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T20 World Cup: फाइनल में अब ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड, जानिए इन दोनों टीमों ने क्या खास किया
Fri, 12 Nov 2021 05:54 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 12 Nov 2021 05:54 AM IST
सार
ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी बार, जबकि न्यूजीलैंड टीम पहली बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी, तब इंग्लैंड ने उन्हें हराया था।
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टी-20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड vs ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : twitter @ icc
विस्तार
टी-20 विश्व कप अपने अंजाम तक पहुंचने वाला है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है। इन दोनों टीमों ने सुपर-12 स्टेज और सेमीफाइनल में कुछ अच्छी टीमों को हराकर यह मुकाम हासिल किया है। 2014 में श्रीलंका टीम नई टीम थी जो चैंपियन बनी थी। इससे पहले भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज चैंपियन बन चुके थे। 2016 में एक बार फिर विंडीज चैंपियन बना। ऐसे में सात साल बाद एकबार फिर नया चैंपियन मिलने वाला है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी बार, जबकि न्यूजीलैंड टीम पहली बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी, तब इंग्लैंड ने उन्हें हराया था। इस बार फाइनल में दोनों के बीच पहली बार चैंपियन बनने को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। यहां हम जानने की कोशिश करेंगे कि इन दोनों टीमों ने फाइनल में पहुंचने के लिए क्या खास किया...
1. ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया भी इस वर्ल्ड कप से पहले लय में नहीं थी। विश्व कप में आने से पहले उसे बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, भारत और इंग्लैंड ने द्विपक्षीय सीरीज में हराया था। ऐसा माना जा रहा था कि इस टीम के लिए भी वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं होगा। हालांकि हुआ इसके उलट। पहले मैच से ही ऑस्ट्रेलिया ने अच्छा खेल दिखाया और लगातार मैच जीते। बीच में इंग्लैंड से जरूर यह टीम हारी पर बाकी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गई। फिर सेमीफाइनल में वार्नर और जाम्पा के दम पर टीम ने इस विश्व कप की सबसे मजबूत दिख रही टीम पाकिस्तान को हराया और अब फाइनल में पहुंच चुकी है।
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टी-20 वर्ल्ड कप में सफर
क्या है मजबूती?
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि डेविड वार्नर लय में आ चुके हैं। उन्होंने 6 मैचों में 47.20 की औसत से 236 रन बनाए हैं। वहीं लेग स्पिनर एडम जाम्पा ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 6 मैचों में 12 विकेट झटके हैं। इसके अलावा यह टीम एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन कर रही है और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी भी रन बना रहे हैं। वहीं सेमीफाइनल मैच को छोड़ दिया जाए तो तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा मिचेल स्टार्क ने 6 मैच में नौ विकेट लिए हैं।
क्या है कमजोरी?
टीम की कमजोरी उसके कप्तान एरॉन फिंच हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 5, 0, 3, 1, 0 रन की पारी खेली है। कुल मिलाकर उन्होंने पांच मैचों में 9 रन बनाए हैं। फिंच पाकिस्तान के खिलाफ सातवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में शून्य पर आउट हुए। इसके अलावा टीम को दूसरे स्पिनर की कमी भी खल रही है। मैक्सवेल जाम्पा का अच्छा साथ नहीं निभा पा रहे हैं। टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी रन बनाने होंगे, वर्ना न्यूजीलैंड की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
2. न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड ने पिछले कुछ सालों में शानदार खेल दिखाया है और इस वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। यह टीम पहले मैच में पाकिस्तान से जरूर हारी, लेकिन इसके बाद कीवी खिलाड़ियों ने कमाल का खेल दिखाया है। उन्होंने भारत को हराया और इसके बाद भी स्पिन पिचों में लगातार मैच जीते। न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच नहीं जीते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा मुश्किल हालातों से निकलकर जीत हासिल की है। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड जैसी बेहद मजबूत टीम को हराया। एक समय लग रहा था कि कीवी टीम यह मैच हार जाएगी, लेकिन नीशम के अद्भुत प्रदर्शन ने टीम को मैच जिता दिया और वह फाइनल में पहुंच गए।
टी-20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन
क्या है मजबूती?
न्यूजीलैंड की सबसे मजबूत कड़ी उनके कप्तान केन विलियमसन हैं। उन्होंने हर मैच में अपनी टीम को संभाला है। कीवी टीम की बल्लेबाजी उनके इर्द-गिर्द ही घूमती है। इसके अलावा ओपनर डेरिल मिचेल ने भी जानदार प्रदर्शन किया है। वे इस विश्व कप में टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। मिचेल ने छह मैच में 197 रन बनाए हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने भी अच्छी गेंदबाजी की है। उन्होंने छह मैचों में 11 विकेट चटकाए हैं। उनके अलावा ईश सोढ़ी ने भी नौ विकेट लिए हैं। साउदी के नाम आठ विकेट हैं।
क्या है कमजोरी?
न्यूजीलैंड की कमजोरी डेवोन कॉन्वे का असमय चोटिल हो जाना है। सेमीफाइनल में आउट होने के बाद कॉन्वे ने अपने हाथ पर ही बल्ला दे मारा और हाथ तोड़ बैठे। सेमीफाइनल में कॉन्वे कीवी टीम की जीत के सूत्रधार रहे थे। इसके अलावा मार्टिन गुप्टिल, ग्लेन फिलिप्स भी कुछ खास रन नहीं बना पाए हैं। इन्हें फाइनल में अच्छा करना होगा।
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ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी बार, जबकि न्यूजीलैंड टीम पहली बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी, तब इंग्लैंड ने उन्हें हराया था। इस बार फाइनल में दोनों के बीच पहली बार चैंपियन बनने को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। यहां हम जानने की कोशिश करेंगे कि इन दोनों टीमों ने फाइनल में पहुंचने के लिए क्या खास किया...
