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IPL Auction: कोरोनाकाल में पिता को खोया, बड़े भाई ने छोड़ा क्रिकेट, अब नीलामी में करोड़पति बना युवराज का फैन
Mon, 26 Dec 2022 03:55 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 26 Dec 2022 03:55 PM IST
सार
विवरांत शर्मा के लिए आईपीएल में शामिल होने का सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने साल 2020 में अपने पिता को खो दिया था, इसके बाद उनके बड़े भाई को क्रिकेट से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन विवरांत ने अब आईपीएल में करोड़ों रुपये हासिल कर अपने बड़े भाई का बलिदान सफल कर दिया है।
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विवरांत शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आईपीएल 2023 के मिनी ऑक्शन के बाद जम्मू और कश्मीर के ऑलराउंडर विवरांत शर्मा लगातार चर्चा में हैं। नीलामी से पहले विवरांत के बारे में कोई नहीं जानता, लेकिन जब नीलामी में उनके ऊपर करोड़ों की बोली लगी तो सभी हैरान रह गए। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के अलावा विवरांत उपयोगी लेग स्पिन गेंदबाज भी हैं। इसी वजह से आईपीएल में उनके ऊपर करोड़ों की बोली लगी है।
हालांकि, विवरांत ने खुद यह उम्मीद नहीं की थी कि उनके नीलामी में इतनी बड़ी रकम मिलेगी। वे बस इतनी उम्मीद कर रहे थे कि नीलामी में कोई भी टीम उन्हें खरीद ले। जब विवरांत ने देखा कि उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने 2.6 करोड़ में खरीदा है तो उन्होंने सबसे पहले अपनी मां और बड़े भाई को फोन कर इसकी जानकारी दी।
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हालांकि, विवरांत ने खुद यह उम्मीद नहीं की थी कि उनके नीलामी में इतनी बड़ी रकम मिलेगी। वे बस इतनी उम्मीद कर रहे थे कि नीलामी में कोई भी टीम उन्हें खरीद ले। जब विवरांत ने देखा कि उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने 2.6 करोड़ में खरीदा है तो उन्होंने सबसे पहले अपनी मां और बड़े भाई को फोन कर इसकी जानकारी दी।
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बड़े भाई ने अपना सपना छोड़ विवरांत को बनाया क्रिकेटर
साल 2020 में विवरांत के पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बड़े भाई ने विक्रांत ने क्रिकेटर बनने का सपना छोड़ दिया। विक्रांत खुद तेज गेंदबाज थे, लेकिन अपने छोटे भाई के करियर को उन्होंने प्राथमिकता दी और पिता का केमिकल का काम संभाल लिया। विवरांत ने अपने बड़े भाई को निराश नहीं किया और 2021 में ही अपने राज्य की रणजी टीम में जगह बनाई। यहां उन्होंने बल्ले के साथ कमाल किया और उपयोगी गेंदबाजी भी की।
अब्दुल समद के कहने पर विवरांत को हैदराबाद की टीम में बतौर नेट गेंदबाज चुना गया। इस दौरान उन्होंने बड़े शॉट खेलने की काबीलियत भी दिखाई। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। इसी वजह से हैदराबाद की टीम उन्हें 2.6 करोड़ देने से नहीं हिचकिचाई।
साल 2020 में विवरांत के पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बड़े भाई ने विक्रांत ने क्रिकेटर बनने का सपना छोड़ दिया। विक्रांत खुद तेज गेंदबाज थे, लेकिन अपने छोटे भाई के करियर को उन्होंने प्राथमिकता दी और पिता का केमिकल का काम संभाल लिया। विवरांत ने अपने बड़े भाई को निराश नहीं किया और 2021 में ही अपने राज्य की रणजी टीम में जगह बनाई। यहां उन्होंने बल्ले के साथ कमाल किया और उपयोगी गेंदबाजी भी की।
अब्दुल समद के कहने पर विवरांत को हैदराबाद की टीम में बतौर नेट गेंदबाज चुना गया। इस दौरान उन्होंने बड़े शॉट खेलने की काबीलियत भी दिखाई। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। इसी वजह से हैदराबाद की टीम उन्हें 2.6 करोड़ देने से नहीं हिचकिचाई।
युवराज और इरफान के फैन हैं विवरांत
विवरांत खुद बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और युवराज सिंह से काफी प्रभावित हैं। वह युवराज की तरह ही बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं। युवी के अलावा इरफान पठान से भी विवरांत ने काफी कुछ सीखा है और अभी भी उनके संपर्क में हैं। जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में इरफान पठान ने काफी अहम योगदान दिया है और विवरांत भी इनमें से एक हैं।
अब विवरांत ब्रायन लारा से सीखना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं। सनराइजर्स की टीम में आने के बाद उनके पास सीखने के बहुत बेहतर मौके रहेंगे और वह जमीन से जुड़े रहकर खुद को और बेहतर करना चाहते हैं।
विवरांत खुद बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और युवराज सिंह से काफी प्रभावित हैं। वह युवराज की तरह ही बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं। युवी के अलावा इरफान पठान से भी विवरांत ने काफी कुछ सीखा है और अभी भी उनके संपर्क में हैं। जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में इरफान पठान ने काफी अहम योगदान दिया है और विवरांत भी इनमें से एक हैं।
अब विवरांत ब्रायन लारा से सीखना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं। सनराइजर्स की टीम में आने के बाद उनके पास सीखने के बहुत बेहतर मौके रहेंगे और वह जमीन से जुड़े रहकर खुद को और बेहतर करना चाहते हैं।