VIDEO: 'जब भी मैं मैदान पर जाता हूं...', 32वां शतक जड़ने वाले रोहित शर्मा ने इस तरह उड़ाई आलोचकों की धज्जियां
रोहित ने अक्तूबर 2023 के बाद वनडे में पहला शतक लगाया। इस बीच उन्होंने 13 वनडे खेले हैं पांच अर्धशतक लगाए हैं। मार्च 2024 के बाद तीनों प्रारूपों को मिलाकर यह उनका पहला शतक रहा।
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रोहित ने बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कहा, ' 'मैं इसी बारे में बात कर रहा हूं। मेरा मतलब है, देखो, जब किसी क्रिकेटर ने कई वर्षों तक क्रिकेट खेला हो और इतने वर्षों में इतने सारे रन बनाता आ रहा हो... तो इसका कुछ मतलब है उसमें कुछ है। मैंने इस खेल को काफी समय से खेला है और मैं समझता हूं कि मेरे लिए क्या जरूरी है। इसलिए मेरा काम मैदान पर जाना और अपने रोल को निभाना है।'
रोहित ने कहा, 'मैंने इस मैच में जो किया वह इन्हीं कामों में से एक था। मेरे दिमाग में यही बात थी कि मुझे वही करना जो मैं करता आ रहा हूं। मैं वैसी ही बल्लेबाजी करने की कोशिश कर रहा था जैसे मैं करता आ रहा हूं। मैं इस खेल में काफी समय से हूं। एक या दो पारी से मेरा मन नहीं बदलेगा या संतुष्टि नहीं मिलेगी। मेरे लिए यह ऑफिस में सिर्फ एक और दिन था।'
रोहित ने अक्तूबर 2023 के बाद वनडे में पहला शतक लगाया। इस बीच उन्होंने 13 वनडे खेले हैं पांच अर्धशतक लगाए हैं। मार्च 2024 के बाद तीनों प्रारूपों को मिलाकर यह उनका पहला शतक रहा। इससे पहले धर्मशाला में टेस्ट में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 104 रन बनाए थे। हालांकि, रोहित खास तौर पर अक्तूबर 2024 के बाद खराब फॉर्म से गुजरे। उन्होंने बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को मिलाकर आठ मैचों में केवल एक बार पचास का आंकड़ा पार किया। यही वजह थी कई पूर्व दिग्गजों ने उन्हें अपने भविष्य पर विचार करने के लिए कहा था।
अब शतक जड़ने के बाद रोहित ने कहा कि मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, 'हमें बस अपना काम करते रहने की जरूरत है। हमारा काम मैदान पर जाना और अच्छा खेलना है। जब आप बिस्तर पर सोने जाते हैं और आपको लगता है कि आपने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है, यही मायने रखता है। हर बार जब मैं पिच पर जाता हूं, अच्छा खेलने के लिए जाता हूं। मैं हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं। कभी-कभी ऐसा होता है, कभी-कभी मैं इसमें सफल नहीं हो पाता। जब तक मैं स्पष्ट हूं कि मैं क्या करना चाहता हूं, बस यही मायने रखता है, और कुछ मायने नहीं रखता।'
हालांकि, रोहित ने स्वीकार किया कि तरीके जानने के बावजूद रन बनाना हमेशा आसान नहीं होता है। उन्होंने कहा, 'जब आपने इतने सारे रन बना चुके होते हैं, तो उस खिलाड़ी ने वाकई कुछ किया है, ये तो मानते हैं न? आपको बस उस मानसिकता पर वापस आने की जरूरत है कि आप रन कैसे बनाते हैं। हालांकि, यह कहना बहुत सरल लगता है, लेकिन होता काफी कठिन है। मेरे दिमाग में, मैं सिर्फ आनंद लेना चाहता था। हम इसलिए ही खेल खेलते हैं। हम किसी भी चीज से ज्यादा खेल का आनंद लेने के लिए क्रिकेट खेलते हैं।'