के पीछे जोश फिलिप को कैच कराया, जबकि तुषार देशपांडे ने लियाम हैचर की गेंद पर मिडऑफ में कैच देकर अपनी पारी समाप्त की।
राठौड़ और मुलानी के आउट होने के बाद भारत ए के सामने आखिरी तीन ओवर निकालने की चुनौती थी। नचिकेत भुटे और प्रफुल हिंगे ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई। भुटे 20 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि हिंगे बिना खाता खोले नाबाद लौटे और भारत ए ने 103 ओवर में नौ विकेट पर 310 रन बनाकर मैच ड्रॉ करा लिया। इससे पहले नाइट वॉचमैन तुषार देशपांडे ने भी भारत ए को संकट से निकालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 119 गेंदों में 52 रन बनाए। देशपांडे ने कप्तान देवदत्त पडिक्कल के साथ तीसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। लंच तक भारत ए का स्कोर दो विकेट पर 99 रन था।
दूसरे सत्र में भारत ए ने पांच विकेट गंवा दिए और चाय तक उसका स्कोर सात विकेट पर 205 रन हो गया। स्कॉट ने पडिक्कल को 26 रन पर विकेट के पीछे जोश फिलिप को कैच कराया, जबकि तुषार देशपांडे ने लियाम हैचर की गेंद पर मिडऑफ में कैच देकर अपनी पारी समाप्त की।
सीरीज में भारत ए की जीत
पहला मुकाबला 162 रन से जीतने के कारण भारत ए ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया ए के सैम हार्पर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि शम्स मुलानी प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे।
पहला मुकाबला 162 रन से जीतने के कारण भारत ए ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया ए के सैम हार्पर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि शम्स मुलानी प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे।