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अभिनव मुकुंद को नस्लीय टिप्पणी मामले पर मिला स्टार क्रिकेटरों का सपोर्ट
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
Updated Fri, 11 Aug 2017 09:05 AM IST
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कोहली और मुकुंद
- फोटो : twitter
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टीम इंडिया के ओपनर अभिनव मुकुंद को नस्लीय टिप्पणी मामले पर कप्तान विराट कोहली और स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन आश्विन का साथ मिला है। मुकुंद ने गुरुवार को कहा था कि उन्हें रंग के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और इसे लेकर बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बेहद भावुक संदेश दिया था।
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अब नस्लवाद मामले में मुकुंद के समर्थन में कप्तान कोहली और अश्विन खुलकर आए हैं। विराट कोहली ने मुकुंद के ट्वीट को रिट्वीट करके अपना समर्थन जाहिर किया हैं।
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— Abhinav mukund (@mukundabhinav) August 9, 2017
वहीं स्टार ऑफस्पिनर रविचंद्रन आश्विन ने मुकुंद के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा- पढ़े और सीखे, कृपया कोई इसे सुर्खियां न बनाए क्योंकि ये किसी की भावनाएं हैं।
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Read and learn, don't make it a headline cos its someone's emotion. https://t.co/AnN9EMofj2
— Ashwin Ravichandran (@ashwinravi99) August 10, 2017
मुकुंद ने सोशल मीडिया पर नस्लवादी टिप्पणियों पर करारा जवाब देते हुए कहा है कि अपनी त्वचा के रंग के कारण वह खुद बरसों से यह अपमान झेलते आए हैं। मुकुंद को सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि अन्य खेल के खिलाड़ियों से भी समर्थन मिला।
भारत की स्टार महिला शटलर ज्वाला गुट्टा ने भी मुकुंद का सपोर्ट किया। गुट्टा ने विराट कोहली के समान मुकुंद के ट्वीट को रिट्वीट करके अपना समर्थन जाहिर किया।
— Abhinav mukund (@mukundabhinav) August 9, 2017
मुकुंद ने श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में पहला टेस्ट खेलकर दूसरी पारी में 81 रन बनाए थे। तमिलनाडु के इस बल्लेबाज ने स्पष्ट किया कि उनके बयान में भारतीय क्रिकेट टीम के किसी सदस्य से कोई सरोकार नहीं है। टीम इंडिया के ओपनर अभिनव मुकुंद ने एक बेहद भावुक ट्वीट करते हुए नस्लवाद के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि सिर्फ गोरे दिखने वाले ही प्यारे या खूबसूरत नहीं होते।
मुकुंद ने नस्लवाद के खिलाफ दिया था कड़ा बयान
अभिनव मुकुंद
- फोटो : self
मुकुंद ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक बेहद भावुक ट्वीट करते हुए कहा, 'मैं 10 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा हूं और मैंने धीरे-धीरे सफलता की ऊंचाई छुईं और वहां पहुंचा, जहां मैं आज हूं। उच्च स्तर पर देश के लिए खेलना एक गर्व की बात है। मैं आज किसी की सहानुभूति और ध्यान खींचने के लिए नहीं ऐसा नहीं लिख रहा हूं बल्कि इस उम्मीद से लिख रहा हूं कि नस्लवाद के मुद्दे पर लोगों की सोच बदल पाऊं, जिसके बारे में मैं सबसे ज्यादा सोचता हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैं 