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IPL: धोनी की अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व आईपीएस अधिकारी की सजा पर रोक बढ़ाई, जानें पूरा मामला
Fri, 12 Apr 2024 07:54 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 12 Apr 2024 07:54 PM IST
सार
इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तीन मई को तय की है। पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि अगले आदेश तक अंतरिम आदेश ही जारी रहेगा।
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महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : IPL
विस्तार
पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फिलहाल आईपीएल 2024 में व्यस्त हैं और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने धोनी के द्वारा दायर की गई अदालत की अवमानना मामले में मद्रास हाई कोर्ट की ओर से रिटायर आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार को दी गई 15 दिन की सजा पर अंतरिम रोक बढ़ा दी है।
मामले की अगली सुनवाई तीन मई को होगी
इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तीन मई को तय की है। पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि अगले आदेश तक अंतरिम आदेश ही जारी रहेगा। अदालत की टिप्पणी का मतलब है कि धोनी की याचिका पर फिलहाल पूर्व आईपीएस अधिकारी संपत कुमार को कोई राहत नहीं मिली है।
क्या है पूरा मामला
हाई कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संपत कुमार को आपराधिक अवमानना का दोषी पाया था और उन्हें इस मामले में 15 दिनों के जेल में रहने की सजा सुनाई थी। धोनी ने अपनी अवमानना याचिका में 100 करोड़ रुपये के मानहानी मुकदमे के तहत संपत कुमार के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। धोनी ने 2014 में आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले में उनका नाम देने पर पूर्व आईपीएस अधिकारी खिलाफ अदालत का रुख किया था।
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अदालत ने संपत को पाया था दोषी
हाई कोर्ट ने इस मामले में संपत को दोषी पाया था। अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि संपत ने जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की थी और अदालत तथा सुप्रीम कोर्ट को कमतर करने का प्रयास किया था। हाई कोर्ट ने साथ ही कहा था कि संपत ने अपने कुछ शब्दों से हाई कोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने की के इरादे से न्यायपालिका को गलत तरीके से निशाना बनाया था। हाई कोर्ट ने संपत के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि संपत एक जिम्मेदार अधिकारी थे और उनके पास सही तरीके से इस मामले की जांच करने का अवसर था।
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मामले की अगली सुनवाई तीन मई को होगी
इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तीन मई को तय की है। पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि अगले आदेश तक अंतरिम आदेश ही जारी रहेगा। अदालत की टिप्पणी का मतलब है कि धोनी की याचिका पर फिलहाल पूर्व आईपीएस अधिकारी संपत कुमार को कोई राहत नहीं मिली है।
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क्या है पूरा मामला
हाई कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संपत कुमार को आपराधिक अवमानना का दोषी पाया था और उन्हें इस मामले में 15 दिनों के जेल में रहने की सजा सुनाई थी। धोनी ने अपनी अवमानना याचिका में 100 करोड़ रुपये के मानहानी मुकदमे के तहत संपत कुमार के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। धोनी ने 2014 में आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले में उनका नाम देने पर पूर्व आईपीएस अधिकारी खिलाफ अदालत का रुख किया था।
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अदालत ने संपत को पाया था दोषी
हाई कोर्ट ने इस मामले में संपत को दोषी पाया था। अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि संपत ने जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की थी और अदालत तथा सुप्रीम कोर्ट को कमतर करने का प्रयास किया था। हाई कोर्ट ने साथ ही कहा था कि संपत ने अपने कुछ शब्दों से हाई कोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने की के इरादे से न्यायपालिका को गलत तरीके से निशाना बनाया था। हाई कोर्ट ने संपत के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि संपत एक जिम्मेदार अधिकारी थे और उनके पास सही तरीके से इस मामले की जांच करने का अवसर था।