टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि, भारतीय टीम के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले सक्षम हैं और यही काबिलियत उन्हें चयन समिति के अध्यक्ष के लिए आदर्श उम्मीदवार बनाती है। साथ ही सहवाग ने इस पद से जुड़ा वेतन बढ़ाने की भी वकालत की।
इस पूर्व कप्तान ने बचाया था सहवाग का करियर! अब वीरू उन्हें बनाना चाहते हैं टीम इंडिया का चयनकर्ता
सहवाग ने हालांकि कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कुंबले इस पद के लिए राजी होंगे, क्योंकि अध्यक्ष को अभी वार्षिक एक करोड़ रुपये का वेतन मिलता है। इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि, जहां तक वेतन का सवाल है तो बीसीसीआई को इसमें इजाफा करना होगा। इसके बाद काफी खिलाड़ियों की इसमें रुचि हो सकती है।
यह पूछने पर कि क्या इस पद में उनकी रुचि होगी तो सहवाग ने कहा कि उन्हें काफी सीमाओं में बंधना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं लेख लिखता हूं, कमेंटरी करता हूं और टीवी पर विशेषज्ञ के रूप में भी आता हूं, चयनकर्ता बनने काम मतलब है कि आपको काफी सीमाओं में बंधना होगा। मुझे नहीं पता कि मुझे इतनी रोक पसंद आएंगी कि नहीं।
वर्ष 2017 में भारतीय कोच की दौड़ में रवि शास्त्री से पिछड़ने वाले सहवाग ने कहा कि इस बार उन्होंने आवेदन नहीं किया। सहवाग ने कहा कि ‘2017 में मुझे बीसीसीआई सचिव और (दिवंगत) एमवी श्रीधर (महाप्रबंधक क्रिकेट संचालन) ने आवेदन करने के लिए कहा था, इसलिए मैंने आवेदन किया। इस बार किसी ने मुझे ऐसा करने को नहीं कहा इसलिए मैंने आवेदन नहीं किया।
सहवाग ने कहा कि उन्हें हितों का टकराव से जुड़े नियम समझ में नहीं आते। उन्होंने कहा कि ‘मुझे समझ में आता है कि अगर मैं चयनकर्ता हूं तो मैं अकादमी नहीं चला सकता, लेकिन अगर मैं राष्ट्रीय कोच हूं तो मुझे समझ में नहीं आता कि मैं अकादमी क्यों नहीं चला सकता।’
वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रहे पहले क्रिकेट टेस्ट की अंतिम एकादश के बारे में पूछने पर सहवाग ने कहा कि अगर भारत पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है तो अजिंक्य रहाणे को मौका मिलना चाहिए।
सहवाग ने कहा कि, अजिंक्य रहाणे काफी समय से चौथे नंबर (पांचवें नंबर) पर बल्लेबाजी कर रहे हैं, इसलिए अगर पांच गेंदबाजों को खिलाया जाता है तो उन्हें खेलना चाहिए। रोहित शर्मा का मौका तभी बनता है जब आप चार गेंदबाजों के साथ उतरे। इस दिग्गज बल्लेबाज का साथ ही मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आना चाहिए था।