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1. ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया भी इस वर्ल्ड कप से पहले लय में नहीं थी। विश्व कप में आने से पहले उसे बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, भारत और इंग्लैंड ने द्विपक्षीय सीरीज में हराया था। ऐसा माना जा रहा था कि इस टीम के लिए भी वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं होगा। हालांकि हुआ इसके उलट। पहले मैच से ही ऑस्ट्रेलिया ने अच्छा खेल दिखाया और लगातार मैच जीते। बीच में इंग्लैंड से जरूर यह टीम हारी पर बाकी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गई। फिर सेमीफाइनल में वार्नर और जाम्पा के दम पर टीम ने इस विश्व कप की सबसे मजबूत दिख रही टीम पाकिस्तान को हराया और अब फाइनल में पहुंच चुकी है।
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टी-20 वर्ल्ड कप में सफर
- पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को पांच विकेट से हराया।
- दूसरे मैच में श्रीलंका को सात विकेट से हराया।
- तीसरे मैच में इंग्लैंड से आठ विकेट से हारे।
- चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया।
- पांचवें मैच में वेस्टइंडीज को आट विकेट से हराया।
- सेमीफाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराया।
क्या है मजबूती?
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि डेविड वार्नर लय में आ चुके हैं। उन्होंने 6 मैचों में 47.20 की औसत से 236 रन बनाए हैं। वहीं लेग स्पिनर एडम जाम्पा ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 6 मैचों में 12 विकेट झटके हैं। इसके अलावा यह टीम एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन कर रही है और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी भी रन बना रहे हैं। वहीं सेमीफाइनल मैच को छोड़ दिया जाए तो तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा मिचेल स्टार्क ने 6 मैच में नौ विकेट लिए हैं।
क्या है कमजोरी?
टीम की कमजोरी उसके कप्तान एरॉन फिंच हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 5, 0, 3, 1, 0 रन की पारी खेली है। कुल मिलाकर उन्होंने पांच मैचों में 9 रन बनाए हैं। फिंच पाकिस्तान के खिलाफ सातवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में शून्य पर आउट हुए। इसके अलावा टीम को दूसरे स्पिनर की कमी भी खल रही है। मैक्सवेल जाम्पा का अच्छा साथ नहीं निभा पा रहे हैं। टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी रन बनाने होंगे, वर्ना न्यूजीलैंड की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
2. न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड ने पिछले कुछ सालों में शानदार खेल दिखाया है और इस वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। यह टीम पहले मैच में पाकिस्तान से जरूर हारी, लेकिन इसके बाद कीवी खिलाड़ियों ने कमाल का खेल दिखाया है। उन्होंने भारत को हराया और इसके बाद भी स्पिन पिचों में लगातार मैच जीते। न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच नहीं जीते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा मुश्किल हालातों से निकलकर जीत हासिल की है। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड जैसी बेहद मजबूत टीम को हराया। एक समय लग रहा था कि कीवी टीम यह मैच हार जाएगी, लेकिन नीशम के अद्भुत प्रदर्शन ने टीम को मैच जिता दिया और वह फाइनल में पहुंच गए।
टी-20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन
- पहले मैच में पाकिस्तान से पांच विकेट से हारे।
- दूसरे मैच में भारत को आठ विकेट से हराया।
- तीसरे मैच में स्कॉटलैंड को 16 रनों से हराया।
- चौथे मैच में नामीबिया को 52 रनों से हराया।
- पांचवें मैच में अफगानिस्तान को आठ विकेट से हराया।
- सेमीफाइनल में इंग्लैंड को पांच विकेट से हराया।
क्या है मजबूती?
न्यूजीलैंड की सबसे मजबूत कड़ी उनके कप्तान केन विलियमसन हैं। उन्होंने हर मैच में अपनी टीम को संभाला है। कीवी टीम की बल्लेबाजी उनके इर्द-गिर्द ही घूमती है। इसके अलावा ओपनर डेरिल मिचेल ने भी जानदार प्रदर्शन किया है। वे इस विश्व कप में टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। मिचेल ने छह मैच में 197 रन बनाए हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने भी अच्छी गेंदबाजी की है। उन्होंने छह मैचों में 11 विकेट चटकाए हैं। उनके अलावा ईश सोढ़ी ने भी नौ विकेट लिए हैं। साउदी के नाम आठ विकेट हैं।
क्या है कमजोरी?
न्यूजीलैंड की कमजोरी डेवोन कॉन्वे का असमय चोटिल हो जाना है। सेमीफाइनल में आउट होने के बाद कॉन्वे ने अपने हाथ पर ही बल्ला दे मारा और हाथ तोड़ बैठे। सेमीफाइनल में कॉन्वे कीवी टीम की जीत के सूत्रधार रहे थे। इसके अलावा मार्टिन गुप्टिल, ग्लेन फिलिप्स भी कुछ खास रन नहीं बना पाए हैं। इन्हें फाइनल में अच्छा करना होगा।