'दाग' धोने को युवराज सिंह के पास है 4 चांस, आज दूसरा मौका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह वही टी-20 वर्ल्ड कप है जिसके पिछले संस्करण में टीम इंडिया की जीत के ट्रंप कार्ड कहे जाने वाले युवराज सिंह फाइनल मैच में बेहद खराब पारी खेलकर हीरो से विलेन बन गए थे।
इसलिए बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज युवराज के लिए यह टी-20 वर्ल्ड कप बेहद खास हो गया है और उनके पास पिछली बार की नाकामी का दाग धोने का नायाब मौका है। उनके लिए इस टूर्नामेंट में कम से कम 4 मौके हैं जिसमें एक मौका उन्होंने गंवा भी दिया। अब उनके पास 3 मौके हैं जिनमें आज पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले से मिलेगा।
वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ युवराज बल्ले से फ्लॉप हो गए थे और दहाई भी पार नहीं कर पाए। अब उनके पास आज पाक के खिलाफ मैच में बड़ा चांस है जिसमें वह धमाकेदार पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब देना चाहेंगे।
सिर्फ युवराज ही नहीं टीम इंडिया के लिए भी ईडन गार्डंस में पाक के खिलाफ खेले जाने वाला मैच भी बेहद निर्णायक है क्योंकि उसे शुरुआती मैच में न्यूजीलैंड से हार मिली थी। ईडन में टीम इंडिया एक बार भी सीमित ओवरों के मुकाबले में पाक से जीत हासिल नहीं कर सकी है ऐसे में उस पर खासा दबाव होगा जिसे दूर करने के लिए युवराज को चलना ही होगा।
2014 की एक खराब पारी से 'विलेन' बन गए थे युवराज
इसी टूर्नामेंट (2014) का वो आखिरी मैच (फाइनल) था जिसने युवराज सिंह को एक झटके में टीम इंडिया के लिए नायक से 'खलनायक' बना दिया। 2 साल पहले ढाका में खेले गए इसी टूर्नामेंट में फाइनल मैच में युवराज के ही कारण टीम को हार मिली थी।
इस मैच के बाद युवराज टीम इंडिया के लिए विलेन बन गए और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। फिर इसके बाद उन्हें टीम में लौटने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ गया। 6 अप्रैल, 2014 को ढाका में भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए खिताबी मैच में भारत को 6 विकेट के हार मिली थी।
बेहद अप्रत्याशित तरीके से युवराज उस मैच में बुरी तरह से नाकाम रहे। वह 21 गेंदों में 11 रन ही बना सके और एक भी चौका नहीं लगा पाए। उनकी नाकामी के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और 20 ओवर में 4 विकेट पर 130 रन ही बना सकी। बाद में श्रीलंका ने आसानी से 13 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया। उस मैच में विराट कोहली ने 77 रनों की पारी खेली, लेकिन युवी की नाकामी ने उनके प्रयास को बेकार साबित कर दिया।
उस मैच से करीब 2 साल बाद अब न सिर्फ युवराज बल्कि टीम इंडिया भी एक बार फिर टी-20 वर्ल्ड कप में उतरने जा रही है और पाक के खिलाफ मैच में उसे जीत हासिल करने का दवाब भी है।
इस साल जनवरी में टी-20 के जरिए टीम इंडिया में लौटे युवी ने कुछ मैचों में बेहद शानदार शॉट लगाए हैं और उन्होंने माना भी कि उनका पुराना अंदाज लौट आया है, अब देखना होगा कि जिस टूर्नामेंट के फाइनल मैच से वो विलेन बने उसी में इस बार लाजवाब प्रदर्शन कर टीम को दूसरी बार चैंपियन बनाए।