धोनी के सजदे में झुके कप्तान कोहली, बोले- ये रात एमएस क्लासिक थी
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ऑस्ट्रेलिया को दूसरे वन-डे में हराने के बाद दुनिया भर में भारतीय टीम की तारीफ हो रही है। विराट कोहली (104) ने जहां जीत की भूमिका बांधी तो अनुभवी खिलाड़ी एमएस धोनी ने नाबाद 55 रन बनाते हुए भारतीय टीम की छह विकेट से जीत सुनिश्चित की।
'धोनी को लेकर कोई संदेह नहीं'
करो या मरो के मुकाबले को अपने नाम करने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एमएस धोनी की दिल खोलकर तारीफ की। विराट बोले- यह बहुत चुनौतीपूर्ण दिन था। आपने देखा होगा कि धोनी भी अंत में थक गए थे। आपको मैच के बीच के दिनों में आराम की जरूरत होती है। टीम में धोनी को लेकर कोई संदेह नहीं है।
'आज धोनी का दिन था'
विराट यही नहीं रूके उन्होंने ये तक दिया कि आज धोनी का दिन था। केवल वही जानते हैं कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। खेल को लेकर उनका गुणा-भाग काबिल-ए-तारीफ है। धोनी ने हमेशा की तरह अपना खेल दिखाया। हमने एकदूसरे को काफी सपोर्ट किया। आज की रात हमारे लिए खास रही।
ये रहा निर्णायक पल
कोहली ने जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैच जीतकर काफी खुशी हुई। हम ऑस्ट्रेलिया को अंतिम ओवर में ज्यादा रन बनाने से रोकने का प्रयास करना चाहते थे। दो गेदों में दो विकेट (मैक्स और मार्श का विकेट) लेना शानदार रहा। ये दो विकेट निर्णायक रहे। इसका फायदा ये हुआ कि हमें 330 रन का पीछा नहीं करना पड़ा क्योंकि हमने ऑस्ट्रेलिया को 298 रन पर रोक दिया।
गेंदबाजों को लेकर क्या कहा?
कोहली ने रणनीति पर चर्चा करते हुए कहा, 'पांच गेंदबाजों के साथ खेलकर मैच जीतना हमेशा कप्तान को खुशी प्रदान करता है। भुवी ने शानदार गेंदबाजी की और वह हमें गेम में वापस ले आया। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे, हमने मौके के हिसाब से रणनीति बनाई।
'टीम की मदद करता रहूंगा'
अपने करियर का 39वां शतक ठोकने वाले विराट ने खुद की बल्लेबाजी पर भी कमेंट किया। 'मैन ऑफ द मैच' रहे विराट कोहली बोले- लक्ष्य का पीछा करने के दौरान मैंने स्थिति को बहुत सामान्य रखने की कोशिश की। उम्मीद है कि मैं टीम की मदद करता रहूंगा।'
बताते चलें कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर्स में नौ विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने इस लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हुए हासिल कर लिया। अंतिम छह गेंदों पर सात रन चाहिए थे, जहां धोनी ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का मारकर यह यादगार जीत दिलाई, उन्हें दिनेश कार्तिक (14 गेंदों पर 25 रन) का बखूबी साथ मिला।