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ग्राउंड स्टाफ की पैंट उतरवाने के लिए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की माफी
Amarujala.com- Presented By: पवन नाहर
Updated Wed, 12 Jul 2017 09:44 AM IST
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एंजेलो मैथ्यूज
- फोटो : ESPN
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श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पैंट उतरवाने और वापस यूनिफॉर्म लेने के लिए ग्राउंड स्टाफ से माफी मांगी है। यह श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के बीच सोमवार को हुए एकदिवसीय सिरीज़ के आख़िरी मैच के बाद की घटना है। इस घटना में सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में कुछ स्टाफ अपने अंडरवियर में दिखाई दिए। श्रीलंका यह मैच हार गया और जिम्बाब्वे के हाथों 3-2 से सिरीज़ गंवा बैठा।
साल 2001 के बाद ज़िम्बाब्वे की यह अपने देश से बाहर पहली जीत थी। श्रीलंका संडे टाइम्स वेबसाइट के मुताबिक़ जिन ग्राउंड स्टाफ से ऐसा करने को कहा गया था वो 1000 रूपये की दिहाड़ी पर मैच के दौरान महिंद्रा राजपक्षे इंटरनेशनल स्टेडियम में काम पर रखे गए थे। ऐसे 100 कर्मचारी थे। मैच के बाद उन्हें कहा गया कि वे अपनी पैंट उतार कर रख दें. इन पैंट्स पर एसएलसी का लोगो लगा हुआ था।
श्रीलंका संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ उन्हें कोई दूसरा इंतज़ाम कर लाने को नहीं कहा गया था और ज़्यादातर लोग कोई दूसरी पैंट भी नहीं लाए थे। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने कहा है, "इसके पीछे ज़िम्मेवार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, साथ ही इस अपमान के लिए बोर्ड उन स्टाफ के लोगों से माफी मांगेगा। वो प्रभावित लोगों को मुआवजा मिले इसके लिए भी कदम उठाएगा।"
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साल 2001 के बाद ज़िम्बाब्वे की यह अपने देश से बाहर पहली जीत थी। श्रीलंका संडे टाइम्स वेबसाइट के मुताबिक़ जिन ग्राउंड स्टाफ से ऐसा करने को कहा गया था वो 1000 रूपये की दिहाड़ी पर मैच के दौरान महिंद्रा राजपक्षे इंटरनेशनल स्टेडियम में काम पर रखे गए थे। ऐसे 100 कर्मचारी थे। मैच के बाद उन्हें कहा गया कि वे अपनी पैंट उतार कर रख दें. इन पैंट्स पर एसएलसी का लोगो लगा हुआ था।
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श्रीलंका संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ उन्हें कोई दूसरा इंतज़ाम कर लाने को नहीं कहा गया था और ज़्यादातर लोग कोई दूसरी पैंट भी नहीं लाए थे। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने कहा है, "इसके पीछे ज़िम्मेवार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, साथ ही इस अपमान के लिए बोर्ड उन स्टाफ के लोगों से माफी मांगेगा। वो प्रभावित लोगों को मुआवजा मिले इसके लिए भी कदम उठाएगा।"
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