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बयान: गावस्कर ने इस सीरीज को बताया रवि शास्त्री के कोचिंग कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि, तारीफ में पढ़े कसीदे
Mon, 27 Dec 2021 08:24 PM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 27 Dec 2021 08:24 PM IST
सार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री की कोचिंग को लेकर पूर्व कप्तान और उनके साथी रहे सुनील गावस्कर ने अपना पक्ष रखा है। गावस्कर ने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में जिक्र किया है। उन्होंने शास्त्री के कोचिंग के सबसे बड़ी आकर्षण को उजागर करते हुए भारत के 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद किया।
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रवि शास्त्री
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री का कोचिंग कार्यकाल समाप्त हो चुका है। टीम इंडिया की कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले शास्त्री ने अपने कार्यकाल में कई उपलब्धियां हासिल की जिसमें ऑस्ट्रेलिया में दो टेस्ट सीरीज जीतना बेहद खास रहा। हालांकि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया एक भी आईसीसी टूर्नामेंट जीतने में नाकाम रही जिसे लेकर उनकी किरकिरी भी हुई।
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शास्त्री की कोचिंग को लेकर अब पूर्व कप्तान और उनके साथी रहे सुनील गावस्कर ने अपना पक्ष रखा है। गावस्कर ने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में जिक्र किया है। उन्होंने शास्त्री के कोचिंग के सबसे बड़ी आकर्षण को उजागर करते हुए भारत के 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद किया। तब टीम इंडिया एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच में सिर्फ 36 रन पर ढेर हो गई थी। लेकिन उसके बाद टीम इंडिया ने शानदार वापसी की और सीरीज पर अपना कब्जा जमाया।
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गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान कहा कि शास्त्री ने जिस तरह से खिलाड़ियों को प्रेरित किया, वो काफी शानदार था। उन्होंने कहा कि जब टीम महज 36 रन पर ऑल आउट हो गई थी तो शास्त्री ने खिलाड़ियों को मोटिवेट किया था। उन्होंने कहा, '36 रन के स्कोर पर ऑल आउट होने के बाद भारतीय टीम ने जिस तरह से वापसी की, उसकी चर्चा जरूर होनी चाहिए। जब ऐसा होता है तो टीम अपने ऊपर से विश्वास खो देती है। टीम काफी निराश हो जाती है और वो हार मान लेती है। यहीं पर, शास्त्री ने अपनी अहम भूमिका निभाई क्योंकि मैंने जो पढ़ा है उसके हिसाब से उन्होंने कहा था कि 'इन 36 रनों को एक बैज की तरह पहनो।'
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पूर्व कप्तान ने आगे कहा, 'इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने शानदार कप्तानी की और इसमें टीम के सभी खिलाड़ियों ने अपना अपना योगदान दिया। हमारे कई प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे और ऐसी टीम लग रही थी लेकिन जो भी खिलाड़ी उस टीम में था, उन सबने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि पूर्व कोच का युवा खिलाड़ियों के ऊपर कितना बड़ा प्रभाव था।'