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आखिर क्या होती है बॉल टैंपरिंग, जिसे कोरोना वायरस की वहज से मिल सकती है इजाजत

Sat, 25 Apr 2020 01:30 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Sat, 25 Apr 2020 01:30 PM IST
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What is ball tampering, ICC to consider making legal it post coronavirus
बॉल टैंपरिंग - फोटो : ट्विटर

क्या क्रिकेट में 'बॉल टैंपरिंग' को एक अलग तरीके से वैध बनाया जाएगा? सुनकर चौंकिए मत, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के चलते एक खास तरीके से गेंद को कृत्रिम चीज के जरिए चमकाने की इजाजत देने पर विचार किया जा सकता है। जैसा कि क्रिकेट प्रशसंकों को पता है, इस खेल में बॉल को चमकाने के लिए खिलाड़ी अपनी लार या थूक का इस्तेमाल करते हैं और क्रिकेट के खेल में यह एक आम चलन रहा है, लेकिन मौजूदा समय में जो महामारी फैली है उसके कारण क्रिकेटरों को इससे सावधान होना होगा, लेकिन बॉलर्स के सामने अब समस्या यह है कि इसके बिना गेंद स्विंग कराने का काम उनके लिए अब मुश्किल हो जाएगा।

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बॉल टैंपरिंग - फोटो : file

क्या होती है बॉल टैंपरिंग

आईसीसी के बॉल टैंपरिंग नियम के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी गेंद के साथ छेड़छाड़ करता है और उसकी स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसे ही बॉल टैंपरिंग कहा जाता है। आईसीसी के 42.3 नियम के तहत अगर कोई खिलाड़ी गेंद में चमक लाने के लिए के लिए उसमे कोई कृतिम पदार्थ का यूज करता है तो वह बॉल टैंपरिंग है। जैसे कोई खिलाड़ी च्यूंगम खा रहा है और उसका इस्तमाल बॉल पर कर रहा है तो यह बॉल टैंपरिंग है। खिलाड़ी अगर गेंद पर वैसलीन या सनस्क्रीन लगा रहा है, तो वह भी बॉल टैंपरिंग हैष अगर कोई खिलाड़ी मिट्टी में बॉल को रगड़ रहा है, तो उसे भी गेंद से छेड़खानी ही माना जाता है।

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ऐसे होगी 'टैंपरिंग'

थूक या लार जैसी चीज ना लगा पाने की सूरत में बॉल को चमकाने के लिए अब कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है, जो कि अंपायरों की निगरानी में होगा। इसे दूसरे शब्दों में इसे गेंद से छेड़खानी की इजाजत देना भी कह सकते हैं। एक प्रमुख क्रिकेट वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासक अंपायरों की निगरानी में गेंद को चमकाने के लिए आर्टिफिशल पदार्थ के इस्तेमाल की इजाजत देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। नियमों के तहत फिलहाल ये गेंद से छेड़खानी के दायरे में आता है।

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चमक की वजह से स्विंग लेती बॉल - फोटो : सोशल मीडिया

लंबे फॉर्मेट में यह मुमकिन

खासकर टेस्ट क्रिकेट में गेंद की चमक काफी अहम होती है क्योंकि इससे गेंदबाजों को गेंद स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है। अगर क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में इस ऑप्शन को मंजूरी मिल जाती है तो यह बड़ी अजीब बात होगी क्योंकि गेंद पर रेगमाल रगड़ने की कोशिश में ही स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को 2018 में एक साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था और क्रिकेट जगत में उन्हें विलेन की तरह पेश किया गया।

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- फोटो : social Media

चीफ एग्जेक्यूटिव्स ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

आईसीसी के चीफ एग्जेक्यूटिव्स की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मीटिंग के बाद इसकी मेडिकल कमिटी के प्रमुख पीटर हारकोर्ड ने अपडेट जारी किया। इसमें कहा गया,'हमारा अगला कदम इंटरनैशनल क्रिकेट की बहाली का रोडमैप तैयार करना है। इसमें ये देखना होगा कि क्या क्या कदम उठाने होंगे। इसमें खिलाड़ियों की तैयारी से लेकर सरकार की पाबंदियां और दिशा-निर्देश शामिल होंगे।' भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने गेंद पर लार का इस्तेमाल नहीं करने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, 'खेल बहाल होने पर कुछ समय के लिए सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे बढ़कर है।'

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