जिम्बाब्वे फतह मिशन के लिए रवाना हुई टीम इंडिया
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जिम्बाब्वे की टीम को मजबूत प्रतिद्वंद्वी न माना जाता हो लेकिन जिम्बाब्वे रवाना हो चुकी टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के लिए मौका भुनाने का बेहतरीन अवसर होगा।
चयनकर्ताओं ने सीरीज में नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जगह युवा अजिंक्य रहाणे को दूसरे दर्जे की टीम की कमान सौंपी है। टीम को तीन वनडे और दो टी-20 मैचों में हिस्सा लेना है।
टीम में कई अन्य सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, सुरेश रैना, अश्विन भी शामिल नहीं हैं। अगर रैंकिंग की बात करें तो जिम्बाब्वे की टीम नौ पायदान नीचे है लेकिन रोबिन उथप्पा जो धोनी की अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग का दायित्व संभालेंगे।
टीम के 80 प्रतिशत खिलाड़ियों के पास है स्पेशल मौका
टीम इंडिया के 80 प्रतिशत खिलाड़ी जो जिम्बाब्वे दौरे में चुने गए है, वे टीम इंडिया में अपनी जगह को लेकर संघर्षरत है। ऐसे में उनके पास सुनहरा मौका है। टीम में सेलेक्ट हुए रॉबिन उथप्पा का कहना है कि उनके लिए यह सीरीज बेहद अहम है।
उन्होंने कहा, "मुझे पूरी सीरीज में खेलने का मौका मिलेगा अन्यथा साल में एक या दो मैच ही मिल पाते हैं। उथप्पा ने 43 वनडे खेले हैं अंतिम वनडे उन्होंने पिछले साल खेला था।" उथप्पा ने 2006 में 21 साल की उम्र में भारतीय टीम में पदार्पण किया था और इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में 86 रनों की बढ़िया पारी खेली थी।
लेकिन में वह टीम में स्थायी मुकाम हासिल नहीं कर सके। 29 साल की उम्र में वह एक परिपक्व क्रिकेटर हैं और अब उनकी निगाहें टेस्ट में पूर्व विकेटकीपर धोनी का उत्तराधिकारी बनने पर हैं।
2 साल बाद पहला वनडे खेलेंगे मुरली विजय
भारतीय टेस्ट ओपनर मुरली विजय के लिए भी लंबे समय बाद वनडे में दावेदारी पेश करने का मौका है। 31 साल के मुरली विजय ने पिछला वनडे दो साल पहले खेला था। भारतीय टीम के लिए टी-20 को खेले तो उन्हें चार साल से ज्यादा समय हो गया। अंतिम टी-20 उन्होंने जनवरी 2011 में खेला था।
उनका कहना है, "मैं तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहता हूं। मैं सात साल से भारतीय टीम के साथ हूं लेकिन केवल 14 वनडे खेला हूं।" वहीं, ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी वापसी कर रहे हैं जिन्होंने अपने 229 वनडे मैचों में से अंतिम मैच जून 2011 में खेला था। वह भी वापसी में बेहतरीन प्रदर्शन करने को बेताब होंगे।
इसके अलावा बाकी कुछ क्रिकेटर जैसे मनोज तिवारी, केदार जाधव और अंबाती रायडू जैसे खिलाड़ी भी टीम में जगह के लिए संघर्ष कर रहे है। जिम्बाब्वे दौरा इनके लिए भी अहम है।
जिम्बाब्वे दौरे का कार्यक्रम
पहला वनडे : 10 जुलाई
दूसरा वनडे: 12 जुलाई
तीसरा वनडे : 14 जुलाई
पहला टी-20 : 17 जुलाई
दूसरा टी-20 : 19 जुलाई