निचोड़: विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के फैसले से निकली ये तीन बड़ी बातें, बदलेगी भारतीय क्रिकेट की तस्वीर
टी-20 फॉर्मेट में कप्तान के तौर पर विराट कोहली का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उनकी अगुवाई में टीम ने 45 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 27 में जीत हासिल हुई है। उनका जीत का प्रतिशत भी 65 का रहा है। लेकिन उनके अचानक से कप्तानी को लेकर किए गए एलान ने सभी को चौंका दिया।
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विराट कोहली ने गुरुवार को घोषणा की कि वह आगामी टी-20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे। टी-20 फॉर्मेट में कप्तान के तौर पर विराट कोहली का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उनकी अगुवाई में टीम ने 45 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 27 में जीत हासिल हुई है। उनका जीत का प्रतिशत भी 65 का रहा है। लेकिन उनके अचानक से कप्तानी को लेकर किए गए एलान ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने उसके पीछे कई कारण और महत्वपूर्ण बातें भी साझा की। ऐसे में आइए जानते हैं उनकी घोषणा के बाद सामने आई तीन प्रमुख बातें।
वर्कलोड मैनेजमेंट:
भारतीय क्रिकेट टीम में वर्कलोड मैनेजमेंट में कोई नई बात नहीं है। बीसीसीआई ने समय-समय इसे ध्यान में रखते हुए अपने बड़े खिलाड़ियों को रेस्ट दिया है, इनमें विराट कोहली को भी कई मौकों पर आराम दिया गया है। उन्हें 2018 में एशिया कप और निदहास ट्रॉफी में भी आराम दिया गया था। 32 वर्षीय कोहली ने टेस्ट और वनडे में टीम का नेतृत्व करने की इच्छा जताई है जो 2023 एकदिवसीय वर्ल्ड कप को देखते हुए जरूरी भी है।
रोहित शर्मा संभालेंगे टीम की कमान!
विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद अभी तक दूसरे कप्तान को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि टीम के मौजूदा उपकप्तान रोहित शर्मा इस पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि रोहित ने कई मौकों पर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया है। रोहित के पास आईपीएल में पांच खिताब हैं तो वहीं कोहली को अभी भी अपने पहले खिताब की तलाश है। रोहित ने एशिया कप और निदहास ट्रॉफी में भारत के नेतृत्व करते हुए जीत हासिल की थी, उनका जीत प्रतिशत भी 79 का है, जो विराट से काफी अधिक है।
पहली आईसीसी ट्रॉफी की तलाश में विराट
विराट कोहली काफी लंबे समय से तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की कमान संभाले हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं, लेकिन वह कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट जीतने में नाकाम रहे हैं। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी हो या 2019 विश्व कप और या फिर हाल ही में खत्म हुई विश्व टेस्ट चैंपियनशिप, तीनों मौकों पर टीम खिताब के करीब पहुंचकर हार गई।