आज क्रिकेट और राजनीति के क्षेत्र में अनुभव और युवा के बीच मुकाबले का विजेता घोषित किया जाएगा। आईपीएल में जहां चार बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस और पहली बार फाइनल खेलने वाली दिल्ली कैपिटल्स आमने-सामने होगी। वहीं बिहार चुनाव में 15 साल से सत्ता के शिखर पर रहे नीतीश कुमार और युवा तेजस्वी यादव के बीच कुर्सी के लिए मुकाबला है।
बात करें महागठबंधन के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार और राजद के अध्यक्ष तेजस्वी यादव की तो उनका दोनों ही क्षेत्रों से संबंध रहा है। राजनीति में अपनी पैठ बनाने में लगे 31 वर्षीय तेजस्वी इससे पहले क्रिकेट के मैदान में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। राजनीति के अखाड़े में उतरने और पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने से पहले उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला किया था। यह भी संयोग ही है कि तेजस्वी आईपीएल में जिस टीम का कभी हिस्सा थे वो टीम भी आज तेजस्वी की तरह ही पहली बार विजेता बनने के लिए जोर लगाएगी।
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तेजस्वी यादव
- फोटो : Social media
बिहार में पिता की राजनीतिक विरासत छोड़कर तेजस्वी ने दिल्ली में अपनी पढ़ाई-लिखाई शुरू की, हालांकि वे पढाई में नौंवीं कक्षा तक ही पढ़ पाए और क्रिकेट की तरफ कदम बढ़ा लिया। इसके बाद वे अंडर-15 टीम का हिस्सा बने, फिर झारखंड की तरफ से अंडर-19 टीम की तरफ से खेले और इसी दौरान आईपीएल के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स (आज की दिल्ली कैपिटल्स) से जुड़े। तेजस्वी चार 2008-12 तक चार सीजन दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रहे, हालांकि उन्हें कभी भी टीम की प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। वे मध्यक्रम के बल्लेबाजी के अलावा वह गेंदबाजी भी करते थे।
2010 में तेजस्वी ने राजनीति के मैदान में उतरकर अपने पिता के लिए बिहार चुनाव में प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभाला। इस दौरान उनके पिता और उस वक्त के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने संसद में कहा था कि उनके बेटे को आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला और उसने दूसरे खिलाड़ियों को मैदान में पानी पिलाया।
तेजस्वी ने क्रिकेट के क्षेत्र में घरेलू क्रिकेट में कुछ मुकाबले खेले लेकिन प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए। वे झारखंड टीम की तरफ से 2009 में रांची में रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग में विदर्भ के खिलाफ खेलने उतरे थे। तब उन्होंने अपनी डेब्यू मैच की पहली पारी में सिर्फ 1 और दूसरी पारी में 19 रन बनाए थे। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पहली पारी में 5 ओवरों में बिना किसी विकेट के 17 रन दिए।
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Tejashwi Yadav
- फोटो : ANI
इसके अलावा तेजस्वी ने विजय हजारे ट्रॉफी में दो लिस्ट-ए मैच (घरेलू वनडे) और चार टी-20 मैच खेले। इस टूर्नामेंट में भी वो कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने पहले मैच में ओडिशा के खिलाफ सिर्फ 9 रन बनाए। इसके बाद दूसरे मैच में त्रिपुरा के खिलाफ पांच रन बनाए और एक विकेट अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सईद मुश्ताक़ अली टी-20 टूर्नामेंट में भी मौक मिला, जिसमें उन्होंने एक मैच खेला। इसमें उन्होंने सिर्फ तीन रन बनाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए।