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मेरी परेशानी का बड़ा कारण थे वीरू: चैपल
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 28 Sep 2012 01:04 AM IST
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व आस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल ने कहा है कि उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान वीरेंद्र सहवाग उनकी परेशानी का बड़ा कारण थे। उन्होंने कहा कि सहवाग अपनी प्रतिभा को लेकर हमेशा अतिउत्साहित रहते थे और नियम कानून का पालन करने को लेकर अक्खड़ रवैया रखते थे। टीम इंडिया के सबसे विवादित कोच रहे चैपल ने अपने एक लेख में वीरू को अपनी परेशानी का बड़ा कारण बताते हुए उनकी जमकर निंदा की है।
चैपल ने कहा, ‘मैंने सहवाग जैसा स्ट्राइकर पहले कभी नहीं देखा लेकिन उनका रवैया काफी खराब और निराशाजनक था। मुझे लगता है कि अब सहवाग के लिए अपनी आदतें बदलना आसान नहीं है। अगर धोनी और चयनकर्ता यह सोच लें कि अब सहवाग को और बर्दाश्त नहीं करना चाहिए तो टीम उनके बिना ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप जीतना भारत के लिए आसान हो सकता है।’
सहवाग को गैर अनुशासित खिलाड़ी बताते हुए चैपल ने कहा, ‘मेरे कोचिंग कार्यकाल के दौरान वीरू हमेशा मुझे निराश करते थे। जब भी सहवाग ट्रेनिंग के लिए आते थे तो उनका मकसद हर गेंद को उड़ने से होता था। वह इस बात की परवाह नहीं करते थे कि उन्हें टिककर खेलना चाहिए क्योंकि टीम को उनकी जरूरत है लेकिन वह तो बस मैदान पर आकर तब तक स्मैश शॉट खेलते रहते थे जब तक कि वह आउट न हो जाएं। वीरू नियमों और रणनीति का पालन नहीं करते हैं और उन्हें सिर्फ अपने स्ट्राइक रेट की चिंता रही है।’
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चैपल ने कहा, ‘मैंने सहवाग जैसा स्ट्राइकर पहले कभी नहीं देखा लेकिन उनका रवैया काफी खराब और निराशाजनक था। मुझे लगता है कि अब सहवाग के लिए अपनी आदतें बदलना आसान नहीं है। अगर धोनी और चयनकर्ता यह सोच लें कि अब सहवाग को और बर्दाश्त नहीं करना चाहिए तो टीम उनके बिना ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप जीतना भारत के लिए आसान हो सकता है।’
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सहवाग को गैर अनुशासित खिलाड़ी बताते हुए चैपल ने कहा, ‘मेरे कोचिंग कार्यकाल के दौरान वीरू हमेशा मुझे निराश करते थे। जब भी सहवाग ट्रेनिंग के लिए आते थे तो उनका मकसद हर गेंद को उड़ने से होता था। वह इस बात की परवाह नहीं करते थे कि उन्हें टिककर खेलना चाहिए क्योंकि टीम को उनकी जरूरत है लेकिन वह तो बस मैदान पर आकर तब तक स्मैश शॉट खेलते रहते थे जब तक कि वह आउट न हो जाएं। वीरू नियमों और रणनीति का पालन नहीं करते हैं और उन्हें सिर्फ अपने स्ट्राइक रेट की चिंता रही है।’
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