U-19 World Cup 2020: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच क्वार्टरफाइनल कल, कलाई के स्पिनर्स पर होंगी निगाहें
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भारत और ऑस्ट्रेलिया की जूनियर टीमें आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में मंगलवार को यहां जब आमने सामने होंगी तो न सिर्फ रोमांचक मुकाबले की संभावना बनेगी बल्कि कलाई के स्पिनर्स रवि बिश्नोई और तनवीर सांघा के बीच भी रोचक जंग देखने को मिलेगी। सफेद गेंद की क्रिकेट में हाल के दिनों में कलाई के स्पिनरों ने अहम भूमिका निभाई है और जूनियर क्रिकेट भी उससे अछूता नहीं है, जहां बिश्नोई टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज साबित हुए हैं और वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ अपनी टीम का पलड़ा भारी रखने की कोशिश करेंगे।
भारतीय स्पिनर बनाम भारतीय मूल का स्पिनर
बिश्नोई ने अब तक तीन मैचों में दस विकेट लिए हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट लेने का शानदार प्रदर्शन भी शामिल है। इससे बिश्नोई ने साबित कर दिया कि आखिर आईपीएल नीलामी के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब ने उन पर दो करोड़ रुपये क्यों खर्च किए थे। आंकड़ों पर गौर करें तो सांघा भी बिश्नोई से पीछे नहीं है और उन्होंने भी अब तक दस विकेट लिए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 14 रन देकर पांच विकेट है जो उन्होंने नाईजीरिया के खिलाफ किया था, लेकिन भारतीय मूल के इस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भी चार विकेट लिए थे और इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने एक विकेट हासिल किया था।
मंगलवार को होना है मुकाबला
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया जूनियर स्तर पर भारत के खिलाफ अपने खराब रिकार्ड में सुधार करना चाहेगा। वर्ष 2013 के बाद अंडर-19 स्तर पर इन दोनों टीमों के बीच जो पांच मैच खेले गए, उनमें से चार मैच भारत ने जीते जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था। दोनों टीमों की तुलना की जाए तो भारतीय टीम अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी आगे नजर आती है। उसके पास यशस्वी जायसवाल, उनके सलामी जोड़ीदार दिव्यांश सक्सेना और कप्तान प्रियम गर्ग के रूप में उपयोगी बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अब तक अपने कौशल की अच्छी छाप छोड़ी है।
गेंदबाजी विभाग में उत्तर प्रदेश के कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने उपयोगी जोड़ी बनाई है। बाएं हाथ के स्पिनर अथर्व अंकोलेकर ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार वापसी करके अपनी काबिलियत साबित की थी। क्षेत्ररक्षण के दौरान उनके दाएं हाथ की उंगली चोटिल हो गई थी, जो उनकी राह में रोड़ा बन सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के पास कप्तान मैकेंजी हार्वे (आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर इयान हार्वे के भतीजे) अच्छे बल्लेबाज है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम लीग मैच में 65 रन की शानदार पारी खेली थी। गेंदबाजी में कोनोर सुली हैं जो एक उपयोगी गेंदबाज होने के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देते हैं।
एक भी मैच नहीं हारा भारत
भारतीय अंडर-19 टीम ने इस विश्व कप अभियान की शुरुआत श्रीलंका को 90 रन से हराकर की थी। दूसरे मैच में उसने पहला विश्व कप खेल रही जापान की अनुभवहीन टीम को 10 विकेट से रौंदा था। वर्षा प्रभावित तीसरे मैच में डकवर्थ लुईस के आधार पर न्यूजीलैंड को 44 रन से शिकस्त दी थी। ग्रुप ए में जहां टीम इंडिया नंबर एक पर है तो ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया की रैंकिंग वेस्टइंडीज के बाद दूसरी है।
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने भी अबतक तीन मैच खेले हैं, जहां उसे दो जीत और एक हार झेलनी पड़ी। अपने पहले ही मैच में कंगारूओं को वेस्टइंडीज से हार झेलनी पड़ी थी। तीन विकेट से ऑस्ट्रेलिया को पहली बार मुंह की खानी पड़ी। हालांकि फिर इस टीम ने जोरदार पलटवार करते हुए नाइजीरिया को 10 विकेट से मात दी फिर इंंग्लैंड को दो विकेट से हराया।
ऐसी है दोनों टीम
भारत: प्रियम गर्ग (कप्तान), आकाश सिंह, अथर्व अंकोलेकर, शुभांग हेगड़े, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, कार्तिक त्यागी, कुमार कुशाग्र, सुशांत मिश्रा, विद्याधर पाटिल, रवि बिश्नोई, शशवत रावत, दिव्यांशु सक्सेना दिव्यांश जोशी
ऑस्ट्रेलिया: मैकेंजी हार्वे (कप्तान), कूपर कॉनली, ओलिवर डेविस, सैम फैनिंग, जेक फ्रेज़र-मैकगर्क, लाचलन हेर्ने, कोरी केली, लियाम मार्शल, टोड मर्सडी, पैट्रिक रो, तनवीर संघा, लियाम स्कॉट, ब्रैडली सिम्पसन, कॉनर सुली, मैथ्यू विलियंस।