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फिरकी गेंदबाज का निकला दर्द, 'हमें हमारे खेल का सम्मान नहीं मिल रहा'

Wed, 02 Dec 2015 09:18 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 02 Dec 2015 09:18 AM IST
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Spinners did not get credit they deserved: Amit Mishra

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज को लेकर सबसे ज्यादा बातें पिच को लेकर की गईं। कई इस पिच की आलोचना कर रहे हैं तो कई इसकी तरफदारी भी कर रहे हैं। लेकिन दुखद यही है कि टीम इंडिया की फिरकी गेंदबाजी तिकड़ी को वो सम्मान नहीं दिया गया जिसके वो हकदार हैं।

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चार मैचों की टेस्ट सीरीज के खेले गए 3 मैचों की 5 पारियों में अफ्रीकी टीम के 50 विकेट में से 47 विकेट फिरकी गेंदबाजों के खाते में गए हैं। लेकिन अमित मिश्रा इस बात से खासे नाराज हैं कि हर जगह पिच को लेकर बात हो रही है लेकिन कोई भी आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और खुद उनके बारे में कोई बात नहीं कर रहा है जिन्होंने पूरी सीरीज में लाजवाब गेंदबाजी की है।
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दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मिश्रा ने कहा, "हां, पिच को लेकर जितनी बात हुई उसकी तुलना में हमें  वो सम्मान नहीं दिया गया। हमारी उपलब्धियों को और श्रेय दिया जाना चाहिए था। पिछले 15 सालों से हमारे घर में एक जैसी स्थिति है और यह आज से नहीं है। जब हम श्रीलंका गए तो वहां भी हमें टर्निंग पिच मिली और वहां पर शानदार गेंदबाजी की।" वह जब जवाब दे रहे थे तो उनकी आवाज से लगा कि वो कुछ आहत हुए हैं।
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इससे पहले टीम इंडिया के निदेशक रवि शास्त्री ने भी मौजूदा टेस्ट सीरीज में पिचों को लेकर हो रही आलोचनाओं से नाराजगी जताई। उनका कहना है कि तीन दिन के भीतर टेस्ट मैच खत्म होने में कोई बुराई नहीं है। लिहाजा आलोचकों को शिकायतें करना बंद करना चाहिए।

'पिच फिरकी गेंदबाजों के अनुकूल था इसलिए नहीं मिल रहा सम्मान'

Spinners did not get credit they deserved: Amit Mishra

33 साल के ऑफ स्पिनर अमित मिश्रा ने कहा, "मैंने सोचा था कि अगर स्पिनर्स अच्छा करते हैं तो इसके लिए उनकी तारीफ की जाएगी। यहां पर ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि पिच फिरकी गेंदबाजों के अनुकूल था। हमने देश के बाहर भी शानदार प्रदर्शन किया है।"

उन्होंने कहा कि जब हम बाहर जाते हैं तो बाउंसी पिच मिलता है और जब बाहर की टीम यहां आती है तो उन्हें टर्निंग पिच मिलती है, यह सभी को पता है। मिश्रा मानते हैं कि अफ्रीकी बल्लेबाजों के पास फिरकी गेंदबाजों का सामना करने के लिए तकनीक है। उन्हें इस बात की खुशी है कि कप्तान विराट कोहली का साथ हम लोगों के पास हैं।

टीम इंडिया की ओर से अब तक इस सीरीज में खेले गए 3 टेस्ट मैचों से 50 में से आर अश्विन ने 24 और रविंद्र जडेजा ने 16 विकेट झटके हैं जबकि अमित मिश्रा ने 7 विकेट लिए हैं।

'बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने पर पिच जिम्मेदार नहीं'

Spinners did not get credit they deserved: Amit Mishra

टीम इंडिया के निदेशक रवि शास्‍त्री दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में पिचों को लेकर हो रही आलोचनाओं से बेहद खफा है। उनका कहना है कि तीन दिन के भीतर टेस्ट मैच खत्म होने में कोई बुराई नहीं है। पिच की आलोचना करने वालों को समझना चाहिए कि बल्लेबाज पिचों की वजह से नहीं बल्कि अपनी तकनीक की खामी के चलते आउट हुए हैं। लिहाजा टर्निंग पिच पर खिलाड़ियों को समय बिताना अहम होता है।

बकौल शास्‍त्री, "पिचों में कोई खराबी नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं कि दिल्ली में भी ऐसी ही पिच मिलेगी। मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है।" भारत चार मैचों की सीरीज में 2–0 से आगे है। दूसरा मैच बारिश में धुल गया था। चौथा मैच 3 दिसंबर से दिल्ली में खेला जाएगा।

पूरी सीरीज स्पिनरों की मददगार पिचों को लेकर विवादों के घेरे में रही। दक्षिण अफ्रीका ने हालांकि इसकी शिकायत नहीं की। शास्‍त्री ने कहा कि टेस्ट मैच तीन दिन के भीतर खत्म होने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा, "इसमें कोई बुराई नहीं है। नागपुर में टेस्ट मैच में मुकाबला बराबरी का था। इस मैच की पर्थ टेस्ट से तुलना करें तो मैं इस मैच को देखना चाहूंगा।

उन्होंने आगे कहा, "पिचों की आलोचना करने वालों को समझना चाहिए कि बल्लेबाज पिचों की वजह से नहीं बल्कि अपनी तकनीक की खामी के चलते आउट हुए हैं। इससे दिखता है कि क्रीज पर लंबे समय तक खड़े रहने की कला खत्म हो रही है। वनडे क्रिकेट ज्यादा खेलने से ऐसा हुआ है। इस तरह की पिचों पर खेलने से ही पता चलेगा कि क्रीज पर समय बिताना जरूरी है। जब आप हाशिम अमला और फैफ डु प्लेसिस को बल्लेबाजी करते देख रहे थे तो लगा होगा कि पिच में कोई खराबी नहीं है।"

टीम डायरेक्टर ने कहा, "इसी तरह की पिचों पर पहले बल्लेबाज शतक बनाते आए हैं क्योंकि वे इसके लिए तैयार रहते थे। संयम के साथ खेलने वाले बल्लेबाज इन पिचों पर अभी भी 80-90 रन यहां तक कि शतक बना सकते हैं। मुरली विजय जिस तरह से खेल रहा था, वह शतक बना सकता था। पिच में कोई दिक्कत नहीं है। दोनों टीमों के लिए पिच समान है। इस पिच पर 275 या 250 का स्कोर काफी था। इसकी शिकायत बंद करके अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।"

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