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Sachin vs Kohli: सचिन और विराट में कौन बेहतर बल्लेबाज? दो विश्व कप जीतने वाले कप्तान पोंटिंग ने दिया यह जवाब
Mon, 24 Apr 2023 04:57 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 24 Apr 2023 04:57 PM IST
सार
पोंटिंग की बात करें तो उन्होंने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को 2003 और 2007 विश्व कप में चैंपियन बनाया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले।
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विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा है कि तकनीकी रूप से उन्होंने सचिन तेंदुलकर से बेहतर बल्लेबाज नहीं देखा। उनका मानना है कि तेंदुलकर ने हमेशा गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई हर तरह की गेंद का सामना करने का तरीका खोज निकाला। कोहली से सचिन की तुलना पर दो बार विश्व कप जीतने वाले कंगारू कप्तान पोंटिंग ने कहा कि वह विराट के संन्यास का इंतजार करेंगे।
पोंटिंग ने कहा, ''मैंने जिस भी बल्लेबाज को देखा या उसके खिलाफ खेला है उनमें सचिन तकनीकी रूप से सबसे अच्छे हैं।'' सचिन के 50वें जन्मदिन से एक दिन पहले रविवार (23 अप्रैल) को आईसीसी रिव्यू में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, "एक गेंदबाजी समूह के रूप में हम जो भी योजना लेकर आए, उन्होंने उससे मुकाबला करने का एक तरीका खोज लिया। चाहे वह भारत में हो या ऑस्ट्रेलिया में हो।
अब समय बदल गया है: पोंटिंग
कोहली और तेंदुलकर की तुलना पर पोंटिंग ने कहा, ''खिलाड़ियों की तुलना करना हमेशा से मुश्किल होता है, क्योंकि हर कोई अलग होता है। सभी अलग-अलग अंदाज में खेल को खेलते हैं, लेकिन निश्चित रूप से जिस पीढ़ी में मैंने खेला है, उसमें सचिन तकनीकी रूप से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे। हम समय की तुलना करने कोशिश कर रहे हैं। मुझे पता है कि जब सचिन खेल रहे थे तब विराट भी थे, लेकिन अब यह खेल बहुत ज्यादा बदल गया है।''
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'पहले की तुलना में बल्लेबाजी आसान हुई'
पोंटिंग ने मौजूदा समय के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अब पहले से क्रिकेट में अलग नियम हैं। 30 गज की सीमा से बाहर बहुत कम खिलाड़ी होते हैं। दो नई गेंदों का इस्तेमाल होता है। इससे बल्लेबाजी करने पहले की तुलना में ज्यादा आसान है। पहले की तुलना में बल्ले भी ज्यादा बेहतर हुए हैं। तेंदुलकर जब वनडे में खेलते थे तो आखिरी ओवरों में गेंद का सामना करना मुश्किल होता था। रिवर्स स्विंग पर खेलना कठिन होता था।
पोंटिंग की बात करें तो उन्होंने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को 2003 और 2007 विश्व कप में चैंपियन बनाया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने कहा कि विराट कोहली एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। उनके खाते में 70 से ज्यादा शतक हैं। सचिन ने 100 शतक लगाए थे। हमें कोहली के संन्यास तक इंतजार करना चाहिए। उसके बाद सही तुलना की जा सकती है।
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पोंटिंग ने कहा, ''मैंने जिस भी बल्लेबाज को देखा या उसके खिलाफ खेला है उनमें सचिन तकनीकी रूप से सबसे अच्छे हैं।'' सचिन के 50वें जन्मदिन से एक दिन पहले रविवार (23 अप्रैल) को आईसीसी रिव्यू में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, "एक गेंदबाजी समूह के रूप में हम जो भी योजना लेकर आए, उन्होंने उससे मुकाबला करने का एक तरीका खोज लिया। चाहे वह भारत में हो या ऑस्ट्रेलिया में हो।
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अब समय बदल गया है: पोंटिंग
कोहली और तेंदुलकर की तुलना पर पोंटिंग ने कहा, ''खिलाड़ियों की तुलना करना हमेशा से मुश्किल होता है, क्योंकि हर कोई अलग होता है। सभी अलग-अलग अंदाज में खेल को खेलते हैं, लेकिन निश्चित रूप से जिस पीढ़ी में मैंने खेला है, उसमें सचिन तकनीकी रूप से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे। हम समय की तुलना करने कोशिश कर रहे हैं। मुझे पता है कि जब सचिन खेल रहे थे तब विराट भी थे, लेकिन अब यह खेल बहुत ज्यादा बदल गया है।''
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'पहले की तुलना में बल्लेबाजी आसान हुई'
पोंटिंग ने मौजूदा समय के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अब पहले से क्रिकेट में अलग नियम हैं। 30 गज की सीमा से बाहर बहुत कम खिलाड़ी होते हैं। दो नई गेंदों का इस्तेमाल होता है। इससे बल्लेबाजी करने पहले की तुलना में ज्यादा आसान है। पहले की तुलना में बल्ले भी ज्यादा बेहतर हुए हैं। तेंदुलकर जब वनडे में खेलते थे तो आखिरी ओवरों में गेंद का सामना करना मुश्किल होता था। रिवर्स स्विंग पर खेलना कठिन होता था।
पोंटिंग की बात करें तो उन्होंने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को 2003 और 2007 विश्व कप में चैंपियन बनाया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने कहा कि विराट कोहली एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। उनके खाते में 70 से ज्यादा शतक हैं। सचिन ने 100 शतक लगाए थे। हमें कोहली के संन्यास तक इंतजार करना चाहिए। उसके बाद सही तुलना की जा सकती है।