आखिर दुनिया क्यों याद कर रही भारत-पाकिस्तान का टी-20 फाइनल मैच?
सांस थाम देने वाले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराकर डरबन टी-20 दो रन से अपने नाम किया। आखिरी गेंद पर मेजबान प्रोटियाज को तीन रन की दरकार थी, लेकिन अंग्रेजी गेंदबाज टॉम करन ने जिस अंदाज में फॉर्टिन को आउट किया, उसे देखकर दुनिया को 2007 में खेले गए पहले टी-20 विश्व कप में मिसबाह-उल-हक का विकेट याद आ गया।
दरअसल, किंग्समीड मैदान पर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान क्विंटन डीकॉक ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को बल्ला थमाया। इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर्स में सात विकेट के नुकसान पर 202 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने जबरदस्त पलटवार करते हुए मैच लगभग अपने कब्जे में कर लिया था, लेकिन आखिरी दो गेंदों पर बाजी पलट गई।
तीन मैच की टी-20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका को आखिरी छह गेंदों में 15 रन की दरकार थी। क्रीज पर डुसैन का साथ देने के लिए 8 गेंदों में 13 रन बनाकर खेल रहे ड्वेन प्रिटोरियस मौजूद थे।
गेंद तेज गेंदबाज टॉम करन के हाथ में थी और स्ट्राइक पर थे प्रिटोरियस। पहली गेंद डॉट जाने के बाद दूसरी और तीसरी गेंद पर प्रिटोरियस ने पहले डीप मिड विकेट पर छक्का जमा दिया और फिर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से चौका लगा दिया। चौथी गेंद पर भी दो रन आ गए।
अब दक्षिण अफ्रीका को दो गेंदों में महज 3 रन की दरकार थी। यानी एक हिट और मैच प्रोटियाज के पक्ष में। इंग्लिश बॉलर पर जबरदस्त दबाव था क्योंकि क्रीज पर मौजूद दोनों बल्लेबाज सेट हो चुके थे, लेकिन इसके बाद जो हुआ वो चमत्कार था।
अपनी नब्ज पर काबू रखते हुए टॉम करन ने पांचवीं गेंद जबरदस्त यॉर्कर डाली। गेंद सीधे बल्लेबाज के पैर पर लगी और जोरदार अपील पर अंगुली खड़े करने में अंपायर की कोई हिचक नहीं हुई। यह विवादित फैसला था, क्योंकि वापस लौट रहे प्रिटोरियस ने पवेलियन में बैठे अपने कप्तान का इशारा देखकर रीव्यू लेना चाहा। अंग्रेजों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। हालांकि डीआरएस में भी वह आउट ही करार दिए गए।
इस विकेट ने पूरा मैच पलटा दिया, क्योंकि आखिरी गेंद में जीत के लिए तीन रन। टाई के लिए दो रन की दरकार थी और दक्षिण अफ्रीका के लिए मैच बनाने वाले वैन डर डुसैन नॉन स्ट्राइक एंड पर खड़े थे। अब दबाव अपना तीसरा टी-20 खेल रहे स्पिनर फॉर्टिन पर था, क्योंकि उनके हाथ में गेंद नहीं बल्कि बल्ला था। हालांकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने तीन शतक भी लगाए हुए थे, लेकिन आज उनकी एक न चली।
लेग स्टंप पर आई एक स्लोअर बॉल को वह शॉर्ट फाइन लेग के ऊपर से मारना चाहते थे, लेकिन वहां मुस्तैद अब्दुल राशिद ने आसान कैच लपककर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की। यह विकेट 2007 में खेले गए पहले टी-20 विश्व कप के फाइनल में पाक कप्तान मिसबाह-उल-हक के विकेट की याद दिलाता है। जब कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी ओवर फेंकने के लिए जोगिंदर शर्मा को गेंद पकड़ाई और तब शर्मा ने मिसबाह को इसी अंदाज में श्रीसंत के हाथों कैच कराकर भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाया था।
This day, in 2⃣0⃣0⃣7⃣#TeamIndia were crowned World T20 Champions 😎🇮🇳 pic.twitter.com/o7gUrTF8XN
— BCCI (@BCCI) September 24, 2019