आखिर भारत से क्यों हारा पाकिस्तान, कहीं इंजमाम-उल-हक का 'भार' तो नहीं पड़ रहा भारी?
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विश्व कप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का एक चेहरा हर मौके पर आगे दिखता है। इंग्लैंड के टॉन्टन में ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच से पहले की तैयारियों में वो चेहरा बिल्कुल मोर्चे पर था। यहां तक कि वो व्यक्ति पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की हरे रंग की पोशाक भी नहीं पहनता है। यह चेहरा मैनचेस्टर में भारत-पाकिस्तान के मैच से पहले भी मैदान पर पिच के मुआयने में कप्तान और कोच से बातचीत करता दिखा। वो चेहरा नेट में प्रैक्टिस के वक्त अपने खिलाड़ियों को गुरु मंत्र देता दिखता है।
चेहरे पर बड़ी दाढ़ी और पहनावा पारंपरिक सलवार कमीज। इसी तेवर और कलेवर में इंजमाम हर जगह वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम के साथ दिखते हैं। अगर कोई इंजमाम-उल-हक को नहीं पहचानता हो तो वो धोखा खा सकता है कि मैदान में एक मौलवी कहां से आ गया। ऐसा ही एक वाकया टि्वटर पर सक्रिय रहने वाले तारेक फतेह के साथ भी हुआ, जब वो खुद उनकी वेश- भूषा से धोखा खा गए।
इंजमाम अपनी मौजूदगी का अहसास हमेशा कराते हैं लेकिन सवाल ये है कि मुख्य चयनकर्ता के तौर पर पाकिस्तान की टीम को उनका कितना फायदा मिल रहा है। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि मुख्य चयनकर्ता के तौर पर इंजमाम का वर्ल्ड कप की टीम में काफी दखल रहा है।
जब भारत से हार के बाद पाकिस्तान में कप्तान सरफराज अहमद, कोच मिकी आर्थर और कई खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक बातें कही जा रही हैं ऐसे में अब इंजमाम की भूमिका पर भी उंगली उठने लगी है।
जाहिर है पाकिस्तान की हार में कप्तान सरफराज, कोच अर्थर और शोएब मलिक जैसे खिलाड़ियों की भी जवाबदेही है लेकिन इंजमाम की भूमिका भी निशाने पर आ गई है। पाकिस्तानी मीडिया में पूछा जा रहा है कि इंजमाम ने मुख्य चयनकर्ता के तौर पर कैसे लोगों को टीम में रख लिया है।
पाकिस्तान के चैनलों की टीवी रिपोर्ट में सवाल पूछे जा रहे हैं कि इंजमाम को जवाब देना चाहिए कि बुरी तरह से फ्लॉप रहे शोएब मलिक को वर्ल्ड कप के लिए क्यों चुना? वो इंग्लैंड में पाकिस्तान की टीम के साथ हैं और अहम फैसलों में उनका दखल है। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार सरफराज और मिकी ऑर्थर में वैसी दंबगई नहीं है कि इंजमाम को नियंत्रण में रख पाएं।
पाकिस्तानी मीडिया में कहा जा रहा है कि इंजमाम-उल-हक 2006-07 में जब पाकिस्तान की टीम के कप्तान थे, कुछ वैसी ही स्थिति आज है। पाकिस्तानी अख़बार द न्यूज से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि जब वो कप्तान थे तब न केवल पूरी टीम पर उनका नियंत्रण था बल्कि हर फैसले भी उनके मन मुताबिक होते थे।
पाकिस्तानी मीडिया में कहा जा रहा है कि वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान के प्लेइंग इलेवन में जिन लोगों को शामिल किया है उससे लोग नाखुश हैं। इस टीम में इंजमाम-उल-हक के भतीजे इमाम-उल-हक भी शामिल हैं जो भारत के खिलाफ बुरी तरह से फ्लॉप रहे।
भारत से 89 रनों की हार के बाद उस अधिकारी ने द न्यूज़ कहा, 'इंजमाम दबंग किस्म के आदमी हैं। वो निरंकुश हैं और पसंद नापंसद को लेकर अड़ जाते हैं। जब शहरयार खान बोर्ड के चेयरमैन थे, तब पीसीबी में इंजमाम की ही चलती थी। ऐसा लग रहा है कि इतिहास एक बार फिर से ख़ुद को दोहरा रहा है।'
