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Sunil Gavaskar: 30 सालों में एक क्रिकेट एकेडमी नहीं बना पाए गावस्कर, महाराष्ट्र सरकार को लौटाई करोड़ों की जमीन
Wed, 04 May 2022 07:31 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 04 May 2022 07:31 PM IST
सार
सुनील गावस्कर को 30 साल पहले महाराष्ट्र सरकार की तरफ से क्रिकेट एकेडमी बनाने के लिए जमीन दी गई थी। अब तक कोचिंग एकेडमी नहीं बना पाने के बाद गावस्कर ने यह जमीन लौटा दी है।
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सुनील गावस्कर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने महाराष्ट्र सरकार को जमीन वापस लौटा दी है। इस संबंध में उन्होंने सरकार को एक प्रस्ताव दिया था। उनको महाराष्ट्र सरकार के गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्रधिकरण की तरफ से 30 साल पहले बांद्रा में जमीन का एक टुकड़ा दिया गया था। इस जमीन पर गावस्कर को एक क्रिकेट कोचिंग एकेडमी बनानी थी, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने यह जमीन लौटाने की पेशकश की।
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महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने उपनगरीय बांद्रा इलाके में गावस्कर को आवंटित किए गए भूखंड का उपयोग नहीं करने पर पिछले साल नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि इस भूखंड पर क्रिकेट अकादमी शुरू किया जाना था, लेकिन तीन दशक बाद भी ऐसा नहीं हो सका।
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इधर, गावस्कर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा है कि वो यह जमीन लौटा रहे हैं, क्योंकि वह इस जमीन पर क्रिकेट एकेडमी नहीं बना पाए। इससे पहले गावस्कर ने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर अकादमी स्थापित करने को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से संपर्क भी किया था।
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हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया है। यह जमीन गावस्कर से ली जाएगी या नहीं और अगर इसे वापस लिया जाता है तो इस जमीन को कैसे उपयोग किया जाएगा।
दुनिया के महान क्रिकेटरों में शामिल हैं गवास्कर
सुनील गावस्कर दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनका फुटवर्क गजब का था और पुल या कट शॉट खेलने के मामले में भी वो अव्वल खिलाड़ी थी। इसी वजह से उन्होंने वेस्टइंडीज में खतरनाक तेज गेंदबाजों के सामने कमाल की बल्लेबाजी की थी। साल 1992 में महाराष्ट्र सरकार ने इसी वजह से उन्हें जमीन दी थी कि गावस्कर वहां कोचिंग एकेडमी बनाएंगे और युवा खिलाड़ियों को सिखाएंगे। उनसे सीखकर युवा खिलाड़ी और बेहतर बनेंगे। इस एकेडमी से देश को कई शानदार बल्लेबाज मिलेंगे। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। 30 सालों में गावस्कर एक क्रिकेट एकेडमी नहीं बना सके।
अब गावस्कर की उम्र 72 साल हो चुकी है। अब उनके लिए कोच का काम करना आसान नहीं होगा। युवा खिलाड़ियों को सिखाने के लिए कोच को भी मैदान में घंटों पसीना बहाना पड़ता है, जो कि गावस्कर के लिए 72 की उम्र में आसान नहीं होगा। जब उन्हें जमीन दी गई थी, तब वो 42 साल के थे और उस समय वो कोच के रूप में भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दे सकते थे, लेकिन अब उनके पास यह मौका नहीं है। इसी वजह से उन्होंने जमीन लौटाने का फैसाल किया है। भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अपने जैसे बल्लेबाज न दे पाना गावस्कर की नाकामी मानी जाएगी।
सुनील गावस्कर दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनका फुटवर्क गजब का था और पुल या कट शॉट खेलने के मामले में भी वो अव्वल खिलाड़ी थी। इसी वजह से उन्होंने वेस्टइंडीज में खतरनाक तेज गेंदबाजों के सामने कमाल की बल्लेबाजी की थी। साल 1992 में महाराष्ट्र सरकार ने इसी वजह से उन्हें जमीन दी थी कि गावस्कर वहां कोचिंग एकेडमी बनाएंगे और युवा खिलाड़ियों को सिखाएंगे। उनसे सीखकर युवा खिलाड़ी और बेहतर बनेंगे। इस एकेडमी से देश को कई शानदार बल्लेबाज मिलेंगे। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। 30 सालों में गावस्कर एक क्रिकेट एकेडमी नहीं बना सके।
अब गावस्कर की उम्र 72 साल हो चुकी है। अब उनके लिए कोच का काम करना आसान नहीं होगा। युवा खिलाड़ियों को सिखाने के लिए कोच को भी मैदान में घंटों पसीना बहाना पड़ता है, जो कि गावस्कर के लिए 72 की उम्र में आसान नहीं होगा। जब उन्हें जमीन दी गई थी, तब वो 42 साल के थे और उस समय वो कोच के रूप में भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दे सकते थे, लेकिन अब उनके पास यह मौका नहीं है। इसी वजह से उन्होंने जमीन लौटाने का फैसाल किया है। भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अपने जैसे बल्लेबाज न दे पाना गावस्कर की नाकामी मानी जाएगी।