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स्पॉट फिक्सिंगः श्रीसंत समेत 26 आरोपियों पर लगा मकोका
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 04 Jun 2013 07:39 PM IST
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आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में पकड़े गए तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को श्रीसंत समेत 25 अन्य आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध निरोधक कानून (मकोका) लगा दिया है।
यहां स्थानीय अदालत ने श्रीसंत की जमानत याचिका खारिज कर दी और उनकी न्यायिक हिरासत 18 जून तक बढ़ा दी। श्रीसंत के अलावा राजस्थान रॉयल्स के उनके साथी खिलाड़ी अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण समेत 23 अन्य को दिल्ली पुलिस ने देश के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में शामिल इन लोगों के खिलाफ मामले को मजबूत करने के लिए मकोका लगाया गया है। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार पुलिस उपायुक्त से ऊपर के रैंक के अधिकारी के समक्ष स्वीकारोक्ति को अदालत में प्रमाण के तौर पर पेश किया जा सकता है।
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इस बीच श्रीसंत की वकील रेबेका जॉन ने कहा कि एक क्रिकेटर के खिलाफ कैसे मकोका का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा,‘ दिल्ली पुलिस ने यह कदम मुंबई की एक अदालत के गुरूनाथ और विंदू को जमानत देने के फैसले को देखते हुए उठाया है।
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दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत को जमानत मिलने से रोकने के लिए मकोका लागू किया है और हम इसका सख्त विरोध करेंगे।’
मकोका लगने के बाद अब खिलाड़ियों को छह माह से पूर्व तक जमानत नहीं मिल सकती है। साथ ही उन्हें 30 दिन तक पुलिस हिरासत में भी रखा जा सकता है।
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क्या है मकोका
मकोका यानी महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑनाइज्ड क्राइम ऐक्ट। महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका बनाया था। इसका उद्देश्य मुंबई में अंडरवर्ल्ड के आतंक से निपटना था। साथ ही संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ही इस कानून को बनाया गया था।
इसके बाद 2002 में दिल्ली सरकार ने भी इसे लागू कर दिया। महाराष्ट्र के बाद सिर्फ दिल्ली में यह कानून लागू है।
इस कानून के तहत दोषी व्यक्ति को कम से कम पांच साल की कैद या अधिकतम फांसी की सजा हो सकती है।