जीत के जश्न में 'भंग', कप्तान और दिनेश कार्तिक पर भारी जुर्माना
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तमिलनाडु ने पिछले साल की उपविजेता टीम महाराष्ट्र पर पहली पारी के आधार पर जीत दर्ज करते हुए रणजी ट्रॉफी फाइनल में जगह बना ली, जहां उसका मुकाबला गत चैंपियन कर्नाटक से होगा।
तमिलनाडु ने पहले खेलते हुए पहली पारी में 549 रन बनाए थे जवाब में महाराष्ट्र की पूरी टीम पहली पारी में 454 रन पर सिमट गई। तमिलनाडु ने बिना विकेट खोए 119 रन पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और मैच ड्रॉ पर छूटा। लेकिन तमिलनाडु को पहली पारी के आधार पर महाराष्ट्र पर 95 रन की अहम बढ़त हासिल होने के कारण विजेता घोषित किया गया।
इस जीत से तमिलनाडु 12वीं बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई जबकि 2011-12 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है।
खेल के पांचवें दिन महाराष्ट्र ने 5 विकेट पर 394 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन उसकी पूरी टीम महज 60 रन जोड़कर ऑलआउट हो गई। मैन ऑफ द मैच विजय शंकर ने दिन के पहले ओवर की 3 गेंदों पर 2 बल्लेबाजों रोहित मोतवानी (11) और अंकित बावन (57) को पवेलियन भेज महाराष्ट्र को बैकफुट पर ला दिया। हालांकि इसके बाद श्रीकांत मुंडे ने नाबाद 25 रन बनाकर महाराष्ट्र को संभालने की कोशिश की लेकिन दूसरे छोर पर गिरते विकेट ने महाराष्ट्र को गर्त में पहुंचा दिया।
जश्न में खलल, कार्तिक की कुल 60 फीसदी मैच फीस कटी
जवाब में तमिलनाडु ने बिना विकेट खोए 119 रन पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। अभिनव मुकुंद ने नाबाद 66 रन और बाबा अपराजित ने नाबाद 51 रन बनाए।
हालांकि जीत के जश्न मना रही तमिल टीम को उस समय झटका भी लगा जब मैच रेफरी ने दिनेश कार्तिक और कप्तान समेत पूरी टीम पर जुर्माना लगा दिया।
टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को अंपायर के फैसले पर नाराजगी दिखाने के कारण मैच रेफरी ने उनकी मैच फीस का 40 फीसदी फीस काट लिया। जबकि जानबूझकर स्लो ओवर करने के कारण टीम के कप्तान अभिनव मुकुंद की मैच फीस का 40 फीसदी और अन्य खिलाड़ियों का 20 फीसदी फीस काट लिया गया।
इस तरह से कार्तिक पर कुल 60 फीसदी मैच फीस से हाथ धोना पड़ गया।