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IND vs ENG: क्या 58 वर्षों का सूखा होगा खत्म, एजबेस्टन में जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन पाएंगे शुभमन गिल?
Thu, 26 Jun 2025 05:55 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 26 Jun 2025 05:55 PM IST
सार
गिल के पास अपना नाम इतिहास की किताबों में दर्ज कराने का मौका होगा। अगर वह 58 वर्षों का सूखा खत्म करने में कामयाब होते हैं तो बर्मिंघम के एजबेस्टन में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय कप्तान बनेंगे।
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भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा टेस्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। इसकी शुरुआत दो जुलाई को होगी। इस टेस्ट में शुभमन गिल के पास इतिहास रचने का मौका है। दरअसल, इस मैदान पर अब तक भारतीय टीम फतह नहीं कर पाई है। टीम इंडिया ने इस मैदान पर सबसे पहला मैच 1967 में खेला था। चाहे विराट कोहली हों या धोनी या फिर द्रविड़ या फिर सौरव गांगुली, 58 साल में यहां किसी भारतीय कप्तान ने जीत हासिल नहीं की। हालांकि, गिल के पास अपना नाम इतिहास की किताबों में दर्ज कराने का मौका होगा। अगर वह 58 वर्षों का सूखा खत्म करने में कामयाब होते हैं तो बर्मिंघम के एजबेस्टन में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय कप्तान बनेंगे।
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एजबेस्टन में भारत का इतिहास
भारत ने 1967 में जब पहली बार एजबेस्ट में टेस्ट मैच खेला था तो मंसूर अली खान पटौदी कप्तान रहे थे। तब इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 132 रन से हराया था। इसके बाद 1974 में भारत ने इस मैदान पर दूसरी बार इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेला, तब अजीत वाडेकर कप्तान रहे थे। भारत को उस मुकाबले में भी पारी और 78 रन से हार का सामना करना पड़ा था। फिर 1979 में भारत ने एस वेंकटराघवन की कप्तानी में तीसरा मुकाबला खेला। उस टेस्ट में इंग्लिश टीम ने भारतीय टीम को पारी और 83 रन से शिकस्त दी थी। 1986 में टीम इंडिया ने एजबेस्टन में कपिल देव की कप्तानी में टेस्ट खेला। यह मैच ड्रॉ रहा था और रिकॉर्ड के हिसाब से कपिल एजबेस्टन में टेस्ट ड्रॉ कराने वाले पहले भारतीय कप्तान हैं। आंकड़ों के हिसाब से वह एजबेस्टन में सबसे सफल भारतीय कप्तान भी हैं।
भारत ने 1967 में जब पहली बार एजबेस्ट में टेस्ट मैच खेला था तो मंसूर अली खान पटौदी कप्तान रहे थे। तब इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 132 रन से हराया था। इसके बाद 1974 में भारत ने इस मैदान पर दूसरी बार इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेला, तब अजीत वाडेकर कप्तान रहे थे। भारत को उस मुकाबले में भी पारी और 78 रन से हार का सामना करना पड़ा था। फिर 1979 में भारत ने एस वेंकटराघवन की कप्तानी में तीसरा मुकाबला खेला। उस टेस्ट में इंग्लिश टीम ने भारतीय टीम को पारी और 83 रन से शिकस्त दी थी। 1986 में टीम इंडिया ने एजबेस्टन में कपिल देव की कप्तानी में टेस्ट खेला। यह मैच ड्रॉ रहा था और रिकॉर्ड के हिसाब से कपिल एजबेस्टन में टेस्ट ड्रॉ कराने वाले पहले भारतीय कप्तान हैं। आंकड़ों के हिसाब से वह एजबेस्टन में सबसे सफल भारतीय कप्तान भी हैं।
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इसके बाद टीम इंडिया 10 साल तक एजबेस्टन के मैदान से दूर रही। फिर 1996 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में टीम इंडिया इस मैदान पर टेस्ट मैच खेलने उतरी। उस मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को आठ विकेट से हराया था। 2011 में जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने एजबेस्टन में टेस्ट खेला तो इंग्लैंड ने पारी और 242 रन से जीत दर्ज की। 2018 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने एजबेस्टन में टेस्ट खेला और 31 रन से भारतीय टीम को हार मिली। 2021-22 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर चार टेस्ट भारतीय टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में खेले, लेकिन पांचवां टेस्ट कोरोना की वजह से स्थगित हो गया था। इसे 2022 में अगस्त में खेला गया था। तब तक कोहली कप्तानी से हट चुके थे। ऐसे में जसप्रीत बुमराह ने टीम इंडिया की कप्तानी की और भारत यह टेस्ट सात विकेट से हार गया। इस मुकाबले से पहले तक भारत 2-1 से सीरीज में आगे थे। अगर मैच तभी हुआ होता तो कोहली के पास भी इतिहास रचने का मौका था। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका।
पहले टेस्ट में हारा भारत
अब जो काम किंग नहीं कर पाए, अब उसे प्रिंस को पूरा करने की जिम्मेदारी होगी। गिल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी कर रहे हैं और लीड्स में उनकी कप्तानी अच्छी रही थी। हालांकि, भारत को पहले टेस्ट में पांच विकेट से शिकस्त मिली। भारतीय गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन और ढीली फील्डिंग का पूरा फायदा उठाते हुए बेन डकेट के शानदार शतक की मदद से इंग्लैंड ने 371 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करके पहले टेस्ट के पांचवें दिन भारत को हरा दिया। डकेट ने 170 गेंद में 21 चौकों और एक छक्के की मदद से 149 रन बनाए, जबकि जैक क्राउली ने 65 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 188 रन की साझेदारी करके भारत की मैच में वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बाद जो रूट ने 53 और जैमी स्मिथ ने 44 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। पांच मैचों की सीरीज में अब इंग्लैंड 1-0 से आगे है।
अब जो काम किंग नहीं कर पाए, अब उसे प्रिंस को पूरा करने की जिम्मेदारी होगी। गिल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी कर रहे हैं और लीड्स में उनकी कप्तानी अच्छी रही थी। हालांकि, भारत को पहले टेस्ट में पांच विकेट से शिकस्त मिली। भारतीय गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन और ढीली फील्डिंग का पूरा फायदा उठाते हुए बेन डकेट के शानदार शतक की मदद से इंग्लैंड ने 371 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करके पहले टेस्ट के पांचवें दिन भारत को हरा दिया। डकेट ने 170 गेंद में 21 चौकों और एक छक्के की मदद से 149 रन बनाए, जबकि जैक क्राउली ने 65 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 188 रन की साझेदारी करके भारत की मैच में वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बाद जो रूट ने 53 और जैमी स्मिथ ने 44 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। पांच मैचों की सीरीज में अब इंग्लैंड 1-0 से आगे है।