धोखेबाज हैं धोनी, उन्हें क्रिकेट से बर्खास्त करो
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उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा होने लगी कि उन्हें कप्तानी छोड़नी चाहिए थी और टेस्ट में खेलना जारी रखना था। सीरीज के बीच में उनके जाने से टीम का संतुलन भी गड़बड़ा गया है। एक बल्लेबाज के साथ-साथ एक विकेटकीपर की तलाश भी टीम प्रबंधन को करनी होगी। हालांकि रिदिमान साहा सिडनी टेस्ट में विकेटकीपिंग करेंगे लेकिन लंबे समय के लिए उनके टीम में बने होने पर संशय है।
ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरे में जारी सीरीज के बीच धोनी ने जिस समय संन्यास लिया उस समय टीम इंडिया सीरीज में 0-2 से पिछड़ी हुई है और उसे सम्मान बचाए रखने के लिए सिडनी में होने वाले अंतिम टेस्ट में हर हाल में जीत हासिल करने का दबाव है। धोनी के अचानक अपने कदम पीछे खींचने से आलोचक उनसे खासे नाराज हैं और उन्हें क्रिकेट के सभी प्रारूपों से बर्खास्त तक करने की मांग कर रहे हैं।
'धोनी को बर्खास्त कर देना चाहिए'
धोनी के संन्यास लेने के फैसले से नाराज प्रशंसकों में अभिनेता टॉम अल्टर का नाम भी शामिल है। अल्टर क्रिकेट के जबर्दस्त दीवाने माने जाते हैं और कमेंटेटर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के करियर की शुरुआत में उनका इंटरव्यू लेने का श्रेय भी अल्टर को जाता है।
अल्टर ने अंग्रेजी वेबसाइट फर्स्टपोस्ट डॉट कॉम में एक लेख के जरिए अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अल्टर के मुताबिक धोनी का बीच सीरीज से संन्यास लेना किसी भी लिहाज से सही नहीं है। इसलिए धोनी को क्रिकेट के सभी फार्मेट से बर्खास्त कर देना चाहिए। कभी उनके प्रशंसक रहे अभिनेता एवं क्रिकेट एक्सपर्ट अल्टर ने धोनी को धोखेबाज तक कह डाला है। इतना ही नहीं टॉम सिर्फ यहीं नहीं रुके उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटरों पर भी अपना गुस्सा निकाला।
अल्टर के अनुसार, "धोनी का अचानक संन्यास लेना सरासर गलत है। भारत की ओर से टेस्ट में लाला अमरनाथ और नवजोत सिंह सिद्धू ने सीरीज के बीच में संन्यास की घोषणा की थी। लेकिन भद्र माने जाने वाले धोनी ने भी यही काम करके धोखेबाजी दिखाई है।"
उन्होंने आगे कहा कि नवाब पटौदी की कप्तानी में भारत ने विदेश में लगातार 5 सीरीज गंवाई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अगले सीरीज में न्यूजीलैंड को उनकी धरती में पटखनी दी। वहीं दूसरी ओर, धोनी ने टीम की परवाह किए बगैर अचानक ही संन्यास का निर्णय ले लिया।
अल्टर ने कहा, "धोनी कॉरपोरेट की पहली पसंद रहे हैं। आज खेल में जीतना और हारना उतना जरुरी नहीं है। जितना पैसा और ब्रांड हो गया है। आजकल सब कुछ ब्रांड का खेल है।" उन्होंने आगे कहा कि धोनी के सीरीज के बीच में संन्यास लेने की आलोचना होनी चाहिए। बीसीसीआई को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन उल्टा उनकी तारीफ की जा रही है। अल्टर के लेख प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया में धोनी के प्रशंसक उनकी जमकर आलोचना कर रहे है।