{"_id":"e99df4bc-ea2a-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"tri-nation-live-india-vs-sri-lanka","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोनी के धमाल ने दिलाई लंका पर विजय, सीरीज पर कब्जा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
धोनी के धमाल ने दिलाई लंका पर विजय, सीरीज पर कब्जा
पोर्ट ऑफ स्पेन
Updated Fri, 12 Jul 2013 12:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्रिकोणीय वन डे सीरीज के फाइनल मुकाबले में गुरुवार को टीम इंडिया ने श्रीलंका को एक विकेट से हराकर कप पर कब्जा कर लिया।
विज्ञापन
श्रीलंका के दिए गए 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 49.4 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 203 रन बना लिए।
आखिरी ओवर में टीम को जीतने के लिए 15 रन चाहिए थे, धोनी ने शानदार दो छक्के लगाकर टीम को जीत दिला दी।
त्रिकोणीय सीरीज भी भारत के नाम ( देखें-फोटो गैलरी)
विज्ञापन
भारत की ओर से रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 58 रन बनाए जबकि कप्तान धोनी ने नाबाद 45 रन बनाए। टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने पर कप्तान धोनी को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
विज्ञापन
वहीं त्रिकोणीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।
भुवनेश्वर ने तोड़ी शुरुआती साझेदारी
इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद श्रीलंका ने सधी शुरुआत करने की कोशिश की और सात ओवर में 27 रन जोड़ लिए, लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने एक बार फिर शुरुआती साझेदारी तोड़ दी।
भुवनेश्वर ने सातवें ओवर की अंतिम गेंद पर उपल थरंगा (16) को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई।
फुल लाइव स्कोरकार्ड के लिए यहां क्लिक करें।
इसके बाद उन्होंने 14वें ओवर की पहली गेंद पर महेला जयवर्धने (22) को अश्विन के हाथों कैच आउट कराकर चलता किया।
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के कैप्टन धोनी के फैसले को सही साबित कर दिया। गेंदबाजों ने श्रीलंका की पूरी टीम 48.5 ओवर में 201 रनों पर समेट दी।
त्रिकोणीय सीरीज के खिताबी जंग में श्रीलंका की ओर से कुमार संगकारा ने सर्वाधिक 71 रनों का योगदान दिया।
धोनी के भारी बैट ने दिलाई टीम इंडिया को जीत
श्रीलंका ने अपने अंतिम आठ विकेट महज 30 रन के स्कोर पर गंवा दिए। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा को चार जबकि भुवनेश्वर, इशांत और अश्विन को दो-दो विकेट मिले। धोनी ने तीन बल्लेबाजों को स्टंप आउट कराया।
संगकारा-लाहिरू ने संभाली श्रीलंकाई पारी
दोनों ओपनरों को गंवाने के बाद कुमार संगकारा और लाहिरू थिरिमने (46) ने संभलकर खेलते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। साथ ही तीसरे विकेट के लिए 122 रनों की साझेदारी भी की।
इशांत शर्मा ने 38वें ओवर में थिरिमने को कैच आउट कराकर इस शतकीय साझेदारी को तोड़ा।
जडेजा के 'चौके' ने कराई वापसी
तीसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी को देखकर लग रहा था कि श्रीलंका बड़े स्कोर की ओर जा रही है। लेकिन अश्विन ने टिककर खेल रहे संगकारा को पवेलियन की राह दिखा दी।
संगकारा ने 100 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 71 रनों की पारी खेली। इसके बाद श्रीलंका की बल्लेबाजी बिखर गई।
'दोहरे शतक' के बाद महेला की एक और अनोखी उपलब्धि
कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (10), कुशल परेरा (2), दिनेश चंडीमल (5), रंगना हेराथ (5), लसिथ मलिंगा (0) और सुरंगा अकमल (1) कुछ खास नहीं कर सके।
खिताबी जंग में उतरे कप्तान धोनी
अनफिट भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फिट होने के बाद फाइनल मैच में मैदान पर उतरे। सीरीज के पहले ही मैच में वह चोटिल हो गए थे। वहीं श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज महेला जयवर्धने ने अपना 400वां वनडे मैचा। ऐसा करने वाले वे दुनिया के तीसरे और श्रीलंका के दूसरे क्रिकेटर हैं।
टीम इंडिया ने अपने अंतिम दोनों मैच बोनस अंक के साथ जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। जबकि श्रीलंका को अपने अंतिम लीग मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। सीरीज में भाग लेने वाली तीसरी टीम मेजबान वेस्ट इंडीज की टीम थी जो रन औसत में पिछड़ने के कारण फाइनल में नहीं पहुंच सकी।