15 साल के चीकू को 31 साल के विराट ने लिखा खत, जन्मदिन पर पिता को याद कर हुए भावुक
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जब भारत ने 2008 में U19 विश्व कप जीता, तो ऐसा लग रहा था कि विराट कोहली के रूप में भारतीय क्रिकेट को एक मजबूत खिलाड़ी मिला है और हुआ भी ऐसा ही। कोहली ने सभी की उम्मीदों से बढ़कर भारतीय क्रिकेट को शिखर तक ले जाने में अहम योगदान दिया है। कोहली पांच नवंबर को अपना 31 वां जन्मदिन मना रहे हैं और इन दिनों पत्नी अनुष्का के साथ भूटान में छुट्टियों पर गए हैं। इस अवसर पर विराट ने ट्विटर पर एक पोस्ट साझा की जहां उन्होंने एक युवा कोहली (चीकू) को याद करते हुए भावुक संदेश लिखा।
दरअसल, 31 साल के विराट कोहली ने यह पत्र 15 साल के युवा विराट कोहली यानी चीकू के लिए लिखा है। परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त कोहली को चीकू कहकर बुलाते हैं। विराट कोहली ने इस लेटर में लिखा कि हैलो चीकू, सबसे पहले तो जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। मुझे पता है कि तुम्हारे पास अपने भविष्य को लेकर बहुत सारे सवाल होंगे, जिनके जवाब तुम मुझसे जानना चाहोगे। पर मैं माफ़ी चाहता हूँ क्योंकि उनमें से अधिकतर का जवाब मैं नहीं दे सकुंगा, क्योंकि भविष्य में आपके लिए क्या रखा हुआ है, इसकी जानकारी न होना किसी भी सरप्राइज को और आकर्षक बना देता है। भले ही युम्हेँ आज ये बात पता न चले लेकिन लक्ष्य से ज्यादा महत्त्व होता है लक्ष्य तक पहुँचने वाली यात्रा का।
My journey and life's lessons explained to a 15-year old me. Well, I tried my best writing this down. Do give it a read. 😊 #NoteToSelf pic.twitter.com/qwoEiknBvA
— Virat Kohli (@imVkohli) November 5, 2019
उन्होंने आगे लिखा विराट मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ कि ज़िंदगी में आगे तुम्हारे लिए बहुत कुछ रखा हुआ है। लेकिन तुम्हें तुम्हारे रास्ते में आने वाले हर एक मौके के लिए ख़ुद को तैयार रखना होगा। जब भी कोई मौका मिले, उसका दोनों हाथों से लपक लेना। तुम किसी भी चीज को ग्रांटेड मत लेना। तुम्हारे हाथ असफलताएँ भी लग सकती हैं। सभी को अपने जीवन में असफलताओं का सामना करना पड़ता है।
विराट ने आगे लिखा कि तुम बस अपने आप से वादा करो कि तुम कभी भी आगे बढ़ना नहीं छोड़ोगे। अगर असफलता मिलती है तो फिर से प्रयास करोगे। तुम्हें ये भी लगता होगा कि मम्मी-पापा तो हमें समझते ही नहीं, लेकिन याद रखना परिवार ही है जो हर स्थिति में हमारे साथ खड़ा रहता है, बिना किसी शर्त के। उन्हें भी प्यार करो, उनका सम्मान करो। पापा को कहो कि तुम उनसे कितना प्यार करते हो- बहुत ज़्यादा! उन्हें यह बात आज कहो, कल फिर कहो, हर बार कहो जब भी मौका मिले।
और अंत में, अपने दिल की सुनो, अपने सपनों का पीछा करो और दुनिया को दिखा दो कि बड़े सपने देखना ही हमें बेहतरीन बनाता है, बाकियों से अलग करता है। जो हो, वैसे बने रहो, अपने मूल रूप में।