न्यूजीलैंड को उसी की सरजमीं पर वन-डे सीरीज में मात देते हुए भारतीय टीम ने अपने ताज में एक और नगीना जड़ लिया। पांच मैच की सीरीज में रविवार को खेले गए आखिरी मुकाबले को भी अपने नाम करते हुए टीम इंडिया ने श्रृंखला 4-1 से अपने नाम की।
वेलिंग्टन में खेले गए इस वन-डे में भले ही एमएस धोनी का बल्ला खामोश रहा हो, लेकिन एक बार फिर उन्होंने साबित कर दिया कि क्यों वे टीम के सबसे बड़े मैच विनर हैं। टीम में उनकी क्या भूमिका है यह किसी से छिपी नहीं।
बल्ले से फेल होने के बावजूद उन्होंने विकेट के पीछे उस वक्त ऐसी फुर्ती दिखाई जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा दरकार थी। न्यूजीलैंड ने मैच भले ही 35 रन से गंवाया हो, लेकिन एक वक्त मुकाबला कांटे का था।
क्रीज पर मेजबान टीम की ओर से जेम्स नीशाम और मिचेल सैंटनर खुलकर शॉट खेलने लगे थे। दोनों के बीच 41 रन की अहम साझेदारी भी हो चुकी थी। टीम इंडिया को विकेट की दरकार थी। रोहित के चेहरे पर तनाव साफ देखा जा सकता था।
अपने नियमित गेंदबाजों की पिटाई होते देख। विराट की गैरमौजूदगी में कप्तानी संभाल रहे रोहित ने एक बार फिर पार्ट टाईम बॉलर केदार जाधव पर भरोसा जताया। इसके पहले जाधव अच्छी बल्लेबाजी कर रहे कीवी कप्तान केन विलियमसन को निपटा चुके थे।