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संकट में अनुराग ठाकुर, एचपीसीए पर FIR दर्ज
शिमला/ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2013 03:53 PM IST
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सांसद एवं भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर मुश्किल में फंस गए लगते हैं। उनकी अध्यक्षता वाली एचपीसीए पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया गया है।
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प्रदेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद विजिलेंस ने शिमला से फाइल धर्मशाला भेजी और वीरवार रात को विजिलेंस थाना में एचपीसीए पर मामला दर्ज किया।
हालांकि केस अभी केवल हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) पर ही दर्ज किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है, लेकिन धाराएं धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की लगाई गई हैं।
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राज्य सरकार ने विजिलेंस के प्रपोजल पर आईपीसी की धारा 406, 120 बी, 420 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज करने की मंजूरी दी थी। इसी अनुसार यह कार्रवाई हुई।
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मामला दर्ज होने के बाद अब इस मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ का सिलसिला शुरू होगा। केस का आधार यह है कि एचपीसीए ने फाइव स्टार होटल दी पवेलियन के कमर्शियल यूज की मंजूरी के लिए तथ्यों को छिपाया और अफसरों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की।
डीआईजी विजिलेंस आनंद प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि धर्मशाला में केस दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। उसी के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है। विजिलेंस को इस केस में कोर्ट में भी रिपोर्ट पेश करनी है।
खेल को कुचलने की कोशिश : अनुराग
एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई पर एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का कहना है कि यह खेल को कुचलने की कोशिश है। मानसिक रूप से बीमार कुछ लोगों ने पिछले कार्यकाल में भी पहले स्पोर्ट्स बिल लाकर ऐसी हरकत की तो कभी विजिलेंस जांच से डराकर। इससे कुछ नहीं होने वाला।
उन्होंने कहा कि यदि फाइव स्टार होटल नहीं होता तो धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं होते। सभी औपचारिकताएं पूरी कर यह लीज ली गई है। इसका जवाब कोर्ट में देंगे।