इंजमाम की कप्तानी में पाकिस्तान को टेस्ट मैच के इतिहास में सबसे बड़ी सजा भुगतनी पड़ी थी। यह मैच ओवल में 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ था। इस मैच में गेंद के साथ छेड़छाड़ करने में पाकिस्तान की टीम को दोषी माना गया तो इंजमाम ने मैच खेलने से ही इनकार कर दिया था।
2007 में इंजमाम की कप्तानी में ही पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन बुरी तरह से शुरुआती दौर में ही उसके अभियान ने दम तोड़ दिया।
भारत से हार के बाद इस तरह की खबरें भी सुनाई देने लगीं है पाकिस्तानी टीम में ही कई गुट बन गए हैं और कप्तान सरफराज बिल्कुल अलग-थलग पड़ गए हैं। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसे महज अफवाह बताया है और कहा है कि पूरी सरफराज के साथ खड़ी है।
इंजमाम-उल-हक को 90 के दशक में पाकिस्तानी टीम के तत्कालीन कप्तान इमरान खान ने टीम में शामिल किया था। 22 साल की उम्र में इंजमाम-उल-हक तब चर्चा में आए जब उन्होंने 1992 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला।
इंजमाम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 37 गेंद पर 60 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी और पाकिस्तान फाइनल में पहुंच गया था। उसके बाद इंजमाम की टीम में जगह पक्की हो गई वो कप्तान तक बने। इंजमाम ने कुल 378 वनडे करियर में 11739 रन बनाए हैं।
भारत से हार के बाद पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह काफी मुश्किल हो गई है। वर्ल्ड कप 2019 में पाकिस्तान की यह लगातार दूसरी हार थी और वह कुल तीन मैच हार चुका है। पाकिस्तान को अगर सेमीफाइनल में पहुंचना है तो बाकी के सभी चार मैच जीतने होंगे।
इन जीतों के बाद पाकिस्तान के 11 अंक होंगे। मुश्किल यह है कि पाकिस्तान का नेट रन रेट यानी एनआरआर बहुत खराब है। ऐसे में सेमीफाइनल में चार टीमों में एक होने के लिए उस हिसाब से कुल अंक होने चाहिए। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश को हारना होगा। इसके साथ ही वेस्टइंडीज को भी अपने दो मैचों में हारना होगा। कुल मिलाकर बात यह है कि सेमीफाइनल में पहुंचना अब पाकिस्तान के हाथ में नहीं है बल्कि दूसरे टीमों की हार जीत पर है।
पाकिस्तान के लिए बाकी के चार मैच जीतना आसान नहीं है। पाकिस्तान का अगला मैच 23 जून को दक्षिण अफ्रीका से है। हालांकि दक्षिण अफ्रीका इस बार कमजोर टीम दिख रही है। दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड, बांग्लादेश और भारत से हार चुका है।
पाकिस्तान बर्मिंघम में 26 जून को न्यूजीलैंड के साथ खेलेगा। पाकिस्तान के लिए यह सबसे मुश्किल मुकाबला है। न्यूजीलैंड ने अब तक सारे मैच जीते हैं बस भारत से मैच बारिश के कारण नहीं हो पाया था। पाकिस्तान को न्यूज़ीलैंड को हराने के लिए बेहतरीन खेलना होगा।
पाकिस्तान के बाकी दो मैच लीड्स में अफगानिस्तान से और लॉर्ड्स में बांग्लादेश से है। अफगानिस्तान को पाकिस्तान हरा सकता है, लेकिन पाकिस्तान वॉर्मअप मैच में अफगानिस्तान से हार चुका है। पाकिस्तान का आखिरी मैच बांग्लादेश से है।
बांग्लादेश की टीम भी बढ़िया खेल रही है और उसने 17 जून को वेस्टइंडीज को 322 रन चेज करके हराया है, इसलिए पाकिस्तान के लिए बांग्लादेश को हराना भी आसान नहीं होगा।