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IPL 2024: टाटा फिर बना टाइटल स्पॉन्सर, अगले पांच साल के लिए अधिकार बरकरार, राइट टू मैच कार्ड का किया इस्तेमाल
Sat, 20 Jan 2024 10:18 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 20 Jan 2024 10:18 AM IST
सार
टाटा ने आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के खिलाफ राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड का इस्तेमाल किया और इस डील को फाइनल किया।
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आईपीएल की ट्रॉफी
- फोटो : IPL/BCCI
विस्तार
टाटा समूह अब अगले पांच वर्षों तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के टाइटल स्पॉन्सशिप को बरकरार रखेगा। इस समूह ने फिर से आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप के राइट्स जीत लिए हैं। टाटा इस करार के तहत अगले पांच साल यानी 2028 तक इस प्रतिष्ठित टी20 टूर्नामेंट के टाइटल स्पॉन्सर बने रहेंगे।
टाटा ने आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के खिलाफ राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड का इस्तेमाल किया और इस डील को फाइनल किया। इसका मतलब है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अधिकार जीतने के लिए जितनी राशि (2500 करोड़ रुपये) की बोली लगाई, टाटा ने राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया और उतनी राशि देने पर सहमत हो गए। भारत के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में से एक, टाटा समूह ने पहले आईपीएल टाइटल स्पॉन्सर के रूप में चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो को हटाया था। तब उन्होंने आईपीएल के साथ दो साल यानी 2022 से 2023 तक के लिए करार किया था।
वीवो के पास 2018-2022 तक आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सर अधिकार थे। इसके लिए उनका और आईपीएल के बीच करीब 2200 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, अंतिम वर्ष में एग्जिट वैल्यू 512 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि, यह सौदा अंततः छह साल तक चला, क्योंकि इसे महामारी के दौरान एक साल के लिए रोक दिया गया था। भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 2020 के गलवान घाटी सैन्य टकराव के बाद, ब्रांड ने ड्रीम 11 के साथ करार किया था और एक साल का ब्रेक लेकर स्पॉन्सर के अधिकार ड्रीम-11 को दे दिए थे।
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हालांकि, वीवो 2021 में आईपीएल टाइटल प्रायोजक के रूप में वापस आ गया था। यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वीवो कंपनी एक उपयुक्त कंपनी को अधिकार हस्तांतरित करना चाह रही थी और बीसीसीआई ने इस कदम को मंजूरी दे दी। टाटा समूह ने 2022 आईपीएल के दौरान कदम रखा और प्रति सीजन 365 करोड़ रुपये का योगदान करने पर सहमत हुए और बाकी वीवो को कवर करना था। इसके सफल होने के बाद बाद से टाटा इस लीग का टाइटल स्पॉन्सर है।
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टाटा ने आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के खिलाफ राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड का इस्तेमाल किया और इस डील को फाइनल किया। इसका मतलब है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अधिकार जीतने के लिए जितनी राशि (2500 करोड़ रुपये) की बोली लगाई, टाटा ने राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया और उतनी राशि देने पर सहमत हो गए। भारत के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में से एक, टाटा समूह ने पहले आईपीएल टाइटल स्पॉन्सर के रूप में चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो को हटाया था। तब उन्होंने आईपीएल के साथ दो साल यानी 2022 से 2023 तक के लिए करार किया था।
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वीवो के पास 2018-2022 तक आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सर अधिकार थे। इसके लिए उनका और आईपीएल के बीच करीब 2200 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, अंतिम वर्ष में एग्जिट वैल्यू 512 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि, यह सौदा अंततः छह साल तक चला, क्योंकि इसे महामारी के दौरान एक साल के लिए रोक दिया गया था। भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 2020 के गलवान घाटी सैन्य टकराव के बाद, ब्रांड ने ड्रीम 11 के साथ करार किया था और एक साल का ब्रेक लेकर स्पॉन्सर के अधिकार ड्रीम-11 को दे दिए थे।
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हालांकि, वीवो 2021 में आईपीएल टाइटल प्रायोजक के रूप में वापस आ गया था। यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वीवो कंपनी एक उपयुक्त कंपनी को अधिकार हस्तांतरित करना चाह रही थी और बीसीसीआई ने इस कदम को मंजूरी दे दी। टाटा समूह ने 2022 आईपीएल के दौरान कदम रखा और प्रति सीजन 365 करोड़ रुपये का योगदान करने पर सहमत हुए और बाकी वीवो को कवर करना था। इसके सफल होने के बाद बाद से टाटा इस लीग का टाइटल स्पॉन्सर है।