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टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, इंदौर में यह रहा मैच का टर्निंग प्वाइंट
amarujala.com-presented by: शरद मिश्र
Updated Mon, 25 Sep 2017 02:14 PM IST
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ऑस्ट्रेलियाई टीम
सीरीज में दो वन डे हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाने वाली इंदौर के होल्कर स्टेडियम की पिच में जब टॉस जीतकर बैटिंग करने उतरे होंगे तो यह जरूर सोचे होंगे कि यहां उनकी टीम जीत जाएगी। कंगारू टीम के ओपनर डेविड वार्नर और आरोन फिंच स्मिथ की इस सोच को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने लगे थे। वार्नर खतरनाक बनते जा रहे थे तभी हार्दिक पांड्या की गेंद पर वो बोल्ड हो गए। मैच का पहला टर्निंग प्वाइंट तो वार्नर का विकेट रहा। अगर वार्नर जम जाते तो इंदौर की सपाट पिच पर कंगारू 350 प्लस का स्कोर अवश्य खड़ा करते।
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41 और 42 वें ओवर में दो लगातार गेंदों में दो विकेट गिरना
विराट कोहली, धोनी और कुलदीप यादव
वार्नर के आउट होने के बाद आरोन फिंच चोट के बाद अपनी वापसी का जश्न मना रहे थे। वह कप्तान स्मिथ के साथ आसानी से रन कूट रहे थे। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली हताश दिख रहे थे। कंगारू 35 ओवर में 200 रन से अधिक रन बना चुके थे। यह तय लग रहा था कि कंगारू इस मैच में 350 प्लस का स्कोर खड़ा कर देंगे। टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल की गेंदों पर आसानी से रन बन रहे थे। इसी बीच फिंच 37 वें ओवर में आउट हो गए। उनका आउट होना टर्निंग प्वाइंट नहीं कहा जा सकता। उस समय कंगारुओं का स्कोर 38 ओवर में 224 रन था। फिंच 124 रन बनाकर आउट हुए थे।
फिंच के आउट होने के बाद 41 और 42 वें ओवर में स्मिथ और मैक्सवेल का लगातार दो गेंदों में आउट होना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट कहा जा सकता है। 41 वें ओवर की अंतिम गेंद पर स्मिथ को यादव की गेंद पर बुमराह ने लपका तथा 42 वें ओवर की पहली गेंद पर ही मैक्सवेल चहल की गेंद पर गच्चा खा गए तथा धोनी ने उन्हें आसानी से स्टंपिंग कर दिया। यह दोनों विकेट धड़ाधड गिरने से कंगारुओं की कमर टूट गई और वह 350 का स्कोर खड़ा नहीं कर पाए।
फिंच के आउट होने के बाद 41 और 42 वें ओवर में स्मिथ और मैक्सवेल का लगातार दो गेंदों में आउट होना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट कहा जा सकता है। 41 वें ओवर की अंतिम गेंद पर स्मिथ को यादव की गेंद पर बुमराह ने लपका तथा 42 वें ओवर की पहली गेंद पर ही मैक्सवेल चहल की गेंद पर गच्चा खा गए तथा धोनी ने उन्हें आसानी से स्टंपिंग कर दिया। यह दोनों विकेट धड़ाधड गिरने से कंगारुओं की कमर टूट गई और वह 350 का स्कोर खड़ा नहीं कर पाए।
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37 से 47 ओवर के बीच कंगारुओं ने बनाए महज 50 रन
रोहित शर्मा
- फोटो : self
ऑस्ट्रेलिया ने 37 से 47 ओवर के बीच पांच विकेट गंवाए तथा महज 50 रन ही जुड़ सके। कंगारु बल्ल्लेबाज सीरीज में एक बार फिर टीम इंडिया की धारदार गेंदबाजी के चंगुल में फंस गए। 37 ओवर तक लग रहा था ऑस्ट्रेलिया टीम इंडिया को बेहद कठिन लक्ष्य देने वाली है। लेकिन तस्वीर एकदम से पलट गई। कंगारुओं ने 294 रन का लक्ष्य दिया। इसके बाद छोटा ग्राउंड और सपाट पिच को देखते हुए हिटमैन रोहित शर्मा का बल्ला आग उगलने लगा। रोहित को देखते हुए अजिंक्य रहाणे भी आक्रामक बल्लेबाजी करने लगे। पहले विकेट के लिए महज 21 ओवर में 139 रनों की साझेदारी टीम इंडिया के लिए जीत की बुनियाद हो गई थी।