कैनबरा में खेले गए पहले टी-20 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 11 रन से हराकर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस जीत का पूरा श्रेय टीम के '12वें' खिलाड़ी को जाता है। जी हां, सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 161/7 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया निर्धारित 20 ओवर में 150/7 ही बना पाया।
12वें खिलाड़ी ने दिलाई पहले T-20 में भारत को जीत, जब बीच मैच में हुआ विवाद
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हुआ यूं कि, भारतीय पारी के दौरान अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की तेज गेंद रविंद्र जडेजा के सिर में लग गई, जिसके बाद चहल को 'कनकशन सब्स्टीट्यूट' (सिर में चोट लगने के कारण उसकी जगह मैदान पर उतरने वाला स्थानापन्न खिलाड़ी) के तौर पर उतारा गया।
बल्लेबाजी पूरी होने के बाद उनको चेकअप के लिए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने रोक लिया और उनकी जगह युजवेंद्र चहल को बतौर सब्सटीट्यूट मैदान पर फील्डिंग के लिए उतारा गया। इसको लेकर ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने आपत्ति दर्ज की।
वहीं, रविंद्र जडेजा की जगह युजवेंद्र चहल के गेंदबाजी करने पर ऑस्ट्रेलियाई कोच ने अपनी नाराजगी जाहिर की। ऑस्ट्रेलियाई पारी के शुरू होने से पहले जस्टिन लैंगर मैच रेफरी डेविड बून के साथ नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आए।
It took four matches but the summer has had its first blow up...
It was between Justin Langer and match referee David Boon 😱😱😱 DETAILS >>> https://t.co/O4Cw2RrWEQ #AUSvIND pic.twitter.com/MUS3PT0Ogp
बता दें कि जडेजा ने महज 23 गेंदों पर नाबाद 44 रन की पारी खेली। इस दौरान जडेजा के बल्ले से 5 चौके और एक छक्का आया। जडेजा की इस पारी के कारण ही भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 162 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया निर्धारित 20 ओवर में 150/7 ही बना पाया। टीम इंडिया की तरफ से कनकशन सब्सीट्यूट युजवेंद्र चहल ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए चार ओवर्स में 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के लिए '12वें' खिलाड़ी युजवेंद्र चहल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।