15 साल की उम्र से देश के बाहर और देश में बहुत घूमा हूं। मैंने पाया कि लोगों ने मेरे रंग पर काफी तंज कसे हैं। मेरी स्किन को लेकर लोगों का बेइज्जती करना मेरे लिए हमेशा से राज रहा है। जो कोई क्रिकेट को फॉलो करता है वह इसे समझेगा। मैंने धूप में काफी क्रिकेट खेली है। मगर मुझे एक बार भी इस बात पर कभी पछतावा नहीं हुआ कि मैं काला पड़ रहा हूं। वह इसलिए क्योंकि जो मैं करता हूं, वो मुझे पसंद है। और मैं कुछ चीजों को सिर्फ इसलिए हासिल किया क्योंकि उसे पाने के लिए मैंने कई घंटे घर से बाहर कड़ी धूप में बिताए। मैं चेन्नई से आता हूं जो शायद हमारे देश की सबसे गर्म जगह है और मैंने खुशी- खुशी अपनी ज्यादातर युवा उम्र क्रिकेट मैदान पर गुजारी है।'
मुकुंद ने इस बात का खुलासा भी किया कि उन्हें कई बार लोगों की गालियों का सामना करना पड़ा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, 'मैं इन बातों पर हंसा और आगे बढ़ गया क्योंकि मेरा लक्ष्य बड़ा था। एक नकारात्मक तरीके से प्रभावित होने के बाद मैं कठोर हो गया क्योंकि ये मुझे नीचे नहीं ले जाने वाला था। कई बार ऐसा हुआ जब मैंने इन बेइज्जती पर कुछ न बोलने की ठान ली।'
27 वर्षीय मुकुंद ने आगे कहा कि वह आज सिर्फ अपने लिए नहीं बोल रहे हैं बल्कि अन्य कई लोगों के लिए बोल रहे हैं, जो इस समस्या से गुजर रहे हैं। बकौल मुकुंद, 'सोशल मीडिया के आने से, यह बात बहुत बढ़ गई है कि लोग अक्सर गालियां देने लगते हैं, यह कुछ ऐसा है जिसमें मेरा कोई नियंत्रण नहीं है। गोरे लोग ही सिर्फ हैंडसम नहीं होते। सच्चे बनो, ध्यान रखो, और अपनी स्किन में आरामदेह रहो।'
— Abhinav mukund (@mukundabhinav) August 9, 2017
उन्होंने कहा, 'मैं 15 साल की उम्र से देश के बाहर और देश में बहुत घूमा हूं। मैंने पाया कि लोगों ने मेरे रंग पर काफी तंज कसे हैं। मेरी स्किन को लेकर लोगों का बेइज्जती करना मेरे लिए हमेशा से राज रहा है। जो कोई क्रिकेट को फॉलो करता है वह इसे समझेगा। मैंने धूप में काफी क्रिकेट खेली है। मगर मुझे एक बार भी इस बात पर कभी पछतावा नहीं हुआ कि मैं काला पड़ रहा हूं। वह इसलिए क्योंकि जो मैं करता हूं, वो मुझे पसंद है। और मैं कुछ चीजों को सिर्फ इसलिए हासिल किया क्योंकि उसे पाने के लिए मैंने कई घंटे घर से बाहर कड़ी धूप में बिताए। मैं चेन्नई से आता हूं जो शायद हमारे देश की सबसे गर्म जगह है और मैंने खुशी- खुशी अपनी ज्यादातर युवा उम्र क्रिकेट मैदान पर गुजारी है।'
मुकुंद ने इस बात का खुलासा भी किया कि उन्हें कई बार लोगों की गालियों का सामना करना पड़ा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, 'मैं इन बातों पर हंसा और आगे बढ़ गया क्योंकि मेरा लक्ष्य बड़ा था। एक नकारात्मक तरीके से प्रभावित होने के बाद मैं कठोर हो गया क्योंकि ये मुझे नीचे नहीं ले जाने वाला था। कई बार ऐसा हुआ जब मैंने इन बेइज्जती पर कुछ न बोलने की ठान ली।'
27 वर्षीय मुकुंद ने आगे कहा कि वह आज सिर्फ अपने लिए नहीं बोल रहे हैं बल्कि अन्य कई लोगों के लिए बोल रहे हैं, जो इस समस्या से गुजर रहे हैं। बकौल मुकुंद, 'सोशल मीडिया के आने से, यह बात बहुत बढ़ गई है कि लोग अक्सर गालियां देने लगते हैं, यह कुछ ऐसा है जिसमें मेरा कोई नियंत्रण नहीं है। गोरे लोग ही सिर्फ हैंडसम नहीं होते। सच्चे बनो, ध्यान रखो, और अपनी स्किन में आरामदेह रहो।'