हार के बाद पत्रकार पर भड़के विराट कोहली, आक्रामकता को लेकर किया गया था सवाल
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पत्रकार ने कोहली से पूछा कि क्या आपको अपनी आक्रामकता पर लगाम लगाकर अपनी टीम के लिए एक उदाहरण स्थापित करने की जरूरत है। इसके बाद कोहली बिफर उठे और पत्रकार से ही सवाल किया, 'आपको क्या लगता है? पत्रकार ने पलटकर कहा, 'मैंने आपसे सवाल किया है। विराट ने कहा- मैं आपसे जवाब पूछ रहा हूं। पत्रकार ने कहा आपको बेहतर उदाहरण स्थापित करने की जरूरत है। फिर विराट ने अपनी बात रखी, 'आपको यह अच्छी तरह पता लगाना चाहिए कि वहां क्या हुआ था, उसके बाद एक बेहतर सवाल के साथ आना चाहिए। मैंने मैच रेफरी से बात कर ली है, आप आधी जानकारी के साथ यहां नहीं आ सकते। धन्यवाद।'
ICC Will Gift Another Spirit Of The Cricket Award To Virat Kohli For His Gentle & Polite Send Off To Kane Williamson.
Absolute Pathetic!#NZvIND 🏏
pic.twitter.com/wlNR8EHgCe
कोई बहाना नहीं, बल्लेबाजों ने पर्याप्त रन नहीं बनाए
अन्य सवालों के जवाब में कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इस प्रदर्शन के लिए कोई बहाना नहीं है। कोहली ने स्वीकार किया कि दूसरे दिन गेंदबाजों ने टीम को वापसी दिलाई थी, लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराश किया। कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘हम इसे स्वीकार करते हैं और अगर हमें विदेशों में जीतना है तो ऐसा करना होगा। कोई बहाना नहीं, बस आगे बढ़ते हुए सीख रहे हैं। टेस्ट मैचों में हम वैसा क्रिकेट नहीं खेल पाए जैसा खेलना चाहते थे। बल्लेबाजों ने इतने रन नहीं बनाए कि गेंदबाज प्रयास और आक्रमण करते। गेंदबाजी अच्छी थी, मुझे लगता है कि वेलिंगटन में भी हमने अच्छी गेंदबाजी की।’
'बैठकर विचार करना होगा'
पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कोहली ने कहा कि उनकी टीम को अपनी रणनीति पर विचार करना होगा। कोहली ने कहा, ‘पहले मैच में हम पर्याप्त जज्बा नहीं दिखा पाए जबकि यहां हम मैच को खत्म नहीं कर पाए। हम लंबे समय तक सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी नहीं कर पाए, उन्होंने काफी दबाव बनाया। यह इस बात का संयोजन रहा कि हम अपनी योजना को अमलीजामा नहीं पहना पाए और उन्होंने अपनी योजना को लागू किया।’ उन्होंने कहा, ‘निराशाजनक, बैठकर विचार करना होगा और चीजों को सही करना होगा।’
क्या टॉस बनी हार की वजह?
यह पूछने पर कि क्या टॉस हारने का भी असर पड़ा, कोहली ने कहा, ‘टॉस, आप सोच सकते हैं कि यह एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन हम शिकायत नहीं करेंगे। इससे प्रत्येक टेस्ट में गेंदबाजों को अतिरिक्त फायदा मिला, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय टीम के रूप में उम्मीद की जाती है कि आप इसे समझेंगे।’
'करो या मरो' के दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम पहली पारी में 242 रन ही बना सकी थी, लेकिन टीम ने न्यूजीलैंड को 235 रन पर रोक दिया। दूसरी पारी में हालांकि भारतीय बल्लेबाजी क्रम सिर्फ 124 रन पर ढेर हो गया जिससे न्यूजीलैंड को 132 रन का लक्ष्य मिला जो उसने